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Siddharthnagar News: गर्मी से बढ़े खुजली और फंगल संक्रमण के मरीज
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मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में मरीज के स्वास्थ्य की जानकारी लेते डाॅ. अरफुल खान। संवाद
-माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन आ रहे 60 से 70 मरीज
-समय रहते ध्यान नहीं देने पर हो रहा गंभीर, बढ़ रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। गर्मी बढ़ने के साथ ही त्वचा संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं। इससे मेडिकल कॉलेज के चर्म रोग विभाग में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। गर्मी व उमस से मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 60 से 70 मरीज त्वचा रोग के आ रहे हैं। इनमें गर्मी के कारण खुजली, लाल चकत्ते, फंगल इंफेक्शन, दाने और जलन की समस्या अधिक हो रही है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के स्किन रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अरफुल खान ने बताया कि गर्मी में त्वचा संबंधी समस्याएं आम हो जाती हैं। मौसम के बदलाव और बढ़ते तापमान का असर त्वचा पर नजर आने लगता है। गर्मी और पसीने से दाद, घमौरियां, फोटो डर्मेटाइटिस, पिंपल्स जैसी समस्याएं बढ़ गईं हैं। यदि इसका समय रहते इलाज न कराया जाए तो बीमारी गंभीर हो सकती है। सबसे ज्यादा मरीज पीएमएलई और फोटो डर्मेटाइटिस (सूर्य की तेज रोशनी से होने वाला रोग) के आ रहे हैं।
इन बीमारियों में त्वचा के खुले हिस्सों पर छोटे-छोटे दाने निकलते हैं। जो शरीर के खुले हिस्सों में होते हैं। यह खुजली और जलन बढ़ाते हैं। इसके अलावा फंगल इंफेक्शन भी तेजी से फैल रहा है। शरीर के ऐसे हिस्से जहां पसीना अधिक आता है, वहां दाद और चकत्ते हो जाते हैं। कई मरीज पिंपल्स की समस्या से भी परेशान हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी में त्वचा डिहाइड्रेट हो जाती है। इससे जलन और सूखापन होता है। लापरवाही से बीमारी लंबे समय तक रह सकती है। आमतौर पर एक से दो हफ्ते में सुधार हो जाता है, लेकिन साफ-सफाई और परहेज जरूरी है।
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इस तरह बरतें सावधानी बरतें
डॉ. अरफुल खान ने बताया कि गर्मी में सूती और ढीले कपड़े पहनें, भीगा या पसीने से गीला कपड़ा न पहनें, रोजाना नहाएं और शरीर की सफाई रखें, धूप में बाहर निकलते समय चेहरे और शरीर ढक लें, सुपाच्य और पौष्टिक आहार लें, मौसमी फल और हरी सब्जियों का सेवन करें, त्वचा में जलन, दाने या खुजली हो तो तुरंत चर्म रोग विशेषज्ञ से संपर्क कर इलाज शुरू कर देना चाहिए।
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-समय रहते ध्यान नहीं देने पर हो रहा गंभीर, बढ़ रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। गर्मी बढ़ने के साथ ही त्वचा संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं। इससे मेडिकल कॉलेज के चर्म रोग विभाग में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। गर्मी व उमस से मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 60 से 70 मरीज त्वचा रोग के आ रहे हैं। इनमें गर्मी के कारण खुजली, लाल चकत्ते, फंगल इंफेक्शन, दाने और जलन की समस्या अधिक हो रही है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के स्किन रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अरफुल खान ने बताया कि गर्मी में त्वचा संबंधी समस्याएं आम हो जाती हैं। मौसम के बदलाव और बढ़ते तापमान का असर त्वचा पर नजर आने लगता है। गर्मी और पसीने से दाद, घमौरियां, फोटो डर्मेटाइटिस, पिंपल्स जैसी समस्याएं बढ़ गईं हैं। यदि इसका समय रहते इलाज न कराया जाए तो बीमारी गंभीर हो सकती है। सबसे ज्यादा मरीज पीएमएलई और फोटो डर्मेटाइटिस (सूर्य की तेज रोशनी से होने वाला रोग) के आ रहे हैं।
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इन बीमारियों में त्वचा के खुले हिस्सों पर छोटे-छोटे दाने निकलते हैं। जो शरीर के खुले हिस्सों में होते हैं। यह खुजली और जलन बढ़ाते हैं। इसके अलावा फंगल इंफेक्शन भी तेजी से फैल रहा है। शरीर के ऐसे हिस्से जहां पसीना अधिक आता है, वहां दाद और चकत्ते हो जाते हैं। कई मरीज पिंपल्स की समस्या से भी परेशान हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी में त्वचा डिहाइड्रेट हो जाती है। इससे जलन और सूखापन होता है। लापरवाही से बीमारी लंबे समय तक रह सकती है। आमतौर पर एक से दो हफ्ते में सुधार हो जाता है, लेकिन साफ-सफाई और परहेज जरूरी है।
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इस तरह बरतें सावधानी बरतें
डॉ. अरफुल खान ने बताया कि गर्मी में सूती और ढीले कपड़े पहनें, भीगा या पसीने से गीला कपड़ा न पहनें, रोजाना नहाएं और शरीर की सफाई रखें, धूप में बाहर निकलते समय चेहरे और शरीर ढक लें, सुपाच्य और पौष्टिक आहार लें, मौसमी फल और हरी सब्जियों का सेवन करें, त्वचा में जलन, दाने या खुजली हो तो तुरंत चर्म रोग विशेषज्ञ से संपर्क कर इलाज शुरू कर देना चाहिए।