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Siddharthnagar News: मेडिकल कॉलेज में नहीं हो रही गर्भवती की जांच
Tue, 29 Oct 2024 12:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 29 Oct 2024 12:37 AM IST
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सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में करीब डेढ़ माह से अल्ट्रासाउंड जांच बंद है। इस कारण सामान्य मरीजों के साथ गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। ऐसी दुर्गति इसलिए हो रही है कि मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजी विभाग में सात डॉक्टरों के पद के बावजूद एक भी डॉक्टर नहीं है।
मेडिकल कॉलेज में पीएमएस के अंतर्गत इकलौते रेडियोलॉजी डॉ. राजीव रंजन हैं, जो कोर्ट केस और मेडिकोलीगल से फुर्सत नहीं पा रहे हैं। इसलिए गर्भवती महिलाओं सहित सामान्य मरीजों की भी अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हो रही है। रेडियालॉजी विभाग में संविदा पर कार्यरत डॉ. सुधीर कुमार मिश्र ने कॉलेज छोड़ दिया है, उसके बाद से जांच बंद है। पहले हर दिन 60-70 मरीजों की जांच होती थी। अब इतने ही मरीज निजी सेंटरों में जांच कराने को मजबूर हैं। सबसे बड़ी समस्या भर्ती मरीजों के लिए हैं।
गायनिक डाॅक्टर भी करेंगे जांच : जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने निर्देश दिया है कि गायनिक विभाग के डॉक्टर गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड जांच करेंगे, इसके लिए उन्हें जल्द ही प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस मामले में प्राचार्य डॉ. राजेश मोहन ने बताया कि रेडियोलाॅजी विभाग में डॉक्टर नहीं होने के मामले में शासन से पत्राचार किया गया है। सीएमओ से भी डॉक्टर मांगे गए हैं। ा
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मेडिकल कॉलेज में पीएमएस के अंतर्गत इकलौते रेडियोलॉजी डॉ. राजीव रंजन हैं, जो कोर्ट केस और मेडिकोलीगल से फुर्सत नहीं पा रहे हैं। इसलिए गर्भवती महिलाओं सहित सामान्य मरीजों की भी अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हो रही है। रेडियालॉजी विभाग में संविदा पर कार्यरत डॉ. सुधीर कुमार मिश्र ने कॉलेज छोड़ दिया है, उसके बाद से जांच बंद है। पहले हर दिन 60-70 मरीजों की जांच होती थी। अब इतने ही मरीज निजी सेंटरों में जांच कराने को मजबूर हैं। सबसे बड़ी समस्या भर्ती मरीजों के लिए हैं।
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गायनिक डाॅक्टर भी करेंगे जांच : जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने निर्देश दिया है कि गायनिक विभाग के डॉक्टर गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड जांच करेंगे, इसके लिए उन्हें जल्द ही प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस मामले में प्राचार्य डॉ. राजेश मोहन ने बताया कि रेडियोलाॅजी विभाग में डॉक्टर नहीं होने के मामले में शासन से पत्राचार किया गया है। सीएमओ से भी डॉक्टर मांगे गए हैं। ा
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