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Siddharthnagar News: थोड़ी सी जमीन के लिए पूरा घर कर दिया बर्बाद, एक नहीं रहा, दूसरा जेल चला गया
Mon, 08 May 2023 12:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 08 May 2023 12:42 AM IST
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घोसियारी। तीन बेटों में मझला निसंतान है। उसके हिस्से की चार बीघा भूमि के लिए बड़े और छोटे में बेटे में विवाद हो गया। घटना में एक की जान चली गई तो दूसरा जेल चला गया। थोड़ी सी जमीन के लिए हुए विवाद में पूरा घर बिखर गया। कभी सोचा नहीं था कि मेरा बेटा ऐसा काम करेगा। यह कहना है ब्रह्मानंद की मां रामपति का। घटना के बाद से ही वह सदमे में हैं और नियती को कोस रही हैं।
खेसरहा थाना क्षेत्र के दनियापार गांव निवासी रामपति के पति राम अधारे की दो वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है। उनके तीन बेटे ब्रह्मानंद, दुर्गा प्रसाद और फूलचंद्र थे। इनके बीच 13 बीघा भूमि और दो मकान के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। इन दोनों मकानों में एक में ब्रह्मानंद और दूसरे में फूलचंद्र का परिवार रहता है, जबकि तीसरे भाई दुर्गा प्रसाद ने मकान में हिस्सा नहीं लिया है। दुर्गा प्रसाद गांव छोड़कर लक्ष्मीगंज चौराहे पर उर्वरक की दुकान चलाते हैं और वहीं पर पत्नी के साथ रहते हैं। माता-पिता ब्रह्मानंद के साथ ही रहते थे, पिता की मौत के बाद रामपति उनके ही परिवार के साथ रह रहीं थीं। दुर्गा प्रसाद निसंतान हैं। उनका लगाव ब्रह्मानंद के साथ था। जिस कारण फूलचंद्र को शक था कि कहीं वह अपना हिस्सा ब्रह्मानंद के बच्चों को न दे दें। इसी कारण पिता रामअधारे की दो वर्ष पूर्व मृत्यु होने के बाद ब्रह्मानंद और फूलचंद्र में भूमि के लिए दो माह पूर्व विवाद हुआ था, जिस पर खेसरहा पुलिस ने दोनों का चालान किया था। निसंतान भाई के हिस्से के लिए ही शनिवार रात को विवाद और मारपीट हुआ। जिसमें एक भाई की जान चली गई।
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खेसरहा थाना क्षेत्र के दनियापार गांव निवासी रामपति के पति राम अधारे की दो वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है। उनके तीन बेटे ब्रह्मानंद, दुर्गा प्रसाद और फूलचंद्र थे। इनके बीच 13 बीघा भूमि और दो मकान के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। इन दोनों मकानों में एक में ब्रह्मानंद और दूसरे में फूलचंद्र का परिवार रहता है, जबकि तीसरे भाई दुर्गा प्रसाद ने मकान में हिस्सा नहीं लिया है। दुर्गा प्रसाद गांव छोड़कर लक्ष्मीगंज चौराहे पर उर्वरक की दुकान चलाते हैं और वहीं पर पत्नी के साथ रहते हैं। माता-पिता ब्रह्मानंद के साथ ही रहते थे, पिता की मौत के बाद रामपति उनके ही परिवार के साथ रह रहीं थीं। दुर्गा प्रसाद निसंतान हैं। उनका लगाव ब्रह्मानंद के साथ था। जिस कारण फूलचंद्र को शक था कि कहीं वह अपना हिस्सा ब्रह्मानंद के बच्चों को न दे दें। इसी कारण पिता रामअधारे की दो वर्ष पूर्व मृत्यु होने के बाद ब्रह्मानंद और फूलचंद्र में भूमि के लिए दो माह पूर्व विवाद हुआ था, जिस पर खेसरहा पुलिस ने दोनों का चालान किया था। निसंतान भाई के हिस्से के लिए ही शनिवार रात को विवाद और मारपीट हुआ। जिसमें एक भाई की जान चली गई।
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