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Siddharthnagar News: चीनी के बाद प्याज के दामों में लगी आग, सलाद से सब्जियों तक बिगड़ा स्वाद
Mon, 24 Aug 2026 10:37 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 24 Aug 2026 10:37 PM IST
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- एक सप्ताह के भीतर 10 से 15 रुपये किलो महंगी हुई प्याज, रसोई का बजट बिगड़ने से आम लोग परेशान
सकारपार। महंगाई की मार झेल रहे आम लोगों को अब प्याज के बढ़ते दामों ने भी परेशान करना शुरू कर दिया है। चीनी के दामों में बढ़ोतरी के बाद अब प्याज की कीमतों में अचानक उछाल आने से रसोई का बजट बिगड़ने लगा है। सलाद की प्लेट हो या फिर सब्जी का तड़का, प्याज के बिना स्वाद अधूरा माना जाता है लेकिन बढ़ती कीमतों ने लोगों को प्याज की खपत कम करने पर मजबूर कर दिया है।
व्यापारियों के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले प्याज का थोक भाव 2800 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास था। अचानक दाम बढ़ने के बाद अब यही प्याज 3800 से 4500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। यानी थोक बाजार में एक सप्ताह के भीतर करीब 1000 से 1500 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा असर फुटकर बाजार पर पड़ा है और उपभोक्ताओं को प्याज के लिए पहले की तुलना में करीब 10 से 15 रुपये प्रति किलो अधिक खर्च करने पड़ रहे हैं। यही कारण है कि उपभोक्ता इस समय दोहरी मार झेल रहे हैं।
हाल ही में चीनी के बढ़े दामों से उपभोक्ता आर्थिक रूप से परेशान थे ही कि अचानक प्याज के दामों में हुई बढ़ोतरी ने दोहरा घाव दे दिया है। इससे बाजार जाने पर ग्राहकों की जेब ढीली हो रही है। अब ग्राहकों के लिए रसोई का बजट मेंटेन करने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। महंगाई की मार से मध्यमवर्गीय लोग सबसे अधिक परेशान हो रहे हैं।
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बारिश बनी प्याज की महंगाई की वजह
प्याज व्यापारियों का कहना है कि इस समय लगातार बारिश के कारण प्याज की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इन क्षेत्रों से बांसी सहित आसपास के बाजारों में प्याज की आवक होती है, वहां कई स्थानों पर गोदामों में रखा प्याज बारिश और नमी के कारण खराब होकर सड़ गया। इससे मंडियों में अच्छी गुणवत्ता वाली प्याज की उपलब्धता कम हो गई है। मांग के मुकाबले आपूर्ति कम होने का असर सीधे कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
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मध्यम वर्ग की रसोई पर बढ़ा बोझ
प्याज के दाम बढ़ने का सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग के परिवारों पर पड़ रहा है। पहले से ही खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के बीच प्याज के महंगे होने से गृहिणियों का रसोई का बजट प्रभावित होने लगा है। सब्जी, दाल, चटनी और सलाद में इस्तेमाल होने वाली प्याज की मात्रा कम करने के साथ लोग सस्ती सब्जियों का विकल्प तलाश रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ने से घरेलू खर्च संभालना मुश्किल होता जा रहा है। लोगों को उम्मीद है कि प्याज की आवक बढ़ने के बाद कीमतों में राहत मिलेगी, लेकिन फिलहाल व्यापारियों की मानें तो निकट भविष्य में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना बनी हुई है।
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बोले व्यवसायी
बारिश अधिक होने के कारण जहां से प्याज आता है, वहां कई गोदामों में रखा प्याज सड़ गया है। इससे वहां की मंडियों में प्याज कम मात्रा में उपलब्ध हो रही है। इसी वजह से प्याज के दाम में अचानक उछाल आया है। अभी दामों में नियंत्रण होने के कोई आसार नहीं हैं। दाम बढ़ भी सकता है और घट भी सकता है।
- सद्दाम, प्याज व्यवसायी, बांसी
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कई शहरों में प्याज की मांग अचानक बढ़ गई है। वहीं कई किसानों का प्याज बारिश की वजह से खराब हो गया है। ऐसी स्थिति में किसान मंडियो में प्याज कम पहुंचा पा रहे हैं। इन दोनों कारणों से अचानक दामों में उछाल आया है। अगर ऐसी स्थिति बनी रही तो अभी प्याज के दामों में और बढ़ोतरी होने की संभावना है।
- गुफरान अहमद, प्याज व्यवसाई, बांसी
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बोली गृहणी
प्याज के दाम अचानक बढ़ने से घर का बजट प्रभावित हो गया है। पहले जहां सब्जी और सलाद में पर्याप्त मात्रा में प्याज इस्तेमाल कर लेते थे, वहीं अब कीमत बढ़ने के कारण मात्रा कम करनी पड़ रही है। रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के दाम पहले ही बढ़े हुए हैं, ऐसे में प्याज की महंगाई ने परेशानी और बढ़ा दी है।
ऊषा देवी, गृहिणी
