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Siddharthnagar News: नहीं भरे गए सड़क के ‘जख्म’, अभियान के दावे हो गए बेदम
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शोहरतगढ़ क्षेत्र के डोहरिया से बगुलहवा मार्ग जर्जर होने के कारण भरा पानी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त किए जाने का निर्देश दिया था। पीडब्लूडी के तीन खंडों के आंकड़ों के अनुसार नवंबर के अंत तक डेढ़ सौ से अधिक सड़कों के गड्ढों की मरम्मत कराई गई।
इसके तहत 6.80 करोड़ रुपये खर्च करके 550 किमी सड़कें की गड्ढा मुक्त की गई है। इसके बावजूद कई प्रमुख सड़कें गड्ढा मुक्त नहीं हो सकीं, गांव की सड़कें जस की तस बदहाल हैं, जिससे राहगीरों को आए दिन सड़क के गड्ढों का दर्द झेलना पड़ रहा है।
शासन की तरफ से गड्ढा मुक्ति अभियान के बावजूद जिले में कई सड़कों में गड्ढे की भरमार है। इनमें पीडब्ल्यूडी, जिला पंचायत, नगर निकाय समेत अन्य विभाग की सड़कें शामिल हैं। फिलहाल वर्तमान में जिले में निर्माणाधीन एनएच तक के गड्ढों में वाहन चालक एवं राहगीर हिचकोले खाने को मजबूर हैं।
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उसका बाजार से पकड़ी होते हुए शहर एवं शहर से शोहरतगढ़ तक एनएच पर चलने वाले वाहन चालक गड्ढों के जख्म से कराह रहे हैं।
शहर में स्टेशन रोड, गोबरहवा मार्ग, नवीन मंडी से सिंहेश्वरी मंदिर मार्ग समेत कई सड़कों में हर कदम पर गड्ढे ही गड्ढे हैं, जबकि सैकड़ों गांवों की अधिकतर सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिनकी गड्ढा मुक्ति अभियान के दौरान मरम्मत नहीं हो सकी है।
बेवा से उतरौला जाने वाले स्टेट हाईवे समेत कई प्रमुख मार्गों में भी जगह-जगह गड्ढे हैं। ऐसे में जिम्मेदारों की लापरवाही ने सीएम के आदेश की हवा ही निकाल दी है।
कागज में मरम्मत, मौके पर बदहाल : पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड की तरफ से नवंबर के अंत तक शोहरतगढ़ क्षेत्र के दो सड़कों की मरम्मत हुई है, लेकिन अभी भी इनकी स्थिति बदहाल है। इनमें दो किमी लंबे सेमरा से डोहरिया संपर्क मार्ग में क्षतिग्रस्त एक किमी सड़क और 1.20 किमी लंबे डोहरिया से बगुलहवा संपर्क मार्ग में क्षतिग्रस्त एक किमी सड़क की तीन-तीन लाख रुपये में मरम्मत हुई है।
मौके पर इन सड़कों पर बिखरी गिट्टियों और गड्ढों के बीच बाइक और अन्य वाहन चालक हिचकोले खाने को मजबूर हैं।
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सिद्धार्थनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त किए जाने का निर्देश दिया था। पीडब्लूडी के तीन खंडों के आंकड़ों के अनुसार नवंबर के अंत तक डेढ़ सौ से अधिक सड़कों के गड्ढों की मरम्मत कराई गई।
इसके तहत 6.80 करोड़ रुपये खर्च करके 550 किमी सड़कें की गड्ढा मुक्त की गई है। इसके बावजूद कई प्रमुख सड़कें गड्ढा मुक्त नहीं हो सकीं, गांव की सड़कें जस की तस बदहाल हैं, जिससे राहगीरों को आए दिन सड़क के गड्ढों का दर्द झेलना पड़ रहा है।
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शासन की तरफ से गड्ढा मुक्ति अभियान के बावजूद जिले में कई सड़कों में गड्ढे की भरमार है। इनमें पीडब्ल्यूडी, जिला पंचायत, नगर निकाय समेत अन्य विभाग की सड़कें शामिल हैं। फिलहाल वर्तमान में जिले में निर्माणाधीन एनएच तक के गड्ढों में वाहन चालक एवं राहगीर हिचकोले खाने को मजबूर हैं।
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उसका बाजार से पकड़ी होते हुए शहर एवं शहर से शोहरतगढ़ तक एनएच पर चलने वाले वाहन चालक गड्ढों के जख्म से कराह रहे हैं।
शहर में स्टेशन रोड, गोबरहवा मार्ग, नवीन मंडी से सिंहेश्वरी मंदिर मार्ग समेत कई सड़कों में हर कदम पर गड्ढे ही गड्ढे हैं, जबकि सैकड़ों गांवों की अधिकतर सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिनकी गड्ढा मुक्ति अभियान के दौरान मरम्मत नहीं हो सकी है।
बेवा से उतरौला जाने वाले स्टेट हाईवे समेत कई प्रमुख मार्गों में भी जगह-जगह गड्ढे हैं। ऐसे में जिम्मेदारों की लापरवाही ने सीएम के आदेश की हवा ही निकाल दी है।
कागज में मरम्मत, मौके पर बदहाल : पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड की तरफ से नवंबर के अंत तक शोहरतगढ़ क्षेत्र के दो सड़कों की मरम्मत हुई है, लेकिन अभी भी इनकी स्थिति बदहाल है। इनमें दो किमी लंबे सेमरा से डोहरिया संपर्क मार्ग में क्षतिग्रस्त एक किमी सड़क और 1.20 किमी लंबे डोहरिया से बगुलहवा संपर्क मार्ग में क्षतिग्रस्त एक किमी सड़क की तीन-तीन लाख रुपये में मरम्मत हुई है।
मौके पर इन सड़कों पर बिखरी गिट्टियों और गड्ढों के बीच बाइक और अन्य वाहन चालक हिचकोले खाने को मजबूर हैं।