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Siddharthnagar News: बीएसए को भी दे रखी थी वेतन बहाल करने की अर्जी

Fri, 17 Oct 2025 12:09 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 17 Oct 2025 12:09 AM IST
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Siddharthnagar News: An application for reinstatement of salary was also given to BSA
इटवा। प्राथमिक विद्यालय भदोखर भदोखरी में तैनात शिक्षक शोकेंद्र यादव ने रोके गए वेतन की बहाली के लिए पिछले माह 25 सितंबर को बीएसए को प्रार्थना पत्र देकर वेतन बहाली की मांग की थी। इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई और आखिरकार बुधवार को उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया। बीएसए को दिए प्रार्थना पत्र में बताया था कि बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र नहीं बनने के कारण अग्रिम आदेश तक वेतन रोका गया था। नौ सितंबर को चार बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र का आवेदन बीआरसी इटवा जमा कर दिया। इसके बाद बचे आठ आवेदन पत्र 24 सितंबर को जमा कर कार्य पूरा कर दिया। इसके बाद भी वेतन बहाल नहीं किया गया। ऐसे में कहीं न कहीं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध लगती है। फिलहाल मामला सामने आने के बाद डीएम ने जांच कमेटी गठित कर दी है।
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पहले भी विवादों में रहे हैं बीईओ
बीईओ भनवापुर राजेश कुमार के पास इटवा ब्लाॅक का भी चार्ज है वह पहले भी विवादों में रहे हैं। बीते 10 जुलाई को वायरल हुए एक फोटो में अपनी निजी गाड़ी के बोनट पर उत्तर प्रदेश सरकार लिखी प्लेट पर अपना पैर रखकर बैठे नजर आए थे। यह फोटो काफी चर्चा में रहा हालांकि बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अब इन्हीं की प्रताड़ना से एक शिक्षक ने विषाक्त पदार्थ खा कर जान देने की कोशिश की है।
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शिक्षक नेता बोले : राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के महामंत्री पंकज त्रिपाठी ने पढ़ाने के अलावा शिक्षकों से अन्य कार्य कराए जाने की सरकार के आदेशों की आलोचना करते हुए कहा कि आधार कार्ड बनवाने का कार्य हम शिक्षकों का नहीं है बल्कि बच्चों के अभिभावकों का है।
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आधार कार्ड की फीडिंग के न होने से बीईओ को वेतन बाधित नहीं करना चाहिए था। वहीं वेतन बाधित किए जाने से शिक्षक को भी यह कदम नहीं उठाना चाहिए था बल्कि वेतन रोकने की जानकारी शिक्षक नेताओं को देनी चाहिए थी। हम लोग आखिर किस बात के शिक्षक नेता हैं। उन्होंने सीएचसी पर सरकारी एम्बुलेंस के न होने पर शिक्षक को प्राइवेट एंबुलेंस से भेजने पर स्वास्थ्य विभाग की भी आलोचना की।
वहीं, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने मेडिकल कॉलेज में शिक्षक को देखने के दौरान बताया कि बीईओ के उत्पीड़न से शिक्षक ने ऐसा कदम उठाया है। बीईओ पर कार्रवाई करने के साथ जांच बैठाई जानी चाहिए। अगर न्याय नहीं मिलेगा तो संगठन आगे कदम बढ़ाएगा।
मेडिकल कॉलेज पहुंचे बीएसए पीड़ित शिक्षक के मेडिकल कॉलेज रेफर किए जाने की जानकारी मिलते ही बीएसए शैलेश कुमार मेडिकल कॉलेज पहुंचे। हालचाल लेने के साथ ही काफी समय तक रुक रहे। इस दौरान संगठन से जुड़े शिक्षकों को आना-जाना शुरु हो गया।

वहीं, मामले की जानकारी मिलते ही प्रभारी सीएमएस डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी पीड़ित शिक्षक के पास पहुंचे। यहां दवा और इलाज के बारे में जानकारी लेने के साथ ही ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर को अच्छी तरह से इलाज कराने के लिए निर्देशित किया। वहीं, सपा जिलाध्यक्ष लालजी यादव भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए बीएसए और बीईओ पर सवाल उठाया और दाेषियों पर कार्रवाई करने की बात कही।
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