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प्याज के दाम में एक सप्ताह में इतनी तेजी से बढ़ोतरी होना चिंता की बात है। रसोई में प्याज का इस्तेमाल लगभग हर सब्जी में होता है। दाम बढ़ने के कारण अब सब्जी बनाते समय प्याज का हिसाब लगाना पड़ रहा है। सरकार को बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए।
संगीता, गृहिणी
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सकारपार। महंगाई की मार झेल रहे आम लोगों को अब प्याज के बढ़ते दामों ने भी परेशान करना शुरू कर दिया है। चीनी के दामों में बढ़ोतरी के बाद अब प्याज की कीमतों में अचानक उछाल आने से रसोई का बजट बिगड़ने लगा है। सलाद की प्लेट हो या फिर सब्जी का तड़का, प्याज के बिना स्वाद अधूरा माना जाता है लेकिन बढ़ती कीमतों ने लोगों को प्याज की खपत कम करने पर मजबूर कर दिया है।
व्यापारियों के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले प्याज का थोक भाव 2800 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास था। अचानक दाम बढ़ने के बाद अब यही प्याज 3800 से 4500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। यानी थोक बाजार में एक सप्ताह के भीतर करीब 1000 से 1500 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा असर फुटकर बाजार पर पड़ा है और उपभोक्ताओं को प्याज के लिए पहले की तुलना में करीब 10 से 15 रुपये प्रति किलो अधिक खर्च करने पड़ रहे हैं। यही कारण है कि उपभोक्ता इस समय दोहरी मार झेल रहे हैं।
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हाल ही में चीनी के बढ़े दामों से उपभोक्ता आर्थिक रूप से परेशान थे ही कि अचानक प्याज के दामों में हुई बढ़ोतरी ने दोहरा घाव दे दिया है। इससे बाजार जाने पर ग्राहकों की जेब ढीली हो रही है। अब ग्राहकों के लिए रसोई का बजट मेंटेन करने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। महंगाई की मार से मध्यमवर्गीय लोग सबसे अधिक परेशान हो रहे हैं।
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बारिश बनी प्याज की महंगाई की वजह
प्याज व्यापारियों का कहना है कि इस समय लगातार बारिश के कारण प्याज की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इन क्षेत्रों से बांसी सहित आसपास के बाजारों में प्याज की आवक होती है, वहां कई स्थानों पर गोदामों में रखा प्याज बारिश और नमी के कारण खराब होकर सड़ गया। इससे मंडियों में अच्छी गुणवत्ता वाली प्याज की उपलब्धता कम हो गई है। मांग के मुकाबले आपूर्ति कम होने का असर सीधे कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
मध्यम वर्ग की रसोई पर बढ़ा बोझ
प्याज के दाम बढ़ने का सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग के परिवारों पर पड़ रहा है। पहले से ही खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के बीच प्याज के महंगे होने से गृहिणियों का रसोई का बजट प्रभावित होने लगा है। सब्जी, दाल, चटनी और सलाद में इस्तेमाल होने वाली प्याज की मात्रा कम करने के साथ लोग सस्ती सब्जियों का विकल्प तलाश रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ने से घरेलू खर्च संभालना मुश्किल होता जा रहा है। लोगों को उम्मीद है कि प्याज की आवक बढ़ने के बाद कीमतों में राहत मिलेगी, लेकिन फिलहाल व्यापारियों की मानें तो निकट भविष्य में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना बनी हुई है।
बोले व्यवसायी
बारिश अधिक होने के कारण जहां से प्याज आता है, वहां कई गोदामों में रखा प्याज सड़ गया है। इससे वहां की मंडियों में प्याज कम मात्रा में उपलब्ध हो रही है। इसी वजह से प्याज के दाम में अचानक उछाल आया है। अभी दामों में नियंत्रण होने के कोई आसार नहीं हैं। दाम बढ़ भी सकता है और घट भी सकता है।
- सद्दाम, प्याज व्यवसायी, बांसी
कई शहरों में प्याज की मांग अचानक बढ़ गई है। वहीं कई किसानों का प्याज बारिश की वजह से खराब हो गया है। ऐसी स्थिति में किसान मंडियो में प्याज कम पहुंचा पा रहे हैं। इन दोनों कारणों से अचानक दामों में उछाल आया है। अगर ऐसी स्थिति बनी रही तो अभी प्याज के दामों में और बढ़ोतरी होने की संभावना है।
- गुफरान अहमद, प्याज व्यवसाई, बांसी
बोली गृहणी
प्याज के दाम अचानक बढ़ने से घर का बजट प्रभावित हो गया है। पहले जहां सब्जी और सलाद में पर्याप्त मात्रा में प्याज इस्तेमाल कर लेते थे, वहीं अब कीमत बढ़ने के कारण मात्रा कम करनी पड़ रही है। रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के दाम पहले ही बढ़े हुए हैं, ऐसे में प्याज की महंगाई ने परेशानी और बढ़ा दी है।
ऊषा देवी, गृहिणी
प्याज के दाम में एक सप्ताह में इतनी तेजी से बढ़ोतरी होना चिंता की बात है। रसोई में प्याज का इस्तेमाल लगभग हर सब्जी में होता है। दाम बढ़ने के कारण अब सब्जी बनाते समय प्याज का हिसाब लगाना पड़ रहा है। सरकार को बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए।
संगीता, गृहिणी