{"_id":"65e2168b95d49d6cec0297df","slug":"patients-recover-after-getting-anti-rabies-injection-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-113688-2024-03-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: एंटी रैबिज इंजेक्शन लगवाने पर रोगियों से होती है वसूली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: एंटी रैबिज इंजेक्शन लगवाने पर रोगियों से होती है वसूली
Fri, 01 Mar 2024 11:25 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 01 Mar 2024 11:25 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शोहरतगढ़। शोहरतगढ़ सीएचसी पर घूसखोरी और भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। जानवरों के काटने पर एंटी रैबिज इंजेक्शन लगाने के नाम पर रोगियों से 30 से 50 रुपये तक वसूला जा रहा है। यहीं नहीं पीडि़त के स्वजन से बाहर से सीरिंज खरीद कर लाने के लिए कहा जाता है। इसकी जानकारी शुक्रवार को एंटी रैबिज इंजेक्शन लगवाने आए लक्ष्मीनगर निवासी रमेश मौर्य, परिगवा निवासी प्रहलाद ने दी। इन्होंने कहा कि इसकी शिकायत सीएचसी अधीक्षक से की गई है।
रमेश मौर्य ने कहा कि उनके पुत्र शुभम को एक दिन पहले कुत्ते ने काट लिया। वह बच्चे को लेकर शुक्रवार को सीएचसी पर एंटी रैबिज इंजेक्शन लगवाने के लिए आए तो एक स्वास्थ्य कर्मी ने कहा कि एंटी रैबिज इंजेक्शन नहीं है। अगर 50 रुपए दोगे तो लगा देंगे। मगर किसी से कहना नहीं जाओ बाहर से एक सीरिंज लेकर आओ। पीडि़त ने 30 रुपये और बाहर से सीरिंज खरीद कर दी। तब जाकर उसके बच्चे को एंटी रैबिज का इंजेक्शन लगा।
प्रतिदिन एंटी रैबिज इंजेक्शन लगाने के नाम पर पीडि़तों के स्वजन से पैसा वसूलने के बाद ही इंजेक्शन लगाया जाता है। शुक्रवार को लगभग एक दर्जन से अधिक स्वजन अपने बच्चों को लेकर एंटी रैबिज का इंजेक्शन लगवाने के लिए आए और लगभग सभी से पैसा वसूलने के बाद ही इंजेक्शन लगाया गया।
विज्ञापन
एंटी रैबिज इंजेक्शन लगवाने आए मरीजों से पैसा लिए जाने की शिकायत मिली है। पैसा लेकर इंजेक्शन लगाना गलत है, इसकी जांच कराकर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. सौरभ चतुर्वेदी, सीएचसी अधीक्षक शोहरतगढ़
विज्ञापन
रमेश मौर्य ने कहा कि उनके पुत्र शुभम को एक दिन पहले कुत्ते ने काट लिया। वह बच्चे को लेकर शुक्रवार को सीएचसी पर एंटी रैबिज इंजेक्शन लगवाने के लिए आए तो एक स्वास्थ्य कर्मी ने कहा कि एंटी रैबिज इंजेक्शन नहीं है। अगर 50 रुपए दोगे तो लगा देंगे। मगर किसी से कहना नहीं जाओ बाहर से एक सीरिंज लेकर आओ। पीडि़त ने 30 रुपये और बाहर से सीरिंज खरीद कर दी। तब जाकर उसके बच्चे को एंटी रैबिज का इंजेक्शन लगा।
विज्ञापन
प्रतिदिन एंटी रैबिज इंजेक्शन लगाने के नाम पर पीडि़तों के स्वजन से पैसा वसूलने के बाद ही इंजेक्शन लगाया जाता है। शुक्रवार को लगभग एक दर्जन से अधिक स्वजन अपने बच्चों को लेकर एंटी रैबिज का इंजेक्शन लगवाने के लिए आए और लगभग सभी से पैसा वसूलने के बाद ही इंजेक्शन लगाया गया।
विज्ञापन
एंटी रैबिज इंजेक्शन लगवाने आए मरीजों से पैसा लिए जