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Siddharthnagar News: किसानों के फड़ पर फुटकर विक्रेताओं का है अवैध कब्जा
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- नवीन मंडी स्थल शाहपुर में बदहाल है व्यवस्था
संवाद न्यूज़ एजेंसी
शाहपुर। किसानों को वर्षों के संघर्ष के बाद शाहपुर स्थित नवीन मंडी स्थल में नीलामी चबूतरा मिला, लेकिन किसानों के फड़ पर फुटकर व्यापारियों का कब्जा हो गया है। किसान खुले आसमान के नीचे बैठकर अपनी उपज बेचने को मजबूर हैं। वहीं, मंडी समिति प्रबंधन मौन होकर अवैध कब्जाधारी फुटकर व्यापारियों का समर्थन कर रहा है। शुक्रवार को शाहपुर मंडी में बारिश के बीच किसान सब्जी बेचने को विवश दिखे।
नवीन मंडी स्थल शाहपुर में सरकारी दावे भले ही कर रहे हों कि किसानों को अपनी फसल की उपज बेचने के लिए नीलामी चबूतरा मुहैया कराया गया है, लेकिन यहां जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। किसान बारिश में भीगकर अपनी फसल की उपज बेचने को मजबूर हैं। किसान नेताओं ने किसानों के लिए एक अलग नीलामी चबूतरा मांग वर्षों से कर रहे थे। बीते माह नीलामी चबूतरा मिला भी, जिसमें फुटकर व्यापारियों का कब्जा हो गया है। किसान जयहिंद निवासी खजुहा ने कहा कि नीलामी चबूतरा नंबर एक पर तो होर्डिंग लगा हुआ है कि यह चबूतरा किसानों के लिए है। लेकिन इस पर पूरे टिनशेड के अंदर सिर्फ एक ही लाइन किसानों की है।
रामतेज चौधरी ने कहा बारिश में इतने दूर दराज से किसान भीगते हुए मंडी में आते हैं। यहां भी किसानों को बैठकर अपनी फसल की उपज बेचने के लिए के लिए उचित व्यवस्था नहीं है। वर्षो से संघर्ष करने के बाद तो बीते माह यह नीलामी चबूतरा मिला है पर यहां किसानों के बजाय व्यापारियों का कब्जा हो गया है। किसान मोहम्मद अयूब ने कहा सुबह करीब 5 बजे मंडी में अपने खेत से लौकी और नेनुआ लेकर आया हूं। करीब 4 घंटे हो गया बारिश बंद नहीं हुआ बाहर भीगकर अपनी फसल की उपज बेच रहा हूं। टिनशेड के नीचे बैठने के लिए जगह ही नहीं।
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किसान चबूतरे पर पोस्टर सिर्फ दिखावे के लिए लगा है। मोहम्मद आमिर निवासी बगहवा ने कहा इस समय खराब मौसम के चलते हम सबको मंडी तक पहुंचने में थोड़ा लेट हो जाता है। व्यापारी सुबह ही आकर हमारे नीलामी चबूतरा पर अपना बोरा या पल्ली बिछा देते हैं। जबतक हम आते हैं तो चबूतरे के अंदर बैठने के लिए जगह ही नहीं मिलती है। कई बार तो किसानों और व्यापारियों में तो बहस तक हो जाती है।
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बोले जिम्मेदार
किसान खुले आसमान के नीचे बैठकर अपनी फसल की उपज बेच रहे थे। मेरे आने के बाद किसानों को एक नीलामी चबूतरे की व्यवस्था कर दी गई है। किसानों की संख्या अधिक है। इसके लिए दूसरा नीलामी चबूतरा एक-दो दिन में खाली करा कर किसानों को बैठने के लिए व्यवस्था किया जाएगा। जिससे किसानों को अपनी फसल की उपज बेचने में किसी प्रकार का कोई कठिनाई न हो।
-रामजी यादव, मंडी सचिव शाहपुर
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
शाहपुर। किसानों को वर्षों के संघर्ष के बाद शाहपुर स्थित नवीन मंडी स्थल में नीलामी चबूतरा मिला, लेकिन किसानों के फड़ पर फुटकर व्यापारियों का कब्जा हो गया है। किसान खुले आसमान के नीचे बैठकर अपनी उपज बेचने को मजबूर हैं। वहीं, मंडी समिति प्रबंधन मौन होकर अवैध कब्जाधारी फुटकर व्यापारियों का समर्थन कर रहा है। शुक्रवार को शाहपुर मंडी में बारिश के बीच किसान सब्जी बेचने को विवश दिखे।
नवीन मंडी स्थल शाहपुर में सरकारी दावे भले ही कर रहे हों कि किसानों को अपनी फसल की उपज बेचने के लिए नीलामी चबूतरा मुहैया कराया गया है, लेकिन यहां जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। किसान बारिश में भीगकर अपनी फसल की उपज बेचने को मजबूर हैं। किसान नेताओं ने किसानों के लिए एक अलग नीलामी चबूतरा मांग वर्षों से कर रहे थे। बीते माह नीलामी चबूतरा मिला भी, जिसमें फुटकर व्यापारियों का कब्जा हो गया है। किसान जयहिंद निवासी खजुहा ने कहा कि नीलामी चबूतरा नंबर एक पर तो होर्डिंग लगा हुआ है कि यह चबूतरा किसानों के लिए है। लेकिन इस पर पूरे टिनशेड के अंदर सिर्फ एक ही लाइन किसानों की है।
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रामतेज चौधरी ने कहा बारिश में इतने दूर दराज से किसान भीगते हुए मंडी में आते हैं। यहां भी किसानों को बैठकर अपनी फसल की उपज बेचने के लिए के लिए उचित व्यवस्था नहीं है। वर्षो से संघर्ष करने के बाद तो बीते माह यह नीलामी चबूतरा मिला है पर यहां किसानों के बजाय व्यापारियों का कब्जा हो गया है। किसान मोहम्मद अयूब ने कहा सुबह करीब 5 बजे मंडी में अपने खेत से लौकी और नेनुआ लेकर आया हूं। करीब 4 घंटे हो गया बारिश बंद नहीं हुआ बाहर भीगकर अपनी फसल की उपज बेच रहा हूं। टिनशेड के नीचे बैठने के लिए जगह ही नहीं।
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किसान चबूतरे पर पोस्टर सिर्फ दिखावे के लिए लगा है। मोहम्मद आमिर निवासी बगहवा ने कहा इस समय खराब मौसम के चलते हम सबको मंडी तक पहुंचने में थोड़ा लेट हो जाता है। व्यापारी सुबह ही आकर हमारे नीलामी चबूतरा पर अपना बोरा या पल्ली बिछा देते हैं। जबतक हम आते हैं तो चबूतरे के अंदर बैठने के लिए जगह ही नहीं मिलती है। कई बार तो किसानों और व्यापारियों में तो बहस तक हो जाती है।
बोले जिम्मेदार
किसान खुले आसमान के नीचे बैठकर अपनी फसल की उपज बेच रहे थे। मेरे आने के बाद किसानों को एक नीलामी चबूतरे की व्यवस्था कर दी गई है। किसानों की संख्या अधिक है। इसके लिए दूसरा नीलामी चबूतरा एक-दो दिन में खाली करा कर किसानों को बैठने के लिए व्यवस्था किया जाएगा। जिससे किसानों को अपनी फसल की उपज बेचने में किसी प्रकार का कोई कठिनाई न हो।
-रामजी यादव, मंडी सचिव शाहपुर