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Siddharthnagar News: जर्जर हो चुके समिति के भवनों में कंप्यूटर लगाने की तैयारी
Thu, 28 Dec 2023 11:38 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 28 Dec 2023 11:38 PM IST
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शहर में क्रय विक्रय और गावों में 126 सहकारी समितियों के भवन हैं जर्जर
शासन में अटका है मरम्मत और निर्माण का प्रस्ताव, खतरे में रहती है जान
सिद्धार्थनगर। शहर में क्रय विक्रय समिति समेत जिले की 126 समितियों के भवन जर्जर हैं। टूटे फर्श व प्लास्टर के साथ ही टपकते छत के नीचे जान जोखिम में डालकर कर्मचारी यहां खाद व बीज की बिक्री करते है। जबकि इनमें 24 समितियों के ध्वस्तीकरण के बाद नए निर्माण और 14 के मरम्मत का प्रस्ताव शासन में अटका हुआ है। अब इन्हीं समितियों को सेवा केंद्र के तौर पर संचालित करने के कंप्यूटर लगाने की तैयारी की जा रही है।
शहर के स्टेशन रोड पर स्थित क्रय विक्रय समिति में 20 वर्ष पूर्व सहकारी बैंक कार्यालय संचालित था, जिसके जर्जर होने के कारण अब सहकारी बैंक किराए के भवन में संचालित हो रहा है। कुछ दिनों तक इसी भवन में डीसीएफ का कार्यालय भी संचालित था, जिसे कभी भी गिरने की संभावना के चलते हटा दिया गया है। शहर के निवासी खुर्शीद अहमद खान कहते है कि मुख्य बाजार में स्थित सहकारिता की इस कीमती भूमि पर आसपास से कब्जा भी बढ़ रहा है, लेकिन विभाग की तरफ से न तो इस भूमि की सुरक्षा उपाय किए जा रहे है और न ही जर्जर भवनों का मरम्मत अथवा निर्माण किया जा रहा है। इसी तरह जिले के 126 सहकारी समितियाें में अधिकांश जर्जर हो चुके है। उसका क्षेत्र के महुलानी में स्थित सहकारी समिति कुआहाटा का भवन जर्जर होकर ध्वस्तीकरण की स्थिति में पहुंच चुका है। यहां जान जोखिम में डालकर कर्मचारी खाद का कारोबार करते है। समिति के पूर्व अध्यक्ष अरिमर्दन शुक्ल कहते है कि जर्जर भवन का छत टपकता है जो कभी भी गिर सकता है। इसके साथ ही जंगले व फाटक टूटे हुए है। टूटे फर्श पर रखे जाने से खाद भी खराब हो जाता है, जिससे समिति को व्यवसाय में घाटा होता है। उनका कहना है कि बिना समितियों के भवन को दुरूस्त किए कंप्यूटर लगाने का कोई औचित्य नहीं है।
अपर जिला सहकारी अधिकारी चंद्रजीत यादव ने कहा कि पूर्व में शासन से मिले धन से 14 समितियों का मरम्मत हुआ है, 24 समितियों के निर्माण और 14 के मरम्मत का प्रस्ताव भेजा गया है, स्वीकृति मिलने के बाद कार्य कराया जाएगा।
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शासन में अटका है मरम्मत और निर्माण का प्रस्ताव, खतरे में रहती है जान
सिद्धार्थनगर। शहर में क्रय विक्रय समिति समेत जिले की 126 समितियों के भवन जर्जर हैं। टूटे फर्श व प्लास्टर के साथ ही टपकते छत के नीचे जान जोखिम में डालकर कर्मचारी यहां खाद व बीज की बिक्री करते है। जबकि इनमें 24 समितियों के ध्वस्तीकरण के बाद नए निर्माण और 14 के मरम्मत का प्रस्ताव शासन में अटका हुआ है। अब इन्हीं समितियों को सेवा केंद्र के तौर पर संचालित करने के कंप्यूटर लगाने की तैयारी की जा रही है।
शहर के स्टेशन रोड पर स्थित क्रय विक्रय समिति में 20 वर्ष पूर्व सहकारी बैंक कार्यालय संचालित था, जिसके जर्जर होने के कारण अब सहकारी बैंक किराए के भवन में संचालित हो रहा है। कुछ दिनों तक इसी भवन में डीसीएफ का कार्यालय भी संचालित था, जिसे कभी भी गिरने की संभावना के चलते हटा दिया गया है। शहर के निवासी खुर्शीद अहमद खान कहते है कि मुख्य बाजार में स्थित सहकारिता की इस कीमती भूमि पर आसपास से कब्जा भी बढ़ रहा है, लेकिन विभाग की तरफ से न तो इस भूमि की सुरक्षा उपाय किए जा रहे है और न ही जर्जर भवनों का मरम्मत अथवा निर्माण किया जा रहा है। इसी तरह जिले के 126 सहकारी समितियाें में अधिकांश जर्जर हो चुके है। उसका क्षेत्र के महुलानी में स्थित सहकारी समिति कुआहाटा का भवन जर्जर होकर ध्वस्तीकरण की स्थिति में पहुंच चुका है। यहां जान जोखिम में डालकर कर्मचारी खाद का कारोबार करते है। समिति के पूर्व अध्यक्ष अरिमर्दन शुक्ल कहते है कि जर्जर भवन का छत टपकता है जो कभी भी गिर सकता है। इसके साथ ही जंगले व फाटक टूटे हुए है। टूटे फर्श पर रखे जाने से खाद भी खराब हो जाता है, जिससे समिति को व्यवसाय में घाटा होता है। उनका कहना है कि बिना समितियों के भवन को दुरूस्त किए कंप्यूटर लगाने का कोई औचित्य नहीं है।
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अपर जिला सहकारी अधिकारी चंद्रजीत यादव ने कहा कि पूर्व में शासन से मिले धन से 14 समितियों का मरम्मत हुआ है, 24 समितियों के निर्माण और 14 के मरम्मत का प्रस्ताव भेजा गया है, स्वीकृति मिलने के बाद कार्य कराया जाएगा।
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