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पटाखों से रहेंगे दूर, करेंगे सेहत और पर्यावरण की सुरक्षा
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पटाखों से रहेंगे दूर, करेंगे सेहत और पर्यावरण की सुरक्षा
लोगों ने प्रदूषण को रोकने के लिए पटाखे न जलाने का लिया संकल्प
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। पर्यावरण की सुरक्षा के लिए एक युद्ध-पटाखों के विरुद्ध अमर उजाला की मुहिम में सोमवार को माताओं, छोटे बच्चे भी शामिल हुए। महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और छात्रों ने दीपावली पर पटाखों से दूर रहने का संकल्प लिया है। कहा कि वर्तमान समय में प्रदूषण बढ़ता जा रहा है, इसलिए पर्यावरण की सुरक्षा जरूरी है।
दिवाली पर पर्यावरण को सुरक्षित बनाने के लिए अमर उजाला की ओर से शुरू किए गए ‘एक युद्ध पटाखों के विरुद्ध’ अभियान को शहरवासियों का भरपूर जनसमर्थन मिल रहा है। बच्चों से लेकर सीनियर सिटीजन तक इस बात की शपथ ले रहे हैं कि वे पर्यावरण की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। धुएं और शोर से शहर को बचाने की जिम्मेदारी उनकी भी है। प्रदूषण को रोकने के लिए अपनी ओर से पहल करने के साथ वे लोगों को जागरूक भी करेंगे।
मरीजों को कर रहा हूं जागरूक
पटाखों से ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है। प्रेशर हॉर्न और पटाखों की धमक यानी 120 डेसिबल (डीबी) से अधिक के शोर से हाइपरटेंशन जैसी समस्या हो सकती है। तेज रोशनी वाले पटाखों से कलर ब्लाइंडनेस व अदृश्य रूप में त्वचा-जलन जैसे दुष्परिणाम हो सकते हैं। मरीजों और बच्चों को पटाखों से निकले वायु-शोर प्रदूषण से सचेत कर रहा हूं।
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- डॉ. सीबी चौधरी, वरिष्ठ चिकित्सक, जिला अस्पताल
इस बार की दिवाली बिना पटाखों वाली
इस बार की दिवाली बिना पटाखों वाली रहेगी। मैंने संकल्प लिया है कि इस बार दिवाली पर हमारे परिवार में आतिशबाजी नहीं होगी। पर्यावरण की रक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है। मैं अपनी सभी सहेलियों को भी इस अभियान से जोडूंगी। घर के आसपास के लोगों को भी अपने स्तर से जागरूक कर पटाखे नहीं फोड़ने का संकल्प दिलाऊंगी।
- डॉ. कुमुद जायसवाल, चिकित्सक
पड़ोसियों को भी जागरूक करेंगे
पर्यावरण हितैषी दिवाली मनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हूं। दिवाली खुशियों का त्योहार है। ऐसा कोई काम न करें, जिससे दूसरों की जिंदगी प्रभावित हो। इस बारे में अन्य लोगों को भी जागरूक करेंगे, ताकि इस बार की दिवाली बिना पटाखों वाली हो। कोरोना काल से निपटने के लिए जरूरी है कि सभी नागरिक इस महती कार्य में जिम्मेदारी निभाएं।
- दीप नारायण लाल, वरिष्ठ नागरिक
पटाखे न जलाने की ली शपथ
अमर उजाला की मुहिम में छात्र भी शामिल हो गए हैं। हमारे जीवन के लिए पर्यावरण की सुरक्षा करना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। हमें ऐसे कार्यों से बचाना होगा जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं। पर्यावरण की सुरक्षा इन दिनों सबसे महत्वपूर्ण है। पटाखे चलाने से प्रदूषण फैलता है। दीपावली पर पटाखों सेे दूर रहेंगे। साथियों को भी सचेत करेेंगे।
-सत्यांश श्रीवास्तव, छात्र
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लोगों ने प्रदूषण को रोकने के लिए पटाखे न जलाने का लिया संकल्प
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। पर्यावरण की सुरक्षा के लिए एक युद्ध-पटाखों के विरुद्ध अमर उजाला की मुहिम में सोमवार को माताओं, छोटे बच्चे भी शामिल हुए। महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और छात्रों ने दीपावली पर पटाखों से दूर रहने का संकल्प लिया है। कहा कि वर्तमान समय में प्रदूषण बढ़ता जा रहा है, इसलिए पर्यावरण की सुरक्षा जरूरी है।
दिवाली पर पर्यावरण को सुरक्षित बनाने के लिए अमर उजाला की ओर से शुरू किए गए ‘एक युद्ध पटाखों के विरुद्ध’ अभियान को शहरवासियों का भरपूर जनसमर्थन मिल रहा है। बच्चों से लेकर सीनियर सिटीजन तक इस बात की शपथ ले रहे हैं कि वे पर्यावरण की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। धुएं और शोर से शहर को बचाने की जिम्मेदारी उनकी भी है। प्रदूषण को रोकने के लिए अपनी ओर से पहल करने के साथ वे लोगों को जागरूक भी करेंगे।
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मरीजों को कर रहा हूं जागरूक
पटाखों से ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है। प्रेशर हॉर्न और पटाखों की धमक यानी 120 डेसिबल (डीबी) से अधिक के शोर से हाइपरटेंशन जैसी समस्या हो सकती है। तेज रोशनी वाले पटाखों से कलर ब्लाइंडनेस व अदृश्य रूप में त्वचा-जलन जैसे दुष्परिणाम हो सकते हैं। मरीजों और बच्चों को पटाखों से निकले वायु-शोर प्रदूषण से सचेत कर रहा हूं।
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- डॉ. सीबी चौधरी, वरिष्ठ चिकित्सक, जिला अस्पताल
इस बार की दिवाली बिना पटाखों वाली
इस बार की दिवाली बिना पटाखों वाली रहेगी। मैंने संकल्प लिया है कि इस बार दिवाली पर हमारे परिवार में आतिशबाजी नहीं होगी। पर्यावरण की रक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है। मैं अपनी सभी सहेलियों को भी इस अभियान से जोडूंगी। घर के आसपास के लोगों को भी अपने स्तर से जागरूक कर पटाखे नहीं फोड़ने का संकल्प दिलाऊंगी।
- डॉ. कुमुद जायसवाल, चिकित्सक
पड़ोसियों को भी जागरूक करेंगे
पर्यावरण हितैषी दिवाली मनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हूं। दिवाली खुशियों का त्योहार है। ऐसा कोई काम न करें, जिससे दूसरों की जिंदगी प्रभावित हो। इस बारे में अन्य लोगों को भी जागरूक करेंगे, ताकि इस बार की दिवाली बिना पटाखों वाली हो। कोरोना काल से निपटने के लिए जरूरी है कि सभी नागरिक इस महती कार्य में जिम्मेदारी निभाएं।
- दीप नारायण लाल, वरिष्ठ नागरिक
पटाखे न जलाने की ली शपथ
अमर उजाला की मुहिम में छात्र भी शामिल हो गए हैं। हमारे जीवन के लिए पर्यावरण की सुरक्षा करना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। हमें ऐसे कार्यों से बचाना होगा जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं। पर्यावरण की सुरक्षा इन दिनों सबसे महत्वपूर्ण है। पटाखे चलाने से प्रदूषण फैलता है। दीपावली पर पटाखों सेे दूर रहेंगे। साथियों को भी सचेत करेेंगे।
-सत्यांश श्रीवास्तव, छात्र