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तीन घंटे जाम में फंसकर परेशान हुए लोग
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इटावा कस्बे में लगा जाम।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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तीन घंटे जाम में फंसकर परेशान हुए लोग
इटवा। इटवा कस्बे में जाम की समस्या से लोग आए दिन जूझते हैं, लेकिन रविवार को तो हद ही हो गया। 12 बजे से शुरू हुआ जाम बढ़ता गया और कड़ी मशक्कत के बाद तीन बजे स्थिति सामान्य हो पाई। तीन घंटे के जाम में फंसकर लोग बहुत परेशान हुए। धूप और गर्मी के बीच फंसे लोग बेहाल नजर आए।
इटवा कस्बे को चार प्रमुख मार्ग विभाजित करते हैं। इसमें डुमरियागंज, बढ़नी, बांसी व बिस्कोहर सहित इटवा-बेलवा मार्ग भी हमेशा राहगीरों से भरा रहता है। इन मार्गों पर प्राइवेट वाहनों की भरमार हैं। लग्न के समय में इस संख्या में काफी वृद्धि हो जाती है। इन मार्गों पर चलने वाले टेंपो व निजी बसों में यात्रियों को बैठाने की ललक ही आए दिन जाम का कारण बनती है। इटवा से बढ़नी जाने वाली निजी बसें इटवा चौराहे के पहले व फिर बाद में खड़ी करके चालक आने वाले यात्रियों की प्रतीक्षा करते हैं, जिससे डुमरियागंज, बांसी अथवा बिस्कोहर मार्ग से आने वाले वाहनों को इन बसों के चलते रुकना पड़ता है। यहीं जाम का कारण है। ऐसा तब है, जब चौराहे पर हमेशा एसआई सहित दो सिपाही व दो होमगार्ड ड्यूटी पर रहते हैं, लेकिन ये तभी उठते हैं, जब जाम लगना शुरू हो जाता है। रविवार को यहीं हुआ।
बिस्कोहर मार्ग से बरातियों की गाड़ियां आ रही थीं। निजी बस के रुकने से बढ़नी मार्ग पर जाने के लिए रास्ता बाधित था, लेकिन सवारी बैठाने की लालच बस चालक को आगे बढ़ने से रोक रही थी। इससे कस्बे के डुमरियागंज, बांसी, बिस्कोहर व बढनी मार्ग पर दो-दो किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यह देखकर चौराहे पर पुलिस वालों को अपनी ड्यूटी याद आई। इसके बाद इन पुलिस वालों व मदद के लिए आए अन्य पुलिस कर्मियों के चलते तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जाम से मुक्ति दिलाई जा सकी। इस संबंध में एसओ विंदेश्वरीमणि त्रिपाठी का कहना है कि जाम न लगे, उसके लिए व्यवस्था की जा रही है।
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इटवा। इटवा कस्बे में जाम की समस्या से लोग आए दिन जूझते हैं, लेकिन रविवार को तो हद ही हो गया। 12 बजे से शुरू हुआ जाम बढ़ता गया और कड़ी मशक्कत के बाद तीन बजे स्थिति सामान्य हो पाई। तीन घंटे के जाम में फंसकर लोग बहुत परेशान हुए। धूप और गर्मी के बीच फंसे लोग बेहाल नजर आए।
इटवा कस्बे को चार प्रमुख मार्ग विभाजित करते हैं। इसमें डुमरियागंज, बढ़नी, बांसी व बिस्कोहर सहित इटवा-बेलवा मार्ग भी हमेशा राहगीरों से भरा रहता है। इन मार्गों पर प्राइवेट वाहनों की भरमार हैं। लग्न के समय में इस संख्या में काफी वृद्धि हो जाती है। इन मार्गों पर चलने वाले टेंपो व निजी बसों में यात्रियों को बैठाने की ललक ही आए दिन जाम का कारण बनती है। इटवा से बढ़नी जाने वाली निजी बसें इटवा चौराहे के पहले व फिर बाद में खड़ी करके चालक आने वाले यात्रियों की प्रतीक्षा करते हैं, जिससे डुमरियागंज, बांसी अथवा बिस्कोहर मार्ग से आने वाले वाहनों को इन बसों के चलते रुकना पड़ता है। यहीं जाम का कारण है। ऐसा तब है, जब चौराहे पर हमेशा एसआई सहित दो सिपाही व दो होमगार्ड ड्यूटी पर रहते हैं, लेकिन ये तभी उठते हैं, जब जाम लगना शुरू हो जाता है। रविवार को यहीं हुआ।
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बिस्कोहर मार्ग से बरातियों की गाड़ियां आ रही थीं। निजी बस के रुकने से बढ़नी मार्ग पर जाने के लिए रास्ता बाधित था, लेकिन सवारी बैठाने की लालच बस चालक को आगे बढ़ने से रोक रही थी। इससे कस्बे के डुमरियागंज, बांसी, बिस्कोहर व बढनी मार्ग पर दो-दो किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यह देखकर चौराहे पर पुलिस वालों को अपनी ड्यूटी याद आई। इसके बाद इन पुलिस वालों व मदद के लिए आए अन्य पुलिस कर्मियों के चलते तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जाम से मुक्ति दिलाई जा सकी। इस संबंध में एसओ विंदेश्वरीमणि त्रिपाठी का कहना है कि जाम न लगे, उसके लिए व्यवस्था की जा रही है।
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