{"_id":"662bf94f104a999d3a0416f4","slug":"prices-of-khoya-and-paneer-started-touching-the-sky-due-to-enthusiasm-for-marriages-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-116454-2024-04-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: शादी विवाह के लगन में आसमान छूने लगे खोवा और पनीर के दाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: शादी विवाह के लगन में आसमान छूने लगे खोवा और पनीर के दाम
Sat, 27 Apr 2024 12:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 27 Apr 2024 12:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- सिंथेटिक दूध से बनी खाद्य सामग्रियों की भी खूब हो रही है बिक्री
- वैवाहिक उत्सव में मिठाई के नाम पर बीमारी खरीद रहे हैं लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। इस समय जबरदस्त शादी विवाह के लगन के चलते दूध से बने खोवा, पनीर की बिक्री और मांग बढ़ जाने से दुकानदार उसका मुंहमांगा दाम वसूल रहे हैं। लोग मजबूरन महंगे दाम पर इन्हें खरीद रहे हैं।
डुमरियागंज क्षेत्र के कई स्थानों पर सिंथेटिक दूध से बनी खाद्य सामग्रियों की बिक्री भी धड़ल्ले से हो रही है। लोग वैवाहिक उत्सव के मौके पर मिठाई के नाम पर बीमारी खरीद रहे हैं। लेकिन मिलावटखोरों के गोरखधंधे पर संबंधित विभाग की नजर नहीं पड़ रही है। पिछले काफी दिनों से इनकी जांच न होने से मिलावटखोरी का धंधा तेजी से फल-फूल रहा है।
शादी विवाह के लगन कि इस मौसम में डुमरियागंज नगर सहित तहसील क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर खोवा एवं पनीर के दाम जहां आसमान छूने लगे हैं। वहीं, दूसरी तरफ सिंथेटिक दूध से इन खाद्य पदार्थों को बनाने वाले भी सक्रिय होकर आपूर्ति को बरकरार रखने के लिए बाजार में भेज रहे हैं। इससे लोग शादी विवाह, बर्थडे सहित विभिन्न उत्सव के मौकों पर शुद्ध मिठाई और खाद्य पदार्थ के नाम पर बीमारी को दावत देने का काम कर रहे हैं।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार त्योहार के बाद सबसे ज्यादा खोवा और पनीर की मांग शादी विवाह के लगन में होती है। ऐसे में खोवा और पनीर के दाम में काफी वृद्धि हो गई है। आम दिनों में जो पनीर 200 किलो तक बाजार में बिकती थी, वह इस समय 250 से लेकर 300 तक तथा खोवा जो आम दिनों में 250 से 300 तक बिकता था। वह आज 300 से लेकर 400 किलो तक पहुंच गया है। जबकि अधिकांश दुकानदार पनीर खोवा बनाने में खाध विभाग की गाइडलाइन को अनदेखी करके उसमें से फाइट की मात्रा कम करके घी निकाल ले रहे हैं। इसके बावजूद उसका महंगा दाम ग्राहक से वसूल रहे हैं। यहीं हाल मिठाई और खाद्य पदार्थों की बिक्री का भी है। शादी विवाह के लग्न में इनकी भी मांग बढ़ गई है। मांग को बरकरार रखने के लिए बहुत से उत्पादक इन खाद्य पदार्थ के बनाने के लिए सिंथेटिक दूध का इस्तेमाल करने लगे हैं।
चिकित्सकों के मुताबिक इसे खाने वाला कई तरह के रोगों का शिकार होने की संभावना रहती है। इस संबंध में सहायक खाद्य आयुक्त गिरजेश कुमार दुबे ने बताया कि इस समय खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम अंतर्जनपदीय मिठाई और खाद्य पदार्थों के दुकानों के सत्यापन कार्य में लगी है। वैसे नकली खोवा और पनीर की बिक्री होने की शिकायत नहीं मिली है। हां, दुकानदारों के पनीर और खोवा बनाने में निर्धारित दूध में फैट की मात्रा में कमी करके उसमें से घी निकालने की शिकायत मिलती है। जिस पर उनका नमूना लेकर जांच के लिए भेजा जाता है। जल्द ही मिठाई और खाध पदार्थ की दुकानों का निरीक्षण करके शिकायत मिलने पर नमूने लिए जाएंगे।
