{"_id":"6942f00f9511d671940c74aa","slug":"siddharthnagar-news-big-game-in-the-supply-chain-discrepancy-in-matching-the-register-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-150077-2025-12-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: सप्लाई चेन में बड़ा खेल...रजिस्टर के मिलान में गड़बड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: सप्लाई चेन में बड़ा खेल...रजिस्टर के मिलान में गड़बड़ी
Wed, 17 Dec 2025 11:31 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 17 Dec 2025 11:31 PM IST
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। कोडिंग कफ सिरप मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ परत दर परत मामला खुल रहा है। डुमरियागंज थाने में दर्ज प्राथमिकी की जांच के दौरान रजिस्टर के मिलान में गंभीर अनियमितता मिली है। सूत्रों की मानें तो इससे सप्लाई चेन में बड़े खेल की आशंका गहराती जा रही है। डुमरियागंज से जुड़ा यह मामला अब सिर्फ एक दुकान या एक खेप तक सीमित नहीं दिख रहा बल्कि इसके तार कई ठिकानों और लोगों से जुड़ रहे हैं। पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़कर सरगनाओं तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।
सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान जब दवा दुकानों के रजिस्टर खंगाले गए तो कई प्रविष्टियां संदिग्ध पाई गईं। कुछ जगहों पर कफ सिरप की आपूर्ति का इंडेंट ही दर्ज नहीं मिला जबकि स्टॉक में दवा का आना दिखाया गया है। वहीं, कुछ रजिस्टरों में बिक्री का विवरण अधूरा या कटा-फटा मिला है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि कागजों में हेरफेर कर अवैध सप्लाई को वैध दिखाने की कोशिश की गई। इसी कड़ी में पुलिस अब सप्लाई चेन के सुराग तलाश कर रही है। थोक विक्रेताओं से लेकर ट्रांसपोर्ट तक की जानकारी तलब की जा रही है।
रजिस्टर में इंडेंट दर्ज नहीं, फिर भी स्टॉक की एंट्री: जहरीला सिरप के पीने से राजस्थान और मध्यप्रदेश में बच्चों के मौत के बाद मामले की जांच शुरु हुई। इसमें डुमरियागंज में कफ सिरप की सप्लाई के मामले में पहले ही मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार अब रजिस्टर में सामने आई खामियों के बाद जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे रिकॉर्ड की बारीकी से जांच होगी, वैसे-वैसे और नाम सामने आएंगे।
विज्ञापन
शुरुआती साक्ष्य यह भी इशारा कर रहे हैं कि सप्लाई तय मानकों और नियमों को ताक पर रखकर की गई। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि जांच में रजिस्टर में इंडेंट दर्ज नहीं, फिर भी स्टॉक की एंट्री की गई है। वहीं बिक्री और आपूर्ति का पूरा विवरण गायब है। सप्लाई चेन में बिचौलियों की संदिग्ध भूमिका भी पाई गई है। जांच में पुलिस को एक ही खेप के अलग-अलग रिकॉर्ड मिले हैं, जिससे जांच का दायरा आगे बढ़ने पर और लोगों के इसके जद में आने की संभावना है।
इस संबंध में औषधि निरीक्षक नवीन कुमार ने बताया कि मामले में डुमरियागंज पुलिस को तहरीर देकर आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ बीते माह 20 नवंबर को ही प्राथमिकी दर्ज करा दी गई थी। मामले में पुलिस विवेचना कर रही है। इसकी डिटेल पुलिस से ही प्राप्त हो सकती है।
वहीं, इस संबंध में डुमरियागंज थाने के प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश यादव ने बताया कि औषधि निरीक्षक ने पुलिस को जो तहरीर दी थी उसमें एक दवा (सिरप) की क्षमता से अधिक बिक्री की गई है। कोई दवा सील करने का उल्लेख तहरीर में नहीं था। मामले की विवेचना एसआई मनोज कुमार पटेल कर रहे है।
एसआई मनोज कुमार पटेल ने बताया कि मामले की विवेचना तेजी से चल रही है। मामले में साक्ष्यों का संकलन किया जा रहा है। मंगलवार को एसआईटी की वर्चुअल मीटिंग में उच्चाधिकारियों की तरफ से आवश्यक दिशा निर्देश जांच प्रकिया को लेकर दिए गए हैं।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान जब दवा दुकानों के रजिस्टर खंगाले गए तो कई प्रविष्टियां संदिग्ध पाई गईं। कुछ जगहों पर कफ सिरप की आपूर्ति का इंडेंट ही दर्ज नहीं मिला जबकि स्टॉक में दवा का आना दिखाया गया है। वहीं, कुछ रजिस्टरों में बिक्री का विवरण अधूरा या कटा-फटा मिला है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि कागजों में हेरफेर कर अवैध सप्लाई को वैध दिखाने की कोशिश की गई। इसी कड़ी में पुलिस अब सप्लाई चेन के सुराग तलाश कर रही है। थोक विक्रेताओं से लेकर ट्रांसपोर्ट तक की जानकारी तलब की जा रही है।
विज्ञापन
रजिस्टर में इंडेंट दर्ज नहीं, फिर भी स्टॉक की एंट्री: जहरीला सिरप के पीने से राजस्थान और मध्यप्रदेश में बच्चों के मौत के बाद मामले की जांच शुरु हुई। इसमें डुमरियागंज में कफ सिरप की सप्लाई के मामले में पहले ही मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार अब रजिस्टर में सामने आई खामियों के बाद जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे रिकॉर्ड की बारीकी से जांच होगी, वैसे-वैसे और नाम सामने आएंगे।
विज्ञापन
शुरुआती साक्ष्य यह भी इशारा कर रहे हैं कि सप्लाई तय मानकों और नियमों को ताक पर रखकर की गई। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि जांच में रजिस्टर में इंडेंट दर्ज नहीं, फिर भी स्टॉक की एंट्री की गई है। वहीं बिक्री और आपूर्ति का पूरा विवरण गायब है। सप्लाई चेन में बिचौलियों की संदिग्ध भूमिका भी पाई गई है। जांच में पुलिस को एक ही खेप के अलग-अलग रिकॉर्ड मिले हैं, जिससे जांच का दायरा आगे बढ़ने पर और लोगों के इसके जद में आने की संभावना है।
इस संबंध में औषधि निरीक्षक नवीन कुमार ने बताया कि मामले में डुमरियागंज पुलिस को तहरीर देकर आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ बीते माह 20 नवंबर को ही प्राथमिकी दर्ज करा दी गई थी। मामले में पुलिस विवेचना कर रही है। इसकी डिटेल पुलिस से ही प्राप्त हो सकती है।
वहीं, इस संबंध में डुमरियागंज थाने के प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश यादव ने बताया कि औषधि निरीक्षक ने पुलिस को जो तहरीर दी थी उसमें एक दवा (सिरप) की क्षमता से अधिक बिक्री की गई है। कोई दवा सील करने का उल्लेख तहरीर में नहीं था। मामले की विवेचना एसआई मनोज कुमार पटेल कर रहे है।
एसआई मनोज कुमार पटेल ने बताया कि मामले की विवेचना तेजी से चल रही है। मामले में साक्ष्यों का संकलन किया जा रहा है। मंगलवार को एसआईटी की वर्चुअल मीटिंग में उच्चाधिकारियों की तरफ से आवश्यक दिशा निर्देश जांच प्रकिया को लेकर दिए गए हैं।