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Siddharthnagar News: गिरफ्तारी में पुलिस की मनमानी... डीएम कराएं जांच, दर्ज हो केसर
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सिद्धार्थनगर। कोतवाली जोगिया उदयपुर क्षेत्र के दहेज हत्या के केस में गिरफ्तारी में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस केस की सुनवाई कर रहीं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्रद्धा भारतीया ने डीएम को कमेटी गठित करके पुलिस की कार्रर्वा की जांच कराने के आदेश दिए हैं।
कहा है कि, अगर जांच में गलत तरीके से कार्रवाई साबित होती है तो पुलिस के खिलाफ केस दर्ज कराया जाए। मामले की अगली सुनवाई 18 दिसंबर को होनी है। कोतवाली जोगिया उदयपुर में दर्ज दहेज हत्या के केस में बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान विवेचक सीओ बांसी मयंक द्विवेदी अभियुक्त हरिओम की रिमांड के लिए सीजेएम कोर्ट में पेश हुए।
कोर्ट ने रिमांड प्रपत्र और केस डायरी देखने के बाद पाया कि अभियुक्त की गिरफ्तारी सीओ मंयक द्विवेदी ने नहीं बल्कि एसआई रमाकान्त यादव ने की है। सीओ ने कोर्ट के समक्ष बिना वारंट एसआई द्वारा गिरफ्तारी की बात भी कबूल की।
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वहीं, सीओ ने धारा-55 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता अधिनियम के तहत इस सम्बन्ध में आदेश जारी किया था लेकिन सम्बन्धित थानेदार द्वारा गिरफ्तारी के लिए किसी अधिकारी को आदेश के सम्बन्ध में कोई प्रपत्र नहीं मिला।
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कहा है कि, अगर जांच में गलत तरीके से कार्रवाई साबित होती है तो पुलिस के खिलाफ केस दर्ज कराया जाए। मामले की अगली सुनवाई 18 दिसंबर को होनी है। कोतवाली जोगिया उदयपुर में दर्ज दहेज हत्या के केस में बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान विवेचक सीओ बांसी मयंक द्विवेदी अभियुक्त हरिओम की रिमांड के लिए सीजेएम कोर्ट में पेश हुए।
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कोर्ट ने रिमांड प्रपत्र और केस डायरी देखने के बाद पाया कि अभियुक्त की गिरफ्तारी सीओ मंयक द्विवेदी ने नहीं बल्कि एसआई रमाकान्त यादव ने की है। सीओ ने कोर्ट के समक्ष बिना वारंट एसआई द्वारा गिरफ्तारी की बात भी कबूल की।
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वहीं, सीओ ने धारा-55 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता अधिनियम के तहत इस सम्बन्ध में आदेश जारी किया था लेकिन सम्बन्धित थानेदार द्वारा गिरफ्तारी के लिए किसी अधिकारी को आदेश के सम्बन्ध में कोई प्रपत्र नहीं मिला।