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Siddharthnagar News: बांसी और खेसरहा में रेलवे स्टेशन लेगा आकार...

Mon, 04 Mar 2024 11:02 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Mon, 04 Mar 2024 11:02 PM IST
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Railway station will take shape in Bansi and Khesraha...
सिद्धार्थनगर। खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन बिछाने के कार्य में अब देरी नहीं होनी है। विशेष प्रोजेक्ट का दर्जा मिलने के बाद इस परियोजना ने गति पकड़ ली है। रेलवे ने इस प्रोजेक्ट के तहत बांसी और खेसरहा में स्टेशन बनाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही बांसी में गौरी गांव के पास छितौना व कोल्हुआ चकवा ग्रामसभा के मध्य रेलवे स्टेशन के लिए अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने के संबंध में प्रशासन को पत्र भेजा है। लंबे इंतजार के बाद बांसी व खेसरहा कस्बा के रेललाइन से जुड़ने की प्रक्रिया शुरू होने से स्थानीय लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है।
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खलीलाबाद से बहराइच तक 240 किमी लंबी नई रेल बिछाने के कार्य को अक्तूबर 2018 में मंजूरी मिली थी। इस परियोजना के लिए 4940 करोड़ रुपये लागत की स्वीकृति मिली है। इसको वर्ष 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जिले के बांसी व डुमरियागंज क्षेत्र से गुजरने वाली नई रेल लाइन के लिए दोनों तहसीलों के 85 गांव के किसानों की भूमि अधिग्रहण होनी है। इसमें बांसी तहसील के 16 गांवों के किसानों की भूमि का अधिग्रहण हो चुका है, 11 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। शेष विशेष प्रोजेक्ट में शामिल 25 गांव के किसानों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया चल रही है।
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खेसरहा प्रतिनिधि के अनुसार ब्लॉक के पिपरा व पिढ़िया गांव में नई रेल लाइन बिछाने के लिए मिट्टी पाटने का कार्य हो रहा है। अभी कुछ जगहों पर फसल होने से मिट्टी नहीं मिल पा रही है, इसलिए कार्य बाधित हो रहा है। रेल लाइन बिछाने के लिए 40 मीटर चौड़ी भूमि अधिग्रहीत किया गया है। जबकि पिपरा व पिढ़िया गांव के पास जहां रेलवे स्टेशन का निर्माण होना है, वहां सौ से एक सौ बीस मीटर चौड़ी भूमि अधिग्रहीत की गई है। इसके अलावा डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के 44 गांवों के किसानों के भूमि अधिग्रहण के लिए भौतिक सत्यापन हो चुका है। रेल विभाग की तरफ से इन गांवों की भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी जाएगी, जिसके बाद निर्माण शुरू होगा।
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दो फेज में है परियोजना, पहले में रही धीमी गति
नई रेल लाइन परियोजना को पूरा करने के लिए कार्य को दो फेज में बांटा गया है। पहले चरण में खलीलाबाद से बांसी तक का कार्य पूरा करना है। दूसरे फेज में बांसी से बहराइच तक का कार्य शामिल है। पहले फेज में पिछले पांच वर्ष में भौतिक सत्यापन के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हुई, जो धीमी गति के कारण अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। भौतिक सत्यापन के बाद जिले में सामाजिक समाघात सर्वे में ही अधिक समय लग जाने के कारण भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में ही देरी हो चुकी है। फिलहाल पहले फेज के लिए खलीलाबाद से बांसी तक रेल लाइन बिछाने और स्टेशन निर्माण के लिए आवश्यक 263 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित हो चुका है। पूरी परियोजना के लिए 1174 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है। बांसी से बहराइच के मध्य रेल लाइन के फेज दो कार्य को भारत सरकार ने विशेष प्रोजेक्ट का दर्जा देने से कार्य में तेजी आ गई है।
अब सामाजिक समाघात सर्वे में नहीं अटकेगा भूमि अधिग्रहण
सिद्धार्थनगर। फेज एक में हुई सर्वे के कार्य में हुई देर के कारण सरकार ने फेज दो के कार्य को विशेष प्रोजेक्ट घोषित दिया है, जिसके तहत बांसी से आगे के रेल लाइन निर्माण प्रक्रिया में देरी नहीं होगी। इसके तहत किसानों से भूमि अधिग्रहण के पहले सामाजिक समाघात सर्वे का झंझट समाप्त हो गया है, जिसमें छह माह से अधिक समय लगने वाला था।
सामाजिक समाघात सर्वे के तहत रेल लाइन के लिए चिन्हित भूमि का भौतिक सत्यापन होता है। इसके बाद किसानों से भूमि अधिग्रहण करने से पहले केंद्रीय एजेंसी से सामाजिक समाघात का सर्वे होता है। इससे यह पता लगाने का प्रयास किया जाता है कि रेल लाइन का निर्माण करने से लोगों के सामान्य जनजीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा। जिसे बाद भी डीएम की तरफ से गठित टीम द्वारा पुष्टि होती है। इसके बाद संबंधित भूमि के अधिग्रहण के लिए एबार्ड घोषित होता है। इसमें छह माह से अधिक समय लग जाता है।

