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मांगों के समर्थन में फार्मासिस्ट संवर्ग ने भरी हुंकार
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सीएमओ कार्यालय पर धरना देते स्वास्थ्य कर्मी।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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मांगों के समर्थन में फार्मासिस्ट संवर्ग ने भरी हुंकार
सिद्घार्थनगर। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने शनिवार को अपनी मांगों के समर्थन में सीएमओ कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को संबोधित 20 मांगों का ज्ञापन सीएमओ को सौंपा। मांगे पूरी न होने की दशा में व्यापक आंदोलन करने की चेतावनी दी। लगातार क्रमिक आंदोलन की रूपरेखा तय करते हुए 20 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए चेताया।
भारी संख्या में एकजुट हुए फार्मासिस्ट संवर्ग के लोगों को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. वाईपी यादव ने कहा कि अराजपत्रित पदों पर कार्यरत फार्मासिस्ट को पद व योग्यता के अनुसार वेतनमान दिया जाए। चिकित्सकों की अनुपस्थिति में फार्मासिस्ट का प्रभार भत्ता बढ़ाया जाए और उन्हें विधिक मान्यता मिलनी चाहिए। विशेष कार्याधिकारी फार्मेसी का पद नाम बदल कर सहायक निदेशक फार्मेसी किया जाए। सरकारी अस्पतालों, ट्रामा सेंटर और ड्रग वेयर हाउस पर समुचित संख्या में फार्मासिस्ट का पद सृजित किए जाएं।
राजपत्रित अवकाश और द्वितीय शनिवार को कार्य के बदले एक माह का अतिरिक्त वेतन और तीन दिनों के आकस्मिक अवकाश की भी मांग की गई। डॉ. गोविंद प्रसाद ओझा, डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. सुभाष चंद्र उपाध्याय, डॉ. अरविंद कुमार त्रिपाठी, बृजेश कुमार पांडेय, नागेश पांडेय, ओपी चौधरी, रतन शंकर चौधरी, केएन शुक्ता, बी नारायण, घनश्याम प्रसाद गुप्ता, मृत्युंजय पांडेय, उमेश मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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अनिश्चितकालीन हड़ताल की दी चेतावनी
सिद्घार्थनगर। अपनी लंबित मांगों को पूरा कराने के लिए एसोसिएशन ने क्रमिक आंदोलन की रूपरेखा तय की। उसके तहत पांच से आठ दिसंबर तक फार्मासिस्ट संवर्ग से सभी कर्मी काला फीता बांधकर कार्य करेंगे। नौ से 16 दिसंबर तक सुबह के समय दो घंटे का कार्य बहिष्कार करेंगे, लेकिन इस दौरान इमर्जेंसी व पोस्टमार्टम सेवाएं बाधित नहीं होंगी। 17-19 दिसंबर के बीच पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार रहेगा, लेकिन पूर्व की भांति आकस्मिक सेवाएं बहाल रहेंगी। इसके बाद भी अगर बात नहीं बनी तो 20 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने का निर्णय लिया गया, जिसमें आकस्मिक सेवाओं का भी बहिष्कार किया जाएगा।
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सिद्घार्थनगर। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने शनिवार को अपनी मांगों के समर्थन में सीएमओ कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को संबोधित 20 मांगों का ज्ञापन सीएमओ को सौंपा। मांगे पूरी न होने की दशा में व्यापक आंदोलन करने की चेतावनी दी। लगातार क्रमिक आंदोलन की रूपरेखा तय करते हुए 20 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए चेताया।
भारी संख्या में एकजुट हुए फार्मासिस्ट संवर्ग के लोगों को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. वाईपी यादव ने कहा कि अराजपत्रित पदों पर कार्यरत फार्मासिस्ट को पद व योग्यता के अनुसार वेतनमान दिया जाए। चिकित्सकों की अनुपस्थिति में फार्मासिस्ट का प्रभार भत्ता बढ़ाया जाए और उन्हें विधिक मान्यता मिलनी चाहिए। विशेष कार्याधिकारी फार्मेसी का पद नाम बदल कर सहायक निदेशक फार्मेसी किया जाए। सरकारी अस्पतालों, ट्रामा सेंटर और ड्रग वेयर हाउस पर समुचित संख्या में फार्मासिस्ट का पद सृजित किए जाएं।
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राजपत्रित अवकाश और द्वितीय शनिवार को कार्य के बदले एक माह का अतिरिक्त वेतन और तीन दिनों के आकस्मिक अवकाश की भी मांग की गई। डॉ. गोविंद प्रसाद ओझा, डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. सुभाष चंद्र उपाध्याय, डॉ. अरविंद कुमार त्रिपाठी, बृजेश कुमार पांडेय, नागेश पांडेय, ओपी चौधरी, रतन शंकर चौधरी, केएन शुक्ता, बी नारायण, घनश्याम प्रसाद गुप्ता, मृत्युंजय पांडेय, उमेश मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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अनिश्चितकालीन हड़ताल की दी चेतावनी
सिद्घार्थनगर। अपनी लंबित मांगों को पूरा कराने के लिए एसोसिएशन ने क्रमिक आंदोलन की रूपरेखा तय की। उसके तहत पांच से आठ दिसंबर तक फार्मासिस्ट संवर्ग से सभी कर्मी काला फीता बांधकर कार्य करेंगे। नौ से 16 दिसंबर तक सुबह के समय दो घंटे का कार्य बहिष्कार करेंगे, लेकिन इस दौरान इमर्जेंसी व पोस्टमार्टम सेवाएं बाधित नहीं होंगी। 17-19 दिसंबर के बीच पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार रहेगा, लेकिन पूर्व की भांति आकस्मिक सेवाएं बहाल रहेंगी। इसके बाद भी अगर बात नहीं बनी तो 20 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने का निर्णय लिया गया, जिसमें आकस्मिक सेवाओं का भी बहिष्कार किया जाएगा।