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दीपोत्सव : दीयों की रोशनी से जगमग होंगे शहर-गांव
Sat, 11 Nov 2023 10:53 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 11 Nov 2023 10:53 PM IST
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जिले में आस्था व उत्साह पूर्वक मनाई जाएगी दीपावली
दीपावली की पूर्व संध्या पर रंग बिरंगी झालरों से रोशन हो गया शहर
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। शहर में रविवार को आस्था और उत्साह पूर्वक दीपावली मनाई जाएगी। दीयों और रंग-बिरंगी झालरें जलेंगी तो शहर से गांव तक सत्य के विजय की प्रतीक रोशनी चहुंओर नजर आएगी। घरों व प्रतिष्ठानों में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा होगी। प्रभु श्रीराम की आरती व पूजन के बाद दीये जलाएं जाएंगे।
आचार्य अच्युत रामानुजाचार्य ने बताया कि दीपावली धन व समृद्धि का त्योहार है। गृहस्थ को हमेशा कमलासन पर विराजमान लक्ष्मी की पूजन करनी चाहिए। घर में इशान कोण में कमलासन पर मिट्टी या चांदी की लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित कर श्रीयंत्र के साथ पूजन व जाप करना चाहिए। इससे चंचल लक्ष्मी स्थिर होती है। दीपावली पर देवी लक्ष्मी के साथ दंत मंगलमूर्ति गणपति की पूजा की जाती है। पूजन स्थल पर लक्ष्मी व गणेश के पीछे शुभ-लाभ लिखना चाहिए। बीच में स्वास्तिक का चिह्न बनाया जाता है। लक्ष्मी की पूजा से पहले भगवान गणेश की फूल अक्षत, दूब, पान, सुपारी, और मोदक, मिष्ठान से पूजा की जाती है।
इसके बाद देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। देवी लक्ष्मी इस रात अपनी बहन दरिद्रा के साथ भूलोक पर आती हैं। जहां साफ-सफाई रहती है। वहां मां लक्ष्मी कदम रखती हैं। जहां सफाई नहीं होती है। वहां दरिद्रा डेरा जमा लेती है।
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गेंदा-फूल की माला की बिक्री खूब हुई
शहर में दुर्गा मंदिर पर गेंदा फूल की माला की बिक्री खूब हुई। 25 रुपये से लेकर 50 रुपये तक माला की बिक्री हुई। शहर में सिद्धार्थ तिराहे के रेलवे क्राॅसिंग के पास गेंदा फूल की दुकानें खूब लगी हैं। पूजा के लिए लोग फूल और माला खरीदें। कुछ लोगों ने फूल खरीदा और उन्हें नेपाल भेजा, क्योंकि वहां भी दीपावली की पूजा में फूल का विशेष महत्व है।
दीपावली पूजन मुहूर्त
आचार्य योगेश पांडेय ने बताया कि अमावस्या तिथि के दिन दिवाली का पर्व मनाया जाता है। इस बार अमावस्या तिथि का आरंभ 12 नवंबर को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट से हो रहा है और अगले दिन 13 नवंबर को दोपहर 2 बजकर 41 मिनट तक रहेगी। दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व है।
दीपावली में लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त 12 नवंबर को प्रदोष काल पूजन मुहूर्त : शाम में 5 बजकर 26 मिनट से 8 बजकर 08 मिनट तक है। 12 नवंबर स्थिरलग्न वृषभ लग्न : शाम में 5 बजकर 44 मिनट से 7 बजकर 40 मिनट तक है। सिंह लग्न-रात में 12 बजकर 12 मिनट से 2 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। दीपावली के दिन यानी 12 नवंबर को चौघड़िया मुहूर्त : दोपहर में 2 बजकर 44 मिनट से 2 बजकर 47 मिनट तक है।
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दीपावली की पूर्व संध्या पर रंग बिरंगी झालरों से रोशन हो गया शहर
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। शहर में रविवार को आस्था और उत्साह पूर्वक दीपावली मनाई जाएगी। दीयों और रंग-बिरंगी झालरें जलेंगी तो शहर से गांव तक सत्य के विजय की प्रतीक रोशनी चहुंओर नजर आएगी। घरों व प्रतिष्ठानों में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा होगी। प्रभु श्रीराम की आरती व पूजन के बाद दीये जलाएं जाएंगे।
आचार्य अच्युत रामानुजाचार्य ने बताया कि दीपावली धन व समृद्धि का त्योहार है। गृहस्थ को हमेशा कमलासन पर विराजमान लक्ष्मी की पूजन करनी चाहिए। घर में इशान कोण में कमलासन पर मिट्टी या चांदी की लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित कर श्रीयंत्र के साथ पूजन व जाप करना चाहिए। इससे चंचल लक्ष्मी स्थिर होती है। दीपावली पर देवी लक्ष्मी के साथ दंत मंगलमूर्ति गणपति की पूजा की जाती है। पूजन स्थल पर लक्ष्मी व गणेश के पीछे शुभ-लाभ लिखना चाहिए। बीच में स्वास्तिक का चिह्न बनाया जाता है। लक्ष्मी की पूजा से पहले भगवान गणेश की फूल अक्षत, दूब, पान, सुपारी, और मोदक, मिष्ठान से पूजा की जाती है।
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इसके बाद देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। देवी लक्ष्मी इस रात अपनी बहन दरिद्रा के साथ भूलोक पर आती हैं। जहां साफ-सफाई रहती है। वहां मां लक्ष्मी कदम रखती हैं। जहां सफाई नहीं होती है। वहां दरिद्रा डेरा जमा लेती है।
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गेंदा-फूल की माला की बिक्री खूब हुई
शहर में दुर्गा मंदिर पर गेंदा फूल की माला की बिक्री खूब हुई। 25 रुपये से लेकर 50 रुपये तक माला की बिक्री हुई। शहर में सिद्धार्थ तिराहे के रेलवे क्राॅसिंग के पास गेंदा फूल की दुकानें खूब लगी हैं। पूजा के लिए लोग फूल और माला खरीदें। कुछ लोगों ने फूल खरीदा और उन्हें नेपाल भेजा, क्योंकि वहां भी दीपावली की पूजा में फूल का विशेष महत्व है।
दीपावली पूजन मुहूर्त
आचार्य योगेश पांडेय ने बताया कि अमावस्या तिथि के दिन दिवाली का पर्व मनाया जाता है। इस बार अमावस्या तिथि का आरंभ 12 नवंबर को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट से हो रहा है और अगले दिन 13 नवंबर को दोपहर 2 बजकर 41 मिनट तक रहेगी। दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व है।
दीपावली में लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त 12 नवंबर को प्रदोष काल पूजन मुहूर्त : शाम में 5 बजकर 26 मिनट से 8 बजकर 08 मिनट तक है। 12 नवंबर स्थिरलग्न वृषभ लग्न : शाम में 5 बजकर 44 मिनट से 7 बजकर 40 मिनट तक है। सिंह लग्न-रात में 12 बजकर 12 मिनट से 2 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। दीपावली के दिन यानी 12 नवंबर को चौघड़िया मुहूर्त : दोपहर में 2 बजकर 44 मिनट से 2 बजकर 47 मिनट तक है।