इस नए रूट पर बनेंगे 16 रेलवे स्टेशन 12 हाल्ट
नई रेल लाइन परियोजना में संतकबीर नगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती व बहराइच जिले में कुल 32 स्टेशन होंगे। इसमें चार जंक्शन, 16 क्रॉसिंग स्टेशन और 12 हाॅल्ट होंगे। बांसी, खेसरहा, डुमरियागंज, बंजरहा, बरदेहरा, भिन्गा, लक्ष्मनपुर, गोडपुरवा, इकौना, श्रावस्ती, खगईजोत, श्रीदातगंज, उतरौला, भग्गोभार, मेहदावल और भगौली बाजार में स्टेशन बनाया जाएगा। इनके अलावा छोटे स्थानों को रेल लाइन जोड़ने के लिए 12 हाल्ट स्टेशन बनेंगे। नई रेल परियोजना में दो बड़े पुल का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही 118 अन्य छोटे व मझौले पुलों का निर्माण होगा। इसमें 32 मझोले और 86 छोटे पुलों का निर्माण होगा।


रेल लाइन से जुड़ने से बेहतर हो जाएगी आवागमन सुविधा


सबसे प्राचीन कस्बा बांसी के रेल लाइन से जुड़ने से क्षेत्र में आवागमन सुविधा बेहतर होगी, बांसी में स्टेशन बनने से भी लोगों को बहुत लाभ होगा।

घनश्याम जायसवाल, अध्यक्ष व्यापार मंडल बांसी

रेल लाइन निर्माण से क्षेत्र का विकास के साथ छात्रों व मजदूर को कहीं आने जाने के लिए सफर आसान हो जाएगा। इससे खुशी का माहौल है।
संजय धर द्विवेदी, पिपरा निवासी


गांव के पास रेलवे स्टेशन का निर्माण होना है, इससे क्षेत्र के लोगों को कहीं आने-जाने में बेहतर सुविधा हो जायेगी, जिससे लोग बहुत खुश हैं।
मनोज त्रिपाठी, पिढ़िया गांव निवासी

रेल परियोजना में हमारी भी चार जगहों पर भूमि गई है, जिसमें अभी तक एक खेत का मुआवजा मिला है, बाकी मुआवजा के लिए दौड़ना पड़ रहा है।
परशुराम मिश्र, पिपरा निवासी
नई रेल बिछाने की परियोजना के तहत बांसी और खेसरहा कस्बा में रेलवे स्टेशन भवन निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। साथ ही अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन को पत्र भेजा गया है।
-पंकज कुमार सिंह, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पूर्वोत्तर रेलवे
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