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Siddharthnagar News: दिवाली के पटाखों से जहरीली हुई हवा, मार्निंग वॉक में घुटने लगा दम
Thu, 16 Nov 2023 12:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 16 Nov 2023 12:03 AM IST
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: प्रदूषण के कारण सुबह पार्क में टहलने के दौरान हुई परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। दिवाली की रात पटाखों के शोर ने जहां लोगों को चैन से सोने नहीं दिया, वहीं, जमकर हुई आतिशबाजी से शहर की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई। महज 24 घंटे में ही प्रदूषण पांच गुना बढ़ा गया। तीन दिन पहले जहां एक्यूआई का स्तर 52 था, वहीं दीपावली के बाद बुधवार को यह आंकड़ा 175 तक पहुंच गया। जहरीली हवा से सबसे ज्यादा दिक्क्त सांस के रोगियों को हुई। मार्निंग वॉक पर निकले लोगों का दम घुटने लगा और आंखों में जलन होने लगी। जिससे कुछ लोग तो बिना टहले ही लौट गए।
दिवाली पर्व पर रविवार और सोमवार को उत्साह में देर रात चले पटाखों के शोर व धुएं का असर अब दिखने लगा है। पहले से चल रही पटाखेबाजी की गति दिवाली के दिन और उसके एक दिन बाद भी बढ़ी रही। नतीजतन, पटाखा, छुरछुरी, अनार व अन्य विस्फोटक सामग्रियों से फैलने वाले धुआं और आवाज के कारण लोगों को सांसत झेलनी पड़ी।
बुधवार सुबह अशोक मार्ग स्थित वन विभाग एवं उद्यान पार्क में टहलने गए बुजुर्ग एवं अन्य लोगों को सांस लेने में दिक्कतें होने लगी। सिविल लाइंस निवासी राहुल ने बताया कि सुबह आंखों में जलन होने लगी तो वह बिना टहले ही लौट आया। वहीं, आजादनगर के अरशद ने बताया कि सांस लेने में दिक्कत होने लगी। मेरे साथ गए कई लोग लौट आए।
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वन विभाग कॉलोनी निवासी डॉ. रबीश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि मॉर्निंग वॉक अच्छे वातावरण में ही बेहतर होता है। यदि वातावरण में धूल के कण और धुआं है तो एलर्जी वाले लोगों को मार्निंग वॉक से नुकसान हो सकता है। धुआं श्वास की नली में जाता है तो दिक्कत बढ़ जाती है।
दिवाली के दूसरे दिन सुबह टहलने जाने के लिए घर से निकला तो प्रदूषण अधिक था। आंख में जलन के साथ ही सांस लेने में दिक्कत हो रही थी।
-शशांक पांडेय, शहरवासी
रोज की अपेक्षा बुधवार को सुबह पार्क में सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। लोगों को पटाखों से रुपये बर्बादी के साथ ही हवा खराब होने की बात समझनी होगी।
-संजू सिंह, शहरवासी
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: प्रदूषण के कारण सुबह पार्क में टहलने के दौरान हुई परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। दिवाली की रात पटाखों के शोर ने जहां लोगों को चैन से सोने नहीं दिया, वहीं, जमकर हुई आतिशबाजी से शहर की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई। महज 24 घंटे में ही प्रदूषण पांच गुना बढ़ा गया। तीन दिन पहले जहां एक्यूआई का स्तर 52 था, वहीं दीपावली के बाद बुधवार को यह आंकड़ा 175 तक पहुंच गया। जहरीली हवा से सबसे ज्यादा दिक्क्त सांस के रोगियों को हुई। मार्निंग वॉक पर निकले लोगों का दम घुटने लगा और आंखों में जलन होने लगी। जिससे कुछ लोग तो बिना टहले ही लौट गए।
दिवाली पर्व पर रविवार और सोमवार को उत्साह में देर रात चले पटाखों के शोर व धुएं का असर अब दिखने लगा है। पहले से चल रही पटाखेबाजी की गति दिवाली के दिन और उसके एक दिन बाद भी बढ़ी रही। नतीजतन, पटाखा, छुरछुरी, अनार व अन्य विस्फोटक सामग्रियों से फैलने वाले धुआं और आवाज के कारण लोगों को सांसत झेलनी पड़ी।
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बुधवार सुबह अशोक मार्ग स्थित वन विभाग एवं उद्यान पार्क में टहलने गए बुजुर्ग एवं अन्य लोगों को सांस लेने में दिक्कतें होने लगी। सिविल लाइंस निवासी राहुल ने बताया कि सुबह आंखों में जलन होने लगी तो वह बिना टहले ही लौट आया। वहीं, आजादनगर के अरशद ने बताया कि सांस लेने में दिक्कत होने लगी। मेरे साथ गए कई लोग लौट आए।
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वन विभाग कॉलोनी निवासी डॉ. रबीश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि मॉर्निंग वॉक अच्छे वातावरण में ही बेहतर होता है। यदि वातावरण में धूल के कण और धुआं है तो एलर्जी वाले लोगों को मार्निंग वॉक से नुकसान हो सकता है। धुआं श्वास की नली में जाता है तो दिक्कत बढ़ जाती है।
दिवाली के दूसरे दिन सुबह टहलने जाने के लिए घर से निकला तो प्रदूषण अधिक था। आंख में जलन के साथ ही सांस लेने में दिक्कत हो रही थी।
-शशांक पांडेय, शहरवासी
रोज की अपेक्षा बुधवार को सुबह पार्क में सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। लोगों को पटाखों से रुपये बर्बादी के साथ ही हवा खराब होने की बात समझनी होगी।
-संजू सिंह, शहरवासी