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सादगी की मिसाल थे रविदास
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 10 Feb 2017 10:48 PM IST
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बांसी के मां यशोदरा पब्लिक स्कूल में रविदास जयंती पर कार्यक्रम पेश करते बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। श्रद्धा और सादगी के संत रविदास की जयंती शुक्रवार को जिले में समारोह पूर्वक मनाई गई। जगह-जगह विविध आयोजन हुए। उनके व्यक्तित्व-कृतित्व पर चर्चा करते हुए सामाजिक जनजागरण में उनके योगदान को सराहा गया। समाज में समरसता स्थापित करने के लिए उनके कार्यों से प्रेरणा लेने पर जोर दिया। बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया जिला इकाई के बैनर तले सदर तहसील परिसर में कार्यक्रम हुआ। इसमें हंसराज ने कहा कि संत रविदास का जन्म वाराणसी में हुआ। वह कबीर के समकालीन थे। मध्ययुगीन साधकों में उनका नाम अग्रणी है। तब समाज में छूआछुत की बुराई हावी थी। इसके खिलाफ संत रविदास ने मुखर होकर संघर्ष किया और जनचेतना जागृत की। शंभूनाथ ने कहा कि रविदास ने ऊंच-नीच की भावना और ईश्वर भक्ति के नाम पर किए जाने वाले विवाद को सराहनीय बताते हुए सबको मिलजुल कर रहने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में रणजीत कुमार, रामप्यारे, राम उजागिर सिंह, पट्टू राम आजाद, अर्जुन सिंह लोधी, महेंद्र कुमार, चंद्रभान, नरेंद्रपाल, रामधनी राव गौतम, गोमती प्रसाद, इंद्रजीत, श्रीराम, उर्मिला गौतम, रमाबाई अंबेडकर, अमृता बौद्ध आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता राम उजागिर बौद्ध व संचालन मनीराम बौद्ध ने किया।
डुमरियागंज। नगर पंचायत कार्यालय के समीप अनुसूचित जाति शिक्षक कर्मचारी संघ की ओर से संत रविदास की जयंती शुक्रवार को धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत पंचशील व बुद्ध वंदना के बाद भगवान बुद्ध के क्षमायाचना से शुरू हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संत कुमार ने कहा कि माघी पूर्णिमा को संत रविदास का जन्म दलित परिवार में हुआ था। संत जी ने भाग्य की अपेक्षा कर्मवाद की अवधारणा लोगों के समक्ष प्रस्तुत किया। वह निराकार थे। उन्होंने लोगों को परिश्रम करके जीवन निर्वहन करने की प्रेरणा दी। अपने हाथ से कमाई रोजी को सबसे पवित्र माना और भिक्षावृत्ति के खिलाफ रहे।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे रामबक्स गौतम ने किया। डॉ. राजेश गौतम ने कहा कि संत रविदास ने अपने दर्शन से लाखों लोगों को नई उर्जा दी। अंधविश्वास व असामनता से पीड़ित लोगों का उत्थान किया। कार्यक्रम को राजेश मणि, पुन्नवासी, छेदीलाल, बिंदु प्रसाद, मुनिराम गौतम, सुखपाल गौतम, राकेश गौतम, राजेश कुमार, बह्मदेव, उमेश कुमार सर्वेश कुमार, पवन कुमार जुग्गीलाल, शिवशंकर राजकुमार आदि मौजूद रहे। इसी तरह क्षेत्र के क्षेत्र के जमौता-जमौती गांव में आयोजित जयंती कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम प्रधान ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। त्रिशरण पंचशील डॉ. शीष कुमार बौद्धाचार्य ने किया।
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संचालन कर रहे मनोज सिद्धार्थ ने संत रविदास के जीवन संघर्षों व योगदान का उल्लेख किया। इस दौरान रामसुरेश, पलटन, महदेव, मंगरेराम कन्नौजिया, इंतजार, मो.नासिर, राजू, रंजीत, कृष्ण कुमार, तोताराम श्रीवास्तव, अशोक कुमार, रीता देवी, शोहराब और अब्दुल मन्नान आदि मौजूद रहे।
