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खतरे के निशान से 58 सेमी ऊपर बह रही राप्ती, दहशत में लोग
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राप्ती की उफान की वजह से डुमरियागंज में रोडवेज बस स्टेशन के अंदर भरा पानी।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
खतरे के निशान से 58 सेमी ऊपर बह रही राप्ती, दहशत में लोग
सिद्धार्थनगर। राप्ती के एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ने से आसपास के लोग दहशत में हैं। केंद्रीय जल आयोग के बाढ़ व पूर्वानुमान केंद्र के अनुसार, मंगलवार दो बजे तक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 58 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच चुका था। वहीं घटने के बावजूद बूढ़ी राप्ती नदी लाल निशान से ऊपर बनी हुई है, जबकि अन्य नदियां स्थिर हैं।
राप्ती सोमवार दोपहर तक खतरे के निशान से आधा मीटर पहुंचकर स्थिर हो गई थी। तब लोगों को लगा कि अब मंगलवार की सुबह तक नदी का जलस्तर घटेगा, पर अनुमान विपरीत हो गया। सुबह छह बजे से बांसी में राप्ती नदी एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ने लगी है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देख बगहवा कोमर, गुल्हरिया लाला, भगौतापुर, बंधवा ताल, बंजरहा, कुड़जा, सुरही ताल, गांगुली, गरगजवा, पिपरहिया, कटहा, रूदलापुर खरिका, हरिद्वार, सहजी, बेलबनवा, बभनपुरवा, मझवन कला, मेचुका, गोठवा घाट, महुआ कला, गदूरहिया, जाल्हेखोर, तेलौरा घाट, डढ़वा घाट, सोनखर, कदमहवा, रामनगर, गुल्हरिया राजा, भंवारी, भुजराई, हाटा पकरडीहा आदि गांव के ग्रामीण काफी चिंतित हैं।
राजकुमार, नरेश, मोहनलाल, दिलीप तिवारी, मनोज, मो. अकरम आदि का कहना है कि एक सप्ताह से नदी खतरे के निशान को पार कर चुकी है और अब नदी का बढ़ता जलस्तर काफी खतरनाक है। केंद्रीय जल आयोग के नगर में स्थित बाढ़ व पूर्वानुमान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को दो बजे नदी का जलस्तर 85.480 है, जो खतरे के निशान से 58 सेंटीमीटर अधिक है। राप्ती नदी का अभी तक का उच्चतम जलस्तर वर्ष 2017 में था। उस समय नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 98 सेंटीमीटर ऊपर था।
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डीएम ने किया निरीक्षण
डीएम दीपक मीणा तथा एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने तहसील शोहरतगढ़ के बाढ़ प्रभावित ग्राम खैरी शीतल प्रसाद तथा तौलिया आदि विभिन्न गांवों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने संबंधित एसडीएम तथा तहसीलदार को बाढ़ प्रभावित गांवों में मोटरबोट तथा नाव की व्यवस्था कराने और पानी से घिरे गांवों को मैरूंड घोषित करने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित ग्रामवासियों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
24 घंटे में आठ मिमी हुई बरसात
सिद्धार्थनगर। जिले में मंगलवार को शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश होती रही। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में लोगों को बारिश के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा, जबकि शहर और कस्बों में जलभराव से लोग परेशान हुए। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या से संचालित कृषि विज्ञान केंद्र सुहाना में मंगलवार को 24 घंटे में आठ मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा। दिनभर बादल छाए रहे और बारिश होती रही। इस कारण आद्रता 93 प्रतिशत रही। मौसम नम होने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। मौसम वैज्ञानिक श्रीप्रकाश सिंह ने बताया कि जिले और आसपास के जिलों में पांच दिन तक बारिश का पूर्वानुमान है। नेपाल के तराई क्षेत्रों में बारिश की संभावना अधिक है।
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सिद्धार्थनगर। राप्ती के एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ने से आसपास के लोग दहशत में हैं। केंद्रीय जल आयोग के बाढ़ व पूर्वानुमान केंद्र के अनुसार, मंगलवार दो बजे तक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 58 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच चुका था। वहीं घटने के बावजूद बूढ़ी राप्ती नदी लाल निशान से ऊपर बनी हुई है, जबकि अन्य नदियां स्थिर हैं।
राप्ती सोमवार दोपहर तक खतरे के निशान से आधा मीटर पहुंचकर स्थिर हो गई थी। तब लोगों को लगा कि अब मंगलवार की सुबह तक नदी का जलस्तर घटेगा, पर अनुमान विपरीत हो गया। सुबह छह बजे से बांसी में राप्ती नदी एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ने लगी है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देख बगहवा कोमर, गुल्हरिया लाला, भगौतापुर, बंधवा ताल, बंजरहा, कुड़जा, सुरही ताल, गांगुली, गरगजवा, पिपरहिया, कटहा, रूदलापुर खरिका, हरिद्वार, सहजी, बेलबनवा, बभनपुरवा, मझवन कला, मेचुका, गोठवा घाट, महुआ कला, गदूरहिया, जाल्हेखोर, तेलौरा घाट, डढ़वा घाट, सोनखर, कदमहवा, रामनगर, गुल्हरिया राजा, भंवारी, भुजराई, हाटा पकरडीहा आदि गांव के ग्रामीण काफी चिंतित हैं।
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राजकुमार, नरेश, मोहनलाल, दिलीप तिवारी, मनोज, मो. अकरम आदि का कहना है कि एक सप्ताह से नदी खतरे के निशान को पार कर चुकी है और अब नदी का बढ़ता जलस्तर काफी खतरनाक है। केंद्रीय जल आयोग के नगर में स्थित बाढ़ व पूर्वानुमान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को दो बजे नदी का जलस्तर 85.480 है, जो खतरे के निशान से 58 सेंटीमीटर अधिक है। राप्ती नदी का अभी तक का उच्चतम जलस्तर वर्ष 2017 में था। उस समय नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 98 सेंटीमीटर ऊपर था।
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डीएम ने किया निरीक्षण
डीएम दीपक मीणा तथा एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने तहसील शोहरतगढ़ के बाढ़ प्रभावित ग्राम खैरी शीतल प्रसाद तथा तौलिया आदि विभिन्न गांवों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने संबंधित एसडीएम तथा तहसीलदार को बाढ़ प्रभावित गांवों में मोटरबोट तथा नाव की व्यवस्था कराने और पानी से घिरे गांवों को मैरूंड घोषित करने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित ग्रामवासियों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
24 घंटे में आठ मिमी हुई बरसात
सिद्धार्थनगर। जिले में मंगलवार को शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश होती रही। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में लोगों को बारिश के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा, जबकि शहर और कस्बों में जलभराव से लोग परेशान हुए। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या से संचालित कृषि विज्ञान केंद्र सुहाना में मंगलवार को 24 घंटे में आठ मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा। दिनभर बादल छाए रहे और बारिश होती रही। इस कारण आद्रता 93 प्रतिशत रही। मौसम नम होने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। मौसम वैज्ञानिक श्रीप्रकाश सिंह ने बताया कि जिले और आसपास के जिलों में पांच दिन तक बारिश का पूर्वानुमान है। नेपाल के तराई क्षेत्रों में बारिश की संभावना अधिक है।