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गड्ढे में तब्दील हुई सड़क, आवागमन में परेशानी
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गड्ढे में तब्दील हुई सड़क, आवागमन में परेशानी
बांसी-धानी मार्ग बारिश के बाद हुआ बदहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
खेसरहा। बांसी-धानी मार्ग पर स्थित सेमरा मुस्तहकम से ब्लॉक मुख्यालय को जोड़ने वाली सात किलोमीटर लंबी सड़क गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। मरवटिया बाजार, कसिहरा, पचमोहनी गांव के सामने बरसात के मौसम में पानी, कीचड़ से सड़क दिखाई नहीं दे रही है। इस सड़क पर साइकिल, बाइक सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। सकारपार क्षेत्र से 35 से अधिक गांवों को ब्लॉक मुख्यालय से जोड़ने वाली यही एकमात्र सड़क है मगर इसके क्षतिग्रस्त होने से आने जाने वालों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
मरवटिया में रहने वाले रामबिहारी उपाध्याय का कहना है कि मरम्मत के अभाव में सड़क जर्जर हो चुकी है। प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है लोगों को दुर्गम रास्ते पर सफर करने को मजबूर होना पड़ता है। मरवटिया प्रधान रमजान अली का कहना है कि सकारपार क्षेत्र के 35 से अधिक गांवों को ब्लॉक मुख्यालय को जोड़ने वाली सड़क का कोई पुरसाहाल नहीं है विभाग सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा कोई ध्यान न दिए जाने से निजात मिलती नहीं दिख रही। सुरेंद्र, रामप्रकाश, नंदलाल चौबे, राकेश राय, दिग्विजय पांडेय, हेमंत, का कहना है कि आम राहगीरों के साथ सर्वाधिक समस्या स्कूली छात्र-छात्राओं को उठानी पड़ती है। जिन्हें स्कूल पहुंचने में नाना प्रकार की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग के जेई राम रोहित सिंह ने कहा कि सड़क स्वीकृत हो गई है। बरसात के बाद मरम्मत का कार्य किया जाएगा।
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बांसी-धानी मार्ग बारिश के बाद हुआ बदहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
खेसरहा। बांसी-धानी मार्ग पर स्थित सेमरा मुस्तहकम से ब्लॉक मुख्यालय को जोड़ने वाली सात किलोमीटर लंबी सड़क गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। मरवटिया बाजार, कसिहरा, पचमोहनी गांव के सामने बरसात के मौसम में पानी, कीचड़ से सड़क दिखाई नहीं दे रही है। इस सड़क पर साइकिल, बाइक सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। सकारपार क्षेत्र से 35 से अधिक गांवों को ब्लॉक मुख्यालय से जोड़ने वाली यही एकमात्र सड़क है मगर इसके क्षतिग्रस्त होने से आने जाने वालों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
मरवटिया में रहने वाले रामबिहारी उपाध्याय का कहना है कि मरम्मत के अभाव में सड़क जर्जर हो चुकी है। प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है लोगों को दुर्गम रास्ते पर सफर करने को मजबूर होना पड़ता है। मरवटिया प्रधान रमजान अली का कहना है कि सकारपार क्षेत्र के 35 से अधिक गांवों को ब्लॉक मुख्यालय को जोड़ने वाली सड़क का कोई पुरसाहाल नहीं है विभाग सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा कोई ध्यान न दिए जाने से निजात मिलती नहीं दिख रही। सुरेंद्र, रामप्रकाश, नंदलाल चौबे, राकेश राय, दिग्विजय पांडेय, हेमंत, का कहना है कि आम राहगीरों के साथ सर्वाधिक समस्या स्कूली छात्र-छात्राओं को उठानी पड़ती है। जिन्हें स्कूल पहुंचने में नाना प्रकार की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग के जेई राम रोहित सिंह ने कहा कि सड़क स्वीकृत हो गई है। बरसात के बाद मरम्मत का कार्य किया जाएगा।
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