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Siddharthnagar News: एनओसी के पेच में अटका हाईवे का निर्माण
Thu, 13 Nov 2025 11:29 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 13 Nov 2025 11:29 PM IST
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शहर के उसका मार्ग पर स्थित परसा महापत्र के पास में पुलिया निमार्ण न होने के कारण रूका हुआ सड़क
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सिद्धार्थनगर। जिले की महराजगंज सीमा से उसका के रास्ते शहर होते हुए शोहरतगढ़ तक हो रहे हाईवे निर्माण में छह जगहों पर सिंचाई विभाग की एनओसी का रोड़ा अटक गया है। इस सड़क और बाईपास के बीच पड़ने वाली छह नहरों पर पुलिया निर्माण के लिए एनओसी मिलने के इंतजार में चार माह से काम ठप है।
सिंचाई विभाग लखनऊ में आवेदन लंबित है। एनओसी के मिलने के बाद इन स्थानों पर निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा। इनके साथ दो प्राकृतिक नालों पर बनने वाली पुलियों पर छूटे लगभग ढाई किमी से अधिक दूरी तक सड़क पर बिखरी गिट्टियां और गुबार से राहगीर हलकान हैं।
शहर से सनई होते हुए शोहरतगढ़ की तरफ बढ़ने पर धेंसा चौराहे पर स्थित नहर पुलिया के पास हाईवे की सड़क अधूरी पड़ी है। वहीं, उसके आगे और पीछे सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
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यहां डेढ़ सौ मीटर से अधिक दूरी तक सड़क पर बिखरी गिट्टियों के बीच वाहनों के गुजरने के दौरान उड़ रही धूल से बाइक सवार के साथ ही स्थानीय दुकानदारों को भी सांस लेने में परेशानी हो रही है। मौसम बदलने के साथ समस्या बढ़ गई है।
यहां सिंचाई विभाग की नहर पर नई पुलिया का निर्माण होना है। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर सिंचाई विभाग से एनओसी के लिए पत्र है। स्थानीय विभागीय अधिकारियों ने रिपोर्ट के साथ इसे लखनऊ उच्चाधिकारियों को भेज दिया है, लेकिन अब तक एनओसी नहीं मिल पाई है।
विभागीय जिम्मेदार जल्द ही एनओसी मिलने की बात कर रहे हैं। वहीं, एनओसी न मिलने से चार माह से एनएचएआई ने निर्माण कार्य बंद करा दिया है। अन्य स्थानों पर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। चिल्हिया बाईपास के निर्माण में भी रोड़ा : हाईवे निर्माण के तहत चिल्हिया में बनने वाले ढाई किमी लंबे बाईपास के रास्ते में भी सिंचाई विभाग की एक नहर पड़ेगी। यहां पर एनओसी मिलनी है, जिसके बाद ही यहां सड़क का निर्माण हो सकेगा। इसी तरह बानगंगा मेन कैनाल, छतहरी माइनर, धुसुरी, कपिया और नौगढ़ में सिरवत माइनर पर नई पुलिया का निर्माण होना है। एनओसी मिलने के बाद ही हाईवे की ओर से पुलिया और आसपास की सड़क का निर्माण हो सकेगा। तभी राहगीर वाहन चालकों और आसपास के मकान मालिकों और दुकानदारों को राहत मिल सकेगी।
प्राकृतिक नालों पर भी अधूरी है सड़क : शहर से उसका की तरफ बढ़ने पर बीच में परसा महापात्र के पास पकड़ी प्राकृतिक नाला और पकड़ी से आगे मधवापुर के पास नई पुलिया का निर्माण होना है। इसके चलते इन दोनों जगहों पर एक किमी से अधिक दूरी तक सड़क निर्माण नहीं हो सका है।
इससे यहां भी लोग बिखरी गिट्टियों और उड़ रहे गुबार के बीच होकर गुजरने को मजबूर है। पकड़ी चौराहे के दुकानदार मनोज राय कहते हैं कि जब भी बाइक से शहर या घर की तरफ जाना होता है तो धूल से पट जाते हैं और सांस लेने में भी दिक्कत होती है।
पांच सौ करोड़ रुपये से हो रहा निर्माण : एनएच-730 पर महराजगंज की सीमा से उसका बाजार व शहर होते हुए शोहरतगढ़ तक 32 किमी सड़क निर्माण के लिए 500 करोड़ रुपया स्वीकृत हुआ था। इसके तहत सड़क को 10 मीटर चौड़ा करने के साथ ही उसका बाजार में आठ और चिल्हिया में 2.5 किमी लंबे बाईपास का भी निर्माण होना था। तीन वर्ष से इस मार्ग पर सड़क निर्माण कार्य चल रहा है।
