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Siddharthnagar News: खतरे के निशान के पार पहुंची राप्ती, तटवर्ती गांवों के लोग आशंकित
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- नेपाल में हुई बारिश के कारण बढ़ रहा राप्ती नदी का जलस्तर
- राप्ती नदी बांसी में बढ़ रहा है जलस्तर, बाढ़ का मड़रा रहा खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
बांसी। नेपाल में बारिश का असर अब जिले में दिखने लगा है। बलरामपुर जनपद की सीमा से निकलकर डुमरियागंज होते हुए आने वाली राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बांसी राप्ती पुल के करीब पानी पहुंचने के बाद लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। राप्ती नदी का जलस्तर बांसी में बुधवार की सुबह सात बजे खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया।
केंद्रीय जल आयोग के बाढ़ व पूर्वानुमान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार बांसी कस्बे में राप्ती नदी का जलस्तर खतरा बिंदु 84.900 के सापेक्ष 85.050 मीटर तक पहुंच गया है। प्रातः सात बजे से नदी का जल स्तर स्थिर है। तीन दिन पूर्व लगातार 36 घंटे तक हुई बारिश के चलते बांसी के पश्चिम बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में मेंचुका व भगनईया ताल का पानी ऊफान पर है। यदि राप्ती नदी का जलस्तर और बढ़ गया तो बांसी-डुमरियागंज तटबंध पर मगरगाह से तिगरा घाट में मध्य मौजूद लगभग 3.5 किमी गैप से पानी का फैलाव मेंचुका ताल व भगनईया ताल तक होने लगेगा ऐसी स्थिति में लगभग 98 गांव के समक्ष फसल के साथ ही आवागमन का संकट भी उत्पन्न हो जाएगा।
वर्ष 2022 के अक्टूबर माह में नदी से बांसी से पश्चिम राप्ती व बूढ़ी राप्ती के मध्य स्थित लगभग डेढ़ सौ गांव प्रभावित हुए थे, 98 गांव पूरी तरह मैरूंड हो गए थे। तहसीलदार पीयूष श्रीवास्तव ने कहा कि सिंचाई विभाग की सूचना के अनुसार नदी का बढ़ाव शीघ्र रुक जाएगा। फिर भी यदि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई तो उनकी टीम हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। वे लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। हालाकि बूढ़ी राप्ती का जल स्तर धीरे-धीरे घट रहा है। इस नदी से प्रभावित तहसील क्षेत्र के भगोतापुर उत्तरी गांव के दोनों डीह व छोटकी डढ़िया चार दिनों से बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है। यहां आज भी नाव चल रही है। लोगों का कहना है कि नदी के जलस्तर को घटता देख यह अनुमान लगाया जा रहा है कि बृहस्पतिवार तक सड़क से बाढ़ का पानी हट जाएगा।
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- राप्ती नदी बांसी में बढ़ रहा है जलस्तर, बाढ़ का मड़रा रहा खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
बांसी। नेपाल में बारिश का असर अब जिले में दिखने लगा है। बलरामपुर जनपद की सीमा से निकलकर डुमरियागंज होते हुए आने वाली राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बांसी राप्ती पुल के करीब पानी पहुंचने के बाद लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। राप्ती नदी का जलस्तर बांसी में बुधवार की सुबह सात बजे खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया।
केंद्रीय जल आयोग के बाढ़ व पूर्वानुमान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार बांसी कस्बे में राप्ती नदी का जलस्तर खतरा बिंदु 84.900 के सापेक्ष 85.050 मीटर तक पहुंच गया है। प्रातः सात बजे से नदी का जल स्तर स्थिर है। तीन दिन पूर्व लगातार 36 घंटे तक हुई बारिश के चलते बांसी के पश्चिम बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में मेंचुका व भगनईया ताल का पानी ऊफान पर है। यदि राप्ती नदी का जलस्तर और बढ़ गया तो बांसी-डुमरियागंज तटबंध पर मगरगाह से तिगरा घाट में मध्य मौजूद लगभग 3.5 किमी गैप से पानी का फैलाव मेंचुका ताल व भगनईया ताल तक होने लगेगा ऐसी स्थिति में लगभग 98 गांव के समक्ष फसल के साथ ही आवागमन का संकट भी उत्पन्न हो जाएगा।
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वर्ष 2022 के अक्टूबर माह में नदी से बांसी से पश्चिम राप्ती व बूढ़ी राप्ती के मध्य स्थित लगभग डेढ़ सौ गांव प्रभावित हुए थे, 98 गांव पूरी तरह मैरूंड हो गए थे। तहसीलदार पीयूष श्रीवास्तव ने कहा कि सिंचाई विभाग की सूचना के अनुसार नदी का बढ़ाव शीघ्र रुक जाएगा। फिर भी यदि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई तो उनकी टीम हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। वे लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। हालाकि बूढ़ी राप्ती का जल स्तर धीरे-धीरे घट रहा है। इस नदी से प्रभावित तहसील क्षेत्र के भगोतापुर उत्तरी गांव के दोनों डीह व छोटकी डढ़िया चार दिनों से बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है। यहां आज भी नाव चल रही है। लोगों का कहना है कि नदी के जलस्तर को घटता देख यह अनुमान लगाया जा रहा है कि बृहस्पतिवार तक सड़क से बाढ़ का पानी हट जाएगा।
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