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राहत सामग्री न पहुंचने पर किया प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 14 Aug 2016 10:30 PM IST
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परसा में प्रदर्शन करते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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परसा। बाढ़ की तबाही से जलमग्न गांवों की सूची में पहला स्थान रखने वाले मनिकौरा के पीड़ित ग्रामीणों ने एक पखवाड़ा बाद भी राहत सामग्री न मिलने पर कड़ा ऐतराज जताया है। प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। तहसील और जिला मुख्यालय पर पहुंचकर आंदोलन की चेतावनी दी है।
बानगंगा बैराज टूटने व बूढ़ी राप्ती का जलस्तर बढने से शोहरतगढ़ तहसील के दर्जनों गांव प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की ओर से पूर्व में मैरुंड गांव की सूची घोषित की गई तो उसमें मनिकौरा, तौलिहवा, खैरी शीतल प्रसाद, खैरी उर्फ झुंगहवा, मटियार उर्फ भुतहवा, तालकुंडा के तमकुहवा व गोनहा टोलों का नाम सबसे ऊपर था। मनिकौरा को छोड़कर शेष सभी ग्रामसभाओं को राहत सामग्री राहत कैंपों में तहसील प्रशासन की मौजूदगी में बांट भी दी गई, लेकिन जिस प्रभावित गांव मनिकौरा का नाम सूची में सबसे ऊपर था और एक दिन पहले राहत सामग्री सबसे पहले वहीं के प्रभावित लोगों को वितरित की जानी थी उनको आज तक राहत सामग्री नहीं बांटी गई।
इसके विरोध में मनिकौरा के सैकड़ों प्रभावित लोगों ने प्रशासन के इस गलत रवैए का विरोध किया है और स्वतंत्रता दिवस के बाद तहसील घेरने की चेतावनी भी दी है। गांव के मो.खलील, संतराम, रामदेव, सहदेव, मनबहाल, भोला, अब्दुल हकीम, विजय कुमार, अब्दुल मजीद, अब्दुल हई, जर्रार, फूलमती, जरीना खातून, ज्ञानमती, प्रभावती, इंद्रावती, सुभावती, मंगरे, अबू सहमा, रमजान अली, हेरानू आदि ने प्रशासन से राहत सामग्री अतिशीघ्र बंटवाने की मांग की है।
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इस संबंध में उपजिलाधिकारी शोहरतगढ़ अरुण कुमार सिंह का कहना था कि इस समय मैं अन्यत्र आया हूं। वापस लौटने पर इसकी पड़ताल कराएंगे कि किन कारणों से यहां राहत सामग्री नहीं बांटा गया। वहीं तहसीलदार शोहरतगढ़ मंजूर अहमद अंसारी का कहना है कि मैं इस बारे में दो दिन बाद ही कुछ बता पाऊंगा।
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बानगंगा बैराज टूटने व बूढ़ी राप्ती का जलस्तर बढने से शोहरतगढ़ तहसील के दर्जनों गांव प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की ओर से पूर्व में मैरुंड गांव की सूची घोषित की गई तो उसमें मनिकौरा, तौलिहवा, खैरी शीतल प्रसाद, खैरी उर्फ झुंगहवा, मटियार उर्फ भुतहवा, तालकुंडा के तमकुहवा व गोनहा टोलों का नाम सबसे ऊपर था। मनिकौरा को छोड़कर शेष सभी ग्रामसभाओं को राहत सामग्री राहत कैंपों में तहसील प्रशासन की मौजूदगी में बांट भी दी गई, लेकिन जिस प्रभावित गांव मनिकौरा का नाम सूची में सबसे ऊपर था और एक दिन पहले राहत सामग्री सबसे पहले वहीं के प्रभावित लोगों को वितरित की जानी थी उनको आज तक राहत सामग्री नहीं बांटी गई।
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इसके विरोध में मनिकौरा के सैकड़ों प्रभावित लोगों ने प्रशासन के इस गलत रवैए का विरोध किया है और स्वतंत्रता दिवस के बाद तहसील घेरने की चेतावनी भी दी है। गांव के मो.खलील, संतराम, रामदेव, सहदेव, मनबहाल, भोला, अब्दुल हकीम, विजय कुमार, अब्दुल मजीद, अब्दुल हई, जर्रार, फूलमती, जरीना खातून, ज्ञानमती, प्रभावती, इंद्रावती, सुभावती, मंगरे, अबू सहमा, रमजान अली, हेरानू आदि ने प्रशासन से राहत सामग्री अतिशीघ्र बंटवाने की मांग की है।
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इस संबंध में उपजिलाधिकारी शोहरतगढ़ अरुण कुमार सिंह का कहना था कि इस समय मैं अन्यत्र आया हूं। वापस लौटने पर इसकी पड़ताल कराएंगे कि किन कारणों से यहां राहत सामग्री नहीं बांटा गया। वहीं तहसीलदार शोहरतगढ़ मंजूर अहमद अंसारी का कहना है कि मैं इस बारे में दो दिन बाद ही कुछ बता पाऊंगा।