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Siddharthnagar News: अप्रैल तक पूरी होगी शोध पात्रता परीक्षा
Tue, 19 Dec 2023 02:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 19 Dec 2023 02:14 AM IST
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सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में शोध पात्रता परीक्षा अप्रैल तक पूरी करने की समय सीमा निर्धारित की गई है। हालांकि, जनवरी अंतिम या फरवरी में परीक्षा हो सकती है। बीते दो सत्रों में शोध पात्रता परीक्षा आयोजित नहीं होने के कारण विश्वविद्यालय परिक्षेत्र के छह जिलों के अलावा अन्य जिलों के छात्र-छात्राओं को भी परीक्षा की तिथि घोषित होने का बेसब्री से इंतजार है। सितंबर में परीक्षा प्रस्तावित थी, लेकिन इसमें तिथियां आगे बढ़ती जा रही है।
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय एवं वित्तीय सहायता प्राप्त छह जिलों के 11 महाविद्यालयों में शोध पात्रता परीक्षा होनी है। इसके लिए शोध कराने वाले गाइड के चयन की प्रक्रिया अभी अधूरी है। नए अध्यादेश के अनुसार सभी विभागों में विभागीय शोध समिति के माध्यम से रिक्त पदों का निर्धारण करना है। विभागीय शोध समितियों के गठन के बावजूद भी रिक्त पदों की सूची नहीं बनाई जा सकी है।
सिद्धार्थनगर विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में 2020-21 एवं 2021-22 में शोध पात्रता परीक्षा नहीं हुई, जबकि 2022-23 में परीक्षा में देर हो रही है। सितंबर में परीक्षा कराना प्रस्तावित था, लेकिन अब तक इसकी तैयारियां अधूरी हैं। हालांकि, शोध पात्रता परीक्षा के समन्वयक प्रो. हरीश कुमार शर्मा ने बताया कि
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यूजीसी के नियमों के अनुसार विश्वविद्यालय ने नया अध्यादेश बनाया है। इस परीक्षा को अप्रैल तक पूरा करना है। जल्द ही विभागीय शोध समितियों की रिपोर्ट प्राप्त की जाएगी। उसके बाद रिक्त पदों के अनुसार परीक्षा की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। जनवरी में परीक्षा कराई जा सकती है।
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सिद्धार्थ विश्वविद्यालय एवं वित्तीय सहायता प्राप्त छह जिलों के 11 महाविद्यालयों में शोध पात्रता परीक्षा होनी है। इसके लिए शोध कराने वाले गाइड के चयन की प्रक्रिया अभी अधूरी है। नए अध्यादेश के अनुसार सभी विभागों में विभागीय शोध समिति के माध्यम से रिक्त पदों का निर्धारण करना है। विभागीय शोध समितियों के गठन के बावजूद भी रिक्त पदों की सूची नहीं बनाई जा सकी है।
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सिद्धार्थनगर विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में 2020-21 एवं 2021-22 में शोध पात्रता परीक्षा नहीं हुई, जबकि 2022-23 में परीक्षा में देर हो रही है। सितंबर में परीक्षा कराना प्रस्तावित था, लेकिन अब तक इसकी तैयारियां अधूरी हैं। हालांकि, शोध पात्रता परीक्षा के समन्वयक प्रो. हरीश कुमार शर्मा ने बताया कि
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यूजीसी के नियमों के अनुसार विश्वविद्यालय ने नया अध्यादेश बनाया है। इस परीक्षा को अप्रैल तक पूरा करना है। जल्द ही विभागीय शोध समितियों की रिपोर्ट प्राप्त की जाएगी। उसके बाद रिक्त पदों के अनुसार परीक्षा की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। जनवरी में परीक्षा कराई जा सकती है।