विज्ञापन
- वैवाहिक उत्सव में मिठाई के नाम पर बीमारी खरीद रहे हैं लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। इस समय जबरदस्त शादी विवाह के लगन के चलते दूध से बने खोवा, पनीर की बिक्री और मांग बढ़ जाने से दुकानदार उसका मुंहमांगा दाम वसूल रहे हैं। लोग मजबूरन महंगे दाम पर इन्हें खरीद रहे हैं।
डुमरियागंज क्षेत्र के कई स्थानों पर सिंथेटिक दूध से बनी खाद्य सामग्रियों की बिक्री भी धड़ल्ले से हो रही है। लोग वैवाहिक उत्सव के मौके पर मिठाई के नाम पर बीमारी खरीद रहे हैं। लेकिन मिलावटखोरों के गोरखधंधे पर संबंधित विभाग की नजर नहीं पड़ रही है। पिछले काफी दिनों से इनकी जांच न होने से मिलावटखोरी का धंधा तेजी से फल-फूल रहा है।
विज्ञापन
शादी विवाह के लगन कि इस मौसम में डुमरियागंज नगर सहित तहसील क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर खोवा एवं पनीर के दाम जहां आसमान छूने लगे हैं। वहीं, दूसरी तरफ सिंथेटिक दूध से इन खाद्य पदार्थों को बनाने वाले भी सक्रिय होकर आपूर्ति को बरकरार रखने के लिए बाजार में भेज रहे हैं। इससे लोग शादी विवाह, बर्थडे सहित विभिन्न उत्सव के मौकों पर शुद्ध मिठाई और खाद्य पदार्थ के नाम पर बीमारी को दावत देने का काम कर रहे हैं।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार त्योहार के बाद सबसे ज्यादा खोवा और पनीर की मांग शादी विवाह के लगन में होती है। ऐसे में खोवा और पनीर के दाम में काफी वृद्धि हो गई है। आम दिनों में जो पनीर 200 किलो तक बाजार में बिकती थी, वह इस समय 250 से लेकर 300 तक तथा खोवा जो आम दिनों में 250 से 300 तक बिकता था। वह आज 300 से लेकर 400 किलो तक पहुंच गया है। जबकि अधिकांश दुकानदार पनीर खोवा बनाने में खाध विभाग की गाइडलाइन को अनदेखी करके उसमें से फाइट की मात्रा कम करके घी निकाल ले रहे हैं। इसके बावजूद उसका महंगा दाम ग्राहक से वसूल रहे हैं। यहीं हाल मिठाई और खाद्य पदार्थों की बिक्री का भी है। शादी विवाह के लग्न में इनकी भी मांग बढ़ गई है। मांग को बरकरार रखने के लिए बहुत से उत्पादक इन खाद्य पदार्थ के बनाने के लिए सिंथेटिक दूध का इस्तेमाल करने लगे हैं।
चिकित्सकों के मुताबिक इसे खाने वाला कई तरह के रोगों का शिकार होने की संभावना रहती है। इस संबंध में सहायक खाद्य आयुक्त गिरजेश कुमार दुबे ने बताया कि इस समय खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम अंतर्जनपदीय मिठाई और खाद्य पदार्थों के दुकानों के सत्यापन कार्य में लगी है। वैसे नकली खोवा और पनीर की बिक्री होने की शिकायत नहीं मिली है। हां, दुकानदारों के पनीर और खोवा बनाने में निर्धारित दूध में फैट की मात्रा में कमी करके उसमें से घी निकालने की शिकायत मिलती है। जिस पर उनका नमूना लेकर जांच के लिए भेजा जाता है। जल्द ही मिठाई और खाध पदार्थ की दुकानों का निरीक्षण करके शिकायत मिलने पर नमूने लिए जाएंगे।