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Siddharthnagar News: हरितालिका तीज पर दिखी परंपरा और आधुनिकता की झलक

Tue, 15 Sep 2026 12:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Tue, 15 Sep 2026 12:00 AM IST
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Siddharthnagar News: A blend of tradition and modernity witnessed on Hartalika Teej
हरितालिका तीज पर सिंहेश्वरी मंदिर परिसर में स्थित शिव मंदिर पर दीप जलती हुई महिलाएं। संवाद
- पूजा-अर्चना कर शिव-पार्वती से मांगा अखंड सौभाग्य, नई पीढ़ी में भी पर्व को लेकर उत्साह
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- तीज पर महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत, पति की लंबी उम्र की कामना
शोहरतगढ़। हरितालिका तीज पर सुहागिन महिलाओं ने बुधवार को निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। व्रत में परंपरा और आधुनिकता की झलक देखने को मिला। पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य की कामना कर महिलाएं सज-धजकर मंदिरों और पूजा स्थलों पर पहुंचीं। वहां शिव-पार्वती की पूजा के साथ तीज की कथा सुनी और लोकगीत गाए।
तीज को लेकर महिलाओं में सुबह से ही उत्साह रहा। महिलाओं ने नए वस्त्र पहनकर सोलह शृंगार किया। हाथों में मेहंदी रचाई और पूजा की तैयारी की। कई स्थानों पर मिट्टी से शिव-पार्वती की प्रतिमा बनाकर पूजा-अर्चना की गई। वहीं, घरों में तीज के पारंपरिक पकवान भी तैयार किए गए।
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समय के साथ तीज मनाने के तौर-तरीकों में बदलाव भी आया है। पुरानी पीढ़ी की महिलाएं निर्जल और निराहार व्रत रखने के साथ घर में मिट्टी या बालू से शिव-पार्वती की प्रतिमा बनाकर पूजा करती थीं। रातभर जागरण और लोकगीत गाने की भी परंपरा रही है। व्रत के लिए ठेकुआ, गुजिया समेत अन्य पकवान घर में तैयार किए जाते थे।
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वहीं, नई पीढ़ी की महिलाएं भी परंपरा को निभा रही हैं लेकिन व्यस्त जीवनशैली के कारण पूजा के तौर-तरीकों में कुछ बदलाव आया है। कई महिलाएं स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए फलाहार या जलाहार करती हैं। समय की कमी के कारण बाजार से बनी-बनाई प्रतिमाएं और पकवान भी खरीदे जा रहे हैं। महिलाएं परिवार और सहेलियों के साथ मिलकर पूजा-अर्चना करती हैं। मोबाइल से पूजा और पर्व की तस्वीरें भी साझा की जा रही हैं। मान्यता के अनुसार कुंआरी युवतियां भी हरितालिका तीज का व्रत रखती हैं। वे भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर मनचाहा वर पाने की कामना करती हैं।

बोलीं व्रत रखने वाली महिलाएं
यह व्रत श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है। निर्जल व्रत रखकर दिन-रात शिव-पार्वती की आराधना की जाती है। पति और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना से यह व्रत रखा जाता है।

प्रभावती देवी उपाध्याय

तीज केवल व्रत नहीं बल्कि हमारी आस्था और संस्कृति से जुड़ा पर्व है। माता पार्वती ने भगवान भोलेनाथ को पाने के लिए कठोर तप किया था। उसी श्रद्धा से हम अपने सुहाग की रक्षा और पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखकर पूजा करती हैं।
रितु उपाध्याय

इस बार पहली बार हरितालिका तीज का व्रत रखा है। व्रत को लेकर कई दिनों से तैयारी कर रही थी। त्याग और निष्ठा के इस पर्व को लेकर काफी उत्साह है।
प्रियंका गुप्ता
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