बांसी । संत रविदास जयंती पर मां शारदा पब्लिक स्कूल गांगूडीह में धूमधाम से कार्यक्रम आयोजित किया गया। बच्चों ने मनमोहक प्रस्तुति पेश किया।
प्रबंधक नागेंद्र प्रसाद मिश्र ने कहा कि देश में समाज को नई दिशा देने वाले महापुरुषों, संतो की जयंती मनाई जाती रही है। संत रविदास ने समाज में फैली बुराइयों के खिलाफ संघर्ष किया। जात-पांत के भेदभाव को समाप्त करने के लिए लोगों को जागरूक किया। विद्यालय के बच्चों ने विपिन साहनी, आकाश, मुशर्रफ, कुलदीप, गौरव, अनिल, अमजद, श्यामलाल, निशा, रोशनी, सुनीता, रेखा, पुष्पा, जूही, सुधा, अनीता, रुबी, खुशी आदि ने कार्यक्रम प्रस्तुत किया। देशभक्ति, लोक, भोजपुरी गीत, नृत्य, एकांकी नाटक आदि प्रस्तुत किया। इस दौरान रामयतन, विनोद कुमार, सचिन तिवारी, प्रभात यादव, चांदनी त्रिपाठी, नीरा पांडेय आदि मौजूद रहे।
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डुमरियागंज। नगर पंचायत कार्यालय के समीप अनुसूचित जाति शिक्षक कर्मचारी संघ की ओर से संत रविदास की जयंती शुक्रवार को धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत पंचशील व बुद्ध वंदना के बाद भगवान बुद्ध के क्षमायाचना से शुरू हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संत कुमार ने कहा कि माघी पूर्णिमा को संत रविदास का जन्म दलित परिवार में हुआ था। संत जी ने भाग्य की अपेक्षा कर्मवाद की अवधारणा लोगों के समक्ष प्रस्तुत किया। वह निराकार थे। उन्होंने लोगों को परिश्रम करके जीवन निर्वहन करने की प्रेरणा दी। अपने हाथ से कमाई रोजी को सबसे पवित्र माना और भिक्षावृत्ति के खिलाफ रहे।
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कार्यक्रम का संचालन कर रहे रामबक्स गौतम ने किया। डॉ. राजेश गौतम ने कहा कि संत रविदास ने अपने दर्शन से लाखों लोगों को नई उर्जा दी। अंधविश्वास व असामनता से पीड़ित लोगों का उत्थान किया। कार्यक्रम को राजेश मणि, पुन्नवासी, छेदीलाल, बिंदु प्रसाद, मुनिराम गौतम, सुखपाल गौतम, राकेश गौतम, राजेश कुमार, बह्मदेव, उमेश कुमार सर्वेश कुमार, पवन कुमार जुग्गीलाल, शिवशंकर राजकुमार आदि मौजूद रहे। इसी तरह क्षेत्र के क्षेत्र के जमौता-जमौती गांव में आयोजित जयंती कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम प्रधान ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। त्रिशरण पंचशील डॉ. शीष कुमार बौद्धाचार्य ने किया।
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संचालन कर रहे मनोज सिद्धार्थ ने संत रविदास के जीवन संघर्षों व योगदान का उल्लेख किया। इस दौरान रामसुरेश, पलटन, महदेव, मंगरेराम कन्नौजिया, इंतजार, मो.नासिर, राजू, रंजीत, कृष्ण कुमार, तोताराम श्रीवास्तव, अशोक कुमार, रीता देवी, शोहराब और अब्दुल मन्नान आदि मौजूद रहे।
बांसी । संत रविदास जयंती पर मां शारदा पब्लिक स्कूल गांगूडीह में धूमधाम से कार्यक्रम आयोजित किया गया। बच्चों ने मनमोहक प्रस्तुति पेश किया।
प्रबंधक नागेंद्र प्रसाद मिश्र ने कहा कि देश में समाज को नई दिशा देने वाले महापुरुषों, संतो की जयंती मनाई जाती रही है। संत रविदास ने समाज में फैली बुराइयों के खिलाफ संघर्ष किया। जात-पांत के भेदभाव को समाप्त करने के लिए लोगों को जागरूक किया। विद्यालय के बच्चों ने विपिन साहनी, आकाश, मुशर्रफ, कुलदीप, गौरव, अनिल, अमजद, श्यामलाल, निशा, रोशनी, सुनीता, रेखा, पुष्पा, जूही, सुधा, अनीता, रुबी, खुशी आदि ने कार्यक्रम प्रस्तुत किया। देशभक्ति, लोक, भोजपुरी गीत, नृत्य, एकांकी नाटक आदि प्रस्तुत किया। इस दौरान रामयतन, विनोद कुमार, सचिन तिवारी, प्रभात यादव, चांदनी त्रिपाठी, नीरा पांडेय आदि मौजूद रहे।