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Siddharthnagar News: कोटेदार पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप, प्राथमिकी
Thu, 22 Jan 2026 11:51 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 22 Jan 2026 11:51 PM IST
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गोरखपुर। शिवनगर डिड़ई थाना क्षेत्र के मसिना खास गांव निवासी कोटेदार पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में गोरखपुर में प्राथमिकी दर्ज हुई है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा है। कुछ ही साल में कोटेदार ने दो जमीन का बैनामा कराने के साथ आलीशान मकान भी बनवा लिया है।
बताया जा रहा है कि आय से अधिक संपत्ति के मामले में शिकायत हुई थी। मांगा गया जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। अब आगे की जांच में और खुलासा होने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के मसिना खास गांव के कोटेदार के रूप में सत्यभामा को वर्ष 2012 खुलीं बैठक के दौरान कोटेदार चुने गए। सूत्रों की मानें तो इस 13 सालों में गांव में तीन जगह जमीन बैनामा कराना और लंबा चौड़ा घर बनवाने से चर्चा में आए, जिसपर गांव के एक व्यक्ति द्वारा कोटेदार के ऊपर आय से अधिक संपत्ति रखने का आरोप लगाते हुए उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच कराने की मांग की। जांच में पाया गया कि सत्यभामा ने लोकसेवक के रूप में कार्यरत रहते हुए ज्ञात और वैध स्रोतों से कुल 56 लाख, 28 हजार, 591 रुपये की आय अर्जित की। इसी अवधि में उनके द्वारा परिसंपत्तियों के अर्जन और भरण-पोषण पर कुल 26 लाख, 76 हजार, 289 रुपये का खर्च किया गया। इससे आय और खर्च के बीच 29 लाख, 52 हजार, 302 रुपये का अनानुपातिक अंतर सामने आया। इस अंतर पर कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। ऐसे में सतर्कता अधिष्ठान ने प्रथम दृष्टया भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-1988 के तहत अपराधी मानते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर उत्तर प्रदेश शासन, सतर्कता अनुभाग-4 ने 1 दिसंबर 2025 को सत्यभामा के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर कार्रवाई का आदेश दिया।
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बताया जा रहा है कि आय से अधिक संपत्ति के मामले में शिकायत हुई थी। मांगा गया जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। अब आगे की जांच में और खुलासा होने की संभावना है।
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जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के मसिना खास गांव के कोटेदार के रूप में सत्यभामा को वर्ष 2012 खुलीं बैठक के दौरान कोटेदार चुने गए। सूत्रों की मानें तो इस 13 सालों में गांव में तीन जगह जमीन बैनामा कराना और लंबा चौड़ा घर बनवाने से चर्चा में आए, जिसपर गांव के एक व्यक्ति द्वारा कोटेदार के ऊपर आय से अधिक संपत्ति रखने का आरोप लगाते हुए उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच कराने की मांग की। जांच में पाया गया कि सत्यभामा ने लोकसेवक के रूप में कार्यरत रहते हुए ज्ञात और वैध स्रोतों से कुल 56 लाख, 28 हजार, 591 रुपये की आय अर्जित की। इसी अवधि में उनके द्वारा परिसंपत्तियों के अर्जन और भरण-पोषण पर कुल 26 लाख, 76 हजार, 289 रुपये का खर्च किया गया। इससे आय और खर्च के बीच 29 लाख, 52 हजार, 302 रुपये का अनानुपातिक अंतर सामने आया। इस अंतर पर कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। ऐसे में सतर्कता अधिष्ठान ने प्रथम दृष्टया भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-1988 के तहत अपराधी मानते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर उत्तर प्रदेश शासन, सतर्कता अनुभाग-4 ने 1 दिसंबर 2025 को सत्यभामा के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर कार्रवाई का आदेश दिया।
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