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सीएमओ के आश्वासन पर धरना समाप्त
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 26 Oct 2015 11:08 PM IST
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पीएचसी बर्डपुर पर लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर ब्लॉक के नंबर नौ टोला सहिजनवा के लोगों ने सोमवार को पीएचसी बर्डपुर के प्रभारी चिकित्साधिकारी के आश्वासन पर धरना समाप्त कर सीएमओ के नाम ज्ञापन दिया।
सहिजनवा निवासी सतीश कुमार का आरोप है कि 23 अक्टूबर की रात्रि 11 बजे अपनी पत्नी की डिलेवरी के लिए पीएचसी बर्डपुर पर आया। जहां प्रसव केंद्र पर ताला लगा हुआ था। मोबाइल से संपर्क करने पर एएनएम काफी देर बाद आई। रात करीब 12 बजे प्रसव हुआ। उसके बाद पांच सौ रुपये लिया गया और डिलेवरी रूम से बाहर कर दिया। जबकि प्रसूता का रक्तस्त्राव भी हो रहा था। उसके बार-बार कहने पर भी एएनएम डिलेवरी रूम में ताला बंद कर घर चल गई तथा प्रसूता को घर ले जाने की बात कही। रात में एंबुलेंस न होने के कारण अपने साधन से प्रसूता के साथ घर गया, लेकिन हालत और ज्याद बिगड़ने पर दूसरे दिन एएनएम से इलाज की गुजारिश की। इस पर एएनएम ने जिला अस्पताल ले जाने की बात कही। 108 एंबुलेंस को फोन किया तो आधा घंटा इंतजार करने की बात कही। इस पर रास्ते में 102 नंबर की एबुंलेंस मिल गई। जिससे बात कर जिला अस्पताल आ रहे थे कि रास्ते में उसकी मौत हो गई। ऐसे में स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही से उसकी पत्नी की जान चली गई। इसलिए इस घटना की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएं। इसके बाद प्रभारी चिकित्साधिकारी पीएचसी बर्डपुर डॉ. प्रशांत अस्थाना ने धरने पर बैठे लोगों को आश्वासन देते हुए धरना समाप्त करने की अपील की। इस पर ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर चिकित्सा प्रभारी को सीएमओ को संबोधित ज्ञापन दिया। इस दौरान विक्रम सिंह, ओमप्रकाश यादव, बृजलाल, राजकुमार, रविप्रकाश, मुकेश, दीपक, रामधनी, दुर्गा आदि मौजूद रहे।
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सहिजनवा निवासी सतीश कुमार का आरोप है कि 23 अक्टूबर की रात्रि 11 बजे अपनी पत्नी की डिलेवरी के लिए पीएचसी बर्डपुर पर आया। जहां प्रसव केंद्र पर ताला लगा हुआ था। मोबाइल से संपर्क करने पर एएनएम काफी देर बाद आई। रात करीब 12 बजे प्रसव हुआ। उसके बाद पांच सौ रुपये लिया गया और डिलेवरी रूम से बाहर कर दिया। जबकि प्रसूता का रक्तस्त्राव भी हो रहा था। उसके बार-बार कहने पर भी एएनएम डिलेवरी रूम में ताला बंद कर घर चल गई तथा प्रसूता को घर ले जाने की बात कही। रात में एंबुलेंस न होने के कारण अपने साधन से प्रसूता के साथ घर गया, लेकिन हालत और ज्याद बिगड़ने पर दूसरे दिन एएनएम से इलाज की गुजारिश की। इस पर एएनएम ने जिला अस्पताल ले जाने की बात कही। 108 एंबुलेंस को फोन किया तो आधा घंटा इंतजार करने की बात कही। इस पर रास्ते में 102 नंबर की एबुंलेंस मिल गई। जिससे बात कर जिला अस्पताल आ रहे थे कि रास्ते में उसकी मौत हो गई। ऐसे में स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही से उसकी पत्नी की जान चली गई। इसलिए इस घटना की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएं। इसके बाद प्रभारी चिकित्साधिकारी पीएचसी बर्डपुर डॉ. प्रशांत अस्थाना ने धरने पर बैठे लोगों को आश्वासन देते हुए धरना समाप्त करने की अपील की। इस पर ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर चिकित्सा प्रभारी को सीएमओ को संबोधित ज्ञापन दिया। इस दौरान विक्रम सिंह, ओमप्रकाश यादव, बृजलाल, राजकुमार, रविप्रकाश, मुकेश, दीपक, रामधनी, दुर्गा आदि मौजूद रहे।
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