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Siddharthnagar News: व्यावसायिक बकरी पालन प्रशिक्षण संपन्न, किसानों को आधुनिक तकनीक की दी जानकारी

Fri, 07 Aug 2026 11:27 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Fri, 07 Aug 2026 11:27 PM IST
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Siddharthnagar News: Commercial goat farming training concludes; farmers briefed on modern techniques
भवानीगंज। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) सोहना में शुक्रवार को व्यावसायिक बकरी पालन विषय पर आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया। प्रशिक्षण में किसानों को आधुनिक बकरी पालन, रोग प्रबंधन, संतुलित आहार और सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर इसे स्वरोजगार का बेहतर माध्यम बनाने पर जोर दिया गया।
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कार्यक्रम के प्रशिक्षक एवं पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. सुनील सिंह ने कहा कि बकरी को चलता-फिरता एटीएम और गरीबों की गाय कहा जाता है, क्योंकि कम लागत और न्यूनतम संसाधनों में इसका पालन कर अच्छा लाभ कमाया जा सकता है। उन्होंने संतुलित आहार प्रबंधन, वैज्ञानिक आवास व्यवस्था, विभिन्न नस्लों की पहचान, रोग एवं व्याधियों की रोकथाम तथा पशुपालन से संबंधित सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। किसानों को वैज्ञानिक तरीके अपनाकर आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।
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समापन अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार ने कहा कि बकरी पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बकरी के दूध के पोषण व औषधीय गुणों की जानकारी देते हुए किसानों से इसे व्यवसाय के रूप में अपनाने की अपील की।
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वैज्ञानिक कृषि अभियांत्रिकी ई. अशोक कुमार पांडेय ने कहा कि बकरी के प्रमुख रोगों की समय पर पहचान और उचित प्रबंधन से आर्थिक नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है। वहीं, कृषि प्रसार वैज्ञानिक डॉ. शेष नारायण सिंह ने तकनीकी हस्तांतरण और पशुपालन के प्रसार पर प्रकाश डाला।
बीज प्रौद्योगिकी वैज्ञानिक श्रीप्रकाश सिंह ने पशुधन प्रबंधन, मृदा विज्ञान वैज्ञानिक डॉ. प्रवेश कुमार ने चारा उत्पादन के लिए मृदा परीक्षण, संतुलित उर्वरक और सूक्ष्म पोषक तत्वों के महत्व की जानकारी दी। उद्यान वैज्ञानिक डॉ. प्रवीण कुमार मिश्र ने उद्यान फसलों के माध्यम से बकरियों के पोषण प्रबंधन पर किसानों को सुझाव दिए। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के 15 किसानों ने भाग लिया।

इनमें अजीत, सेतुराम, रामसजीवन, अमरेंद्र, सारीम और सर्वजीत सहित अन्य प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर वैज्ञानिक पद्धति से बकरी पालन करने का संकल्प लिया।
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