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Siddharthnagar News: बीज बिक्री की निगरानी होगी ऑनलाइन साथी पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य
Mon, 06 Jul 2026 01:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 06 Jul 2026 01:40 AM IST
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सिद्धार्थनगर। जिले में बीज कारोबार को पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में कृषि विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब बीज विक्रेताओं को साथी पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कर अपनी दुकान, उपलब्ध बीज, कंपनी, स्टॉक और बिक्री से जुड़ी पूरी जानकारी अपलोड करनी होगी।
विभाग ने इसके लिए 15 जुलाई तक का समय दिया है। निर्धारित अवधि तक पंजीकरण नहीं कराने वाले विक्रेताओं का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
कृषि विभाग के अनुसार, जिले में बीज और कीटनाशक की करीब 1680 दुकानें संचालित हैं। सभी दुकानदारों को अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड के माध्यम से साथी पोर्टल पर प्रतिष्ठान का पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। इसके बाद बीजों का स्टॉक, स्थानांतरण, बिक्री और उपलब्धता का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसान भी यह जानकारी प्राप्त कर सकेंगे कि किसी दुकान पर कौन-कौन सी कंपनी का बीज उपलब्ध है, उसकी गुणवत्ता क्या है और वह किस संस्थान या कंपनी से आया है। इससे गुणवत्ताहीन या गलत बीज की बिक्री पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और किसानों को सही बीज का चयन करने में सुविधा होगी।
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कृषि विभाग का कहना है कि कई बार किसान निजी दुकानों से बीज खरीदने के बाद गुणवत्ता संबंधी शिकायत करते हैं, जिससे उनकी फसल प्रभावित होती है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। ऑनलाइन ट्रेसिबिलिटी व्यवस्था लागू होने से बीज की खरीद-बिक्री की निगरानी आसान होगी और शिकायतों के निस्तारण में भी सुविधा मिलेगी। ं
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विभाग ने इसके लिए 15 जुलाई तक का समय दिया है। निर्धारित अवधि तक पंजीकरण नहीं कराने वाले विक्रेताओं का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
कृषि विभाग के अनुसार, जिले में बीज और कीटनाशक की करीब 1680 दुकानें संचालित हैं। सभी दुकानदारों को अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड के माध्यम से साथी पोर्टल पर प्रतिष्ठान का पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। इसके बाद बीजों का स्टॉक, स्थानांतरण, बिक्री और उपलब्धता का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा।
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नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसान भी यह जानकारी प्राप्त कर सकेंगे कि किसी दुकान पर कौन-कौन सी कंपनी का बीज उपलब्ध है, उसकी गुणवत्ता क्या है और वह किस संस्थान या कंपनी से आया है। इससे गुणवत्ताहीन या गलत बीज की बिक्री पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और किसानों को सही बीज का चयन करने में सुविधा होगी।
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कृषि विभाग का कहना है कि कई बार किसान निजी दुकानों से बीज खरीदने के बाद गुणवत्ता संबंधी शिकायत करते हैं, जिससे उनकी फसल प्रभावित होती है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। ऑनलाइन ट्रेसिबिलिटी व्यवस्था लागू होने से बीज की खरीद-बिक्री की निगरानी आसान होगी और शिकायतों के निस्तारण में भी सुविधा मिलेगी। ं