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Siddharthnagar News: मीरा बाबा की शान में शायरों ने पेश किए कलाम
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डुमरियागंज के हल्लौर स्थित मीरा बाबा की मजार पर आयोजित हुआ कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज क्षेत्र के कस्बा हल्लौर स्थित शाह अब्दुर्ररसूल उर्फ मीरा बाबा की मजार पर बृहस्पतिवार रात महफिल का आयोजन मोमिने हल्लौर की तरफ से किया गया। जिसमें शायरों ने मीरा बाबा की शान में कलाम और कसीदा पेश किया।
कार्यक्रम की शुरुआत इमाम हैदर ने कलाम पाक की तिलावत से की। उसके बाद मशहूर शायर नफीस हल्लौरी, सावन, हसन जमाल, हैदर, बेताब, लकी, नौशाद गुड्डू, कामियाब और रैना आदि ने कलाम पेश किया। अंत में जाकिरे अहलेबैत जमाल हैदर ने कहा कि वर्षों पूर्व शाह अबदुर्ररसूल उर्फ मीरा बाबा ईरान से आकर हल्लौर सहित क्षेत्रीय गांव में इस्लाम के सिद्धांतों का प्रचार-प्रसार किया। उनके योगदान को हम लोगों को भुलना नहीं चाहिए। मीरा बाबा के पैगाम को जीवन में लाना चाहिए। इस दौरान कार्यक्रम आयोजक मोजिज अब्बास, तशबीब हसन, शमशाद आलम, गुलाम अली, नायाब हैदर, शकील गुड्डू, बब्लू, गुड्डू और मुख्तार अब्बास मौजूद थे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज क्षेत्र के कस्बा हल्लौर स्थित शाह अब्दुर्ररसूल उर्फ मीरा बाबा की मजार पर बृहस्पतिवार रात महफिल का आयोजन मोमिने हल्लौर की तरफ से किया गया। जिसमें शायरों ने मीरा बाबा की शान में कलाम और कसीदा पेश किया।
कार्यक्रम की शुरुआत इमाम हैदर ने कलाम पाक की तिलावत से की। उसके बाद मशहूर शायर नफीस हल्लौरी, सावन, हसन जमाल, हैदर, बेताब, लकी, नौशाद गुड्डू, कामियाब और रैना आदि ने कलाम पेश किया। अंत में जाकिरे अहलेबैत जमाल हैदर ने कहा कि वर्षों पूर्व शाह अबदुर्ररसूल उर्फ मीरा बाबा ईरान से आकर हल्लौर सहित क्षेत्रीय गांव में इस्लाम के सिद्धांतों का प्रचार-प्रसार किया। उनके योगदान को हम लोगों को भुलना नहीं चाहिए। मीरा बाबा के पैगाम को जीवन में लाना चाहिए। इस दौरान कार्यक्रम आयोजक मोजिज अब्बास, तशबीब हसन, शमशाद आलम, गुलाम अली, नायाब हैदर, शकील गुड्डू, बब्लू, गुड्डू और मुख्तार अब्बास मौजूद थे।
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