धीमी गति होने से कार्य के समय से पूर्ण होने में बाधा आ रही है। धेंसा के पास गिट्टी बिछाकर छोड़ देने से बाइक सवार और वाहन चालक गिट्टियों में फंसकर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।
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सिंचाई विभाग लखनऊ में आवेदन लंबित है। एनओसी के मिलने के बाद इन स्थानों पर निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा। इनके साथ दो प्राकृतिक नालों पर बनने वाली पुलियों पर छूटे लगभग ढाई किमी से अधिक दूरी तक सड़क पर बिखरी गिट्टियां और गुबार से राहगीर हलकान हैं।
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शहर से सनई होते हुए शोहरतगढ़ की तरफ बढ़ने पर धेंसा चौराहे पर स्थित नहर पुलिया के पास हाईवे की सड़क अधूरी पड़ी है। वहीं, उसके आगे और पीछे सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
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यहां डेढ़ सौ मीटर से अधिक दूरी तक सड़क पर बिखरी गिट्टियों के बीच वाहनों के गुजरने के दौरान उड़ रही धूल से बाइक सवार के साथ ही स्थानीय दुकानदारों को भी सांस लेने में परेशानी हो रही है। मौसम बदलने के साथ समस्या बढ़ गई है।
यहां सिंचाई विभाग की नहर पर नई पुलिया का निर्माण होना है। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर सिंचाई विभाग से एनओसी के लिए पत्र है। स्थानीय विभागीय अधिकारियों ने रिपोर्ट के साथ इसे लखनऊ उच्चाधिकारियों को भेज दिया है, लेकिन अब तक एनओसी नहीं मिल पाई है।
विभागीय जिम्मेदार जल्द ही एनओसी मिलने की बात कर रहे हैं। वहीं, एनओसी न मिलने से चार माह से एनएचएआई ने निर्माण कार्य बंद करा दिया है। अन्य स्थानों पर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। चिल्हिया बाईपास के निर्माण में भी रोड़ा : हाईवे निर्माण के तहत चिल्हिया में बनने वाले ढाई किमी लंबे बाईपास के रास्ते में भी सिंचाई विभाग की एक नहर पड़ेगी। यहां पर एनओसी मिलनी है, जिसके बाद ही यहां सड़क का निर्माण हो सकेगा। इसी तरह बानगंगा मेन कैनाल, छतहरी माइनर, धुसुरी, कपिया और नौगढ़ में सिरवत माइनर पर नई पुलिया का निर्माण होना है। एनओसी मिलने के बाद ही हाईवे की ओर से पुलिया और आसपास की सड़क का निर्माण हो सकेगा। तभी राहगीर वाहन चालकों और आसपास के मकान मालिकों और दुकानदारों को राहत मिल सकेगी।
प्राकृतिक नालों पर भी अधूरी है सड़क : शहर से उसका की तरफ बढ़ने पर बीच में परसा महापात्र के पास पकड़ी प्राकृतिक नाला और पकड़ी से आगे मधवापुर के पास नई पुलिया का निर्माण होना है। इसके चलते इन दोनों जगहों पर एक किमी से अधिक दूरी तक सड़क निर्माण नहीं हो सका है।
इससे यहां भी लोग बिखरी गिट्टियों और उड़ रहे गुबार के बीच होकर गुजरने को मजबूर है। पकड़ी चौराहे के दुकानदार मनोज राय कहते हैं कि जब भी बाइक से शहर या घर की तरफ जाना होता है तो धूल से पट जाते हैं और सांस लेने में भी दिक्कत होती है।
पांच सौ करोड़ रुपये से हो रहा निर्माण : एनएच-730 पर महराजगंज की सीमा से उसका बाजार व शहर होते हुए शोहरतगढ़ तक 32 किमी सड़क निर्माण के लिए 500 करोड़ रुपया स्वीकृत हुआ था। इसके तहत सड़क को 10 मीटर चौड़ा करने के साथ ही उसका बाजार में आठ और चिल्हिया में 2.5 किमी लंबे बाईपास का भी निर्माण होना था। तीन वर्ष से इस मार्ग पर सड़क निर्माण कार्य चल रहा है।
धीमी गति होने से कार्य के समय से पूर्ण होने में बाधा आ रही है। धेंसा के पास गिट्टी बिछाकर छोड़ देने से बाइक सवार और वाहन चालक गिट्टियों में फंसकर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।