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Siddharthnagar News: खुद रहिए सतर्क, लापरवाही जिंदगी पर पड़ेगी भारी
Sat, 11 Nov 2023 12:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 11 Nov 2023 12:40 AM IST
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शहर के बांसी मार्ग पर सड़क की पटरी पर खड़े वाहन। संवाद
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हाईवे पर नो पार्किंग में खड़े रहती ट्रक और बस, जहां हमेशा हादसे का खतरा
गोरखपुर में हुए सड़क हादसे से भी नहीं ले रहे सबक
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। गोरखपुर जिले के गोरखपुर-कुशीनगर हाईवे पर बृहस्पतिवार रात खड़ी बस में ट्रक के पीछे से टक्कर मार देने से छह यात्रियों की जान चली गई। 27 यात्री घायल हो गए थे। इस प्रकार की घटना से यहां भी इन्कार नहीं किया जा सकता है। कारण यह कि हाईवे पर यहां बड़े वाहन घंटों खड़े रहते हैं। ऐसे में जरूरी यह है कि खुद सुरक्षित रहने का प्रयास करें। पिछले वर्ष ही सड़क पर खराब हाल में खड़े ट्रेलर में पीछे से बोलेरो घुस गई थी। इस हादसे में एक साथ सात लोगों की जान चली गई थी।
जिले में हाईवे का जाल फैला हुआ है। बस्ती-ककरहवा हाईवे, शोहरतगढ़-बढऩी हाईवे, गोरखपुर-सिद्धार्थनगर हाईवे और स्टेट हाईवे है। जहां पर भारी वाहनों का आवागमन हमेशा रहता है। पर बड़े वाहन वाले नो पार्किंग में ट्रक, बस और ट्रेलर खड़े कर देते हैं। इससे पीछे से आने वाले वाहन टकरा जाते हैं। इससे लोगों की जान जाती है। इसमें एनएच-बांसी-बस्ती, ककरहवा में लगातार हादसे होते हैं।
21 मई 2022 को एनएन बांसी-बस्ती मार्ग पर जोगिया कोतवाली क्षेत्र के कटया दूबे के पास एक ट्रेलर खराब होकर खड़ा था। शिवनगर डिडई थाना क्षेत्र के महुआ गांव से बरात से लौट रहे बोलेरो सवार पीछे से ट्रेलर में घुस गए थे। हादसे में महला गांव निवासी सात लोगों की जान चली गई थी। इससे पहले भी इसी स्थान पर कई घटनाएं हो चुकी हैं।
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इसी वर्ष एनएच-बढऩी-शोहरतगढ़ मार्ग पर ढेबरुआ के पास सड़क पर खड़े ट्रक में बाइक घुस गई थी। इस हादसे में बाइक सवार की जान चली गई थी। इसके अलावा कई बड़ी घटनाएं एनएच पर खड़े वाहनों से हो चुकी हैं। इसके अलावा इटवा-बढऩी स्टेट हाईवे पर वाहनों के खड़े होने से अक्सर हादसे होते हैं। बस्ती-ककरहवा एनएच पर भी अब तक कई घटनाएं हो चुकी हैं।
बृहस्पतिवार रात गोरखपुर जिले के गोखरपुर-कुशीनगर हाईवे पर स्थिति जगदीशपुर के पास खड़ी बस में ट्रक की पीछे से टक्कर लग जाने से छह की मौत हो गई। जबकि, 27 लोग जख्मी हो गए। इस भीषण हादसे ने एक बार फिर जिले में पूर्व में हुई घटनाओं को ताजा कर दिया है। हादसों से अगर प्रशासन ने सबक नहीं लिया तो आने वाले दिन में बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया सकता है।
ये हैं नियम
बड़े वाहन किसी भी हाल में शहर की घनी आबादी में प्रवेश नहींं कर सकते हैं। एनएच पर नो पार्किंग में किसी भी हाल में ट्रक और बस नहीं खड़ी कर सकते हैं। अगर खड़ी करते हैं और हादसा होता है तो अपराध की श्रेणी में आएगा। अगर वाहन खराब भी हो जाता है तो पीछे रिफ्लेक्टर लगाना अनिवार्य है, जिससे पीछे से आने वाले वाहन टकराकर हादसे के शिकार न हो सकें।
एनएच पर नो पार्किंग में कोई भी वाहन खड़ा नहीं हो सकता है। थोड़ी-थोड़ी दूर पर एनएच पर लेआउट बनाया गया है, जहां पर बड़े वाहन खड़ा करने का नियम है। नो पार्किंग में वाहन खड़ा करने वालों पर कार्रवाई की जाती है। अभियान चलाकर चेकिंग की जाएगी। नियम के खिलाफ सड़क पर खड़े वाहनों को चालान करके कार्रवाई की जाएगी।
-सुरेश कुमार, एआरटीओ सिद्धार्थनगर
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हाईवे पर नो पार्किंग में खड़े रहती ट्रक और बस, जहां हमेशा हादसे का खतरा
गोरखपुर में हुए सड़क हादसे से भी नहीं ले रहे सबक
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। गोरखपुर जिले के गोरखपुर-कुशीनगर हाईवे पर बृहस्पतिवार रात खड़ी बस में ट्रक के पीछे से टक्कर मार देने से छह यात्रियों की जान चली गई। 27 यात्री घायल हो गए थे। इस प्रकार की घटना से यहां भी इन्कार नहीं किया जा सकता है। कारण यह कि हाईवे पर यहां बड़े वाहन घंटों खड़े रहते हैं। ऐसे में जरूरी यह है कि खुद सुरक्षित रहने का प्रयास करें। पिछले वर्ष ही सड़क पर खराब हाल में खड़े ट्रेलर में पीछे से बोलेरो घुस गई थी। इस हादसे में एक साथ सात लोगों की जान चली गई थी।
जिले में हाईवे का जाल फैला हुआ है। बस्ती-ककरहवा हाईवे, शोहरतगढ़-बढऩी हाईवे, गोरखपुर-सिद्धार्थनगर हाईवे और स्टेट हाईवे है। जहां पर भारी वाहनों का आवागमन हमेशा रहता है। पर बड़े वाहन वाले नो पार्किंग में ट्रक, बस और ट्रेलर खड़े कर देते हैं। इससे पीछे से आने वाले वाहन टकरा जाते हैं। इससे लोगों की जान जाती है। इसमें एनएच-बांसी-बस्ती, ककरहवा में लगातार हादसे होते हैं।
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21 मई 2022 को एनएन बांसी-बस्ती मार्ग पर जोगिया कोतवाली क्षेत्र के कटया दूबे के पास एक ट्रेलर खराब होकर खड़ा था। शिवनगर डिडई थाना क्षेत्र के महुआ गांव से बरात से लौट रहे बोलेरो सवार पीछे से ट्रेलर में घुस गए थे। हादसे में महला गांव निवासी सात लोगों की जान चली गई थी। इससे पहले भी इसी स्थान पर कई घटनाएं हो चुकी हैं।
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इसी वर्ष एनएच-बढऩी-शोहरतगढ़ मार्ग पर ढेबरुआ के पास सड़क पर खड़े ट्रक में बाइक घुस गई थी। इस हादसे में बाइक सवार की जान चली गई थी। इसके अलावा कई बड़ी घटनाएं एनएच पर खड़े वाहनों से हो चुकी हैं। इसके अलावा इटवा-बढऩी स्टेट हाईवे पर वाहनों के खड़े होने से अक्सर हादसे होते हैं। बस्ती-ककरहवा एनएच पर भी अब तक कई घटनाएं हो चुकी हैं।
बृहस्पतिवार रात गोरखपुर जिले के गोखरपुर-कुशीनगर हाईवे पर स्थिति जगदीशपुर के पास खड़ी बस में ट्रक की पीछे से टक्कर लग जाने से छह की मौत हो गई। जबकि, 27 लोग जख्मी हो गए। इस भीषण हादसे ने एक बार फिर जिले में पूर्व में हुई घटनाओं को ताजा कर दिया है। हादसों से अगर प्रशासन ने सबक नहीं लिया तो आने वाले दिन में बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया सकता है।
ये हैं नियम
बड़े वाहन किसी भी हाल में शहर की घनी आबादी में प्रवेश नहींं कर सकते हैं। एनएच पर नो पार्किंग में किसी भी हाल में ट्रक और बस नहीं खड़ी कर सकते हैं। अगर खड़ी करते हैं और हादसा होता है तो अपराध की श्रेणी में आएगा। अगर वाहन खराब भी हो जाता है तो पीछे रिफ्लेक्टर लगाना अनिवार्य है, जिससे पीछे से आने वाले वाहन टकराकर हादसे के शिकार न हो सकें।
एनएच पर नो पार्किंग में कोई भी वाहन खड़ा नहीं हो सकता है। थोड़ी-थोड़ी दूर पर एनएच पर लेआउट बनाया गया है, जहां पर बड़े वाहन खड़ा करने का नियम है। नो पार्किंग में वाहन खड़ा करने वालों पर कार्रवाई की जाती है। अभियान चलाकर चेकिंग की जाएगी। नियम के खिलाफ सड़क पर खड़े वाहनों को चालान करके कार्रवाई की जाएगी।
-सुरेश कुमार, एआरटीओ सिद्धार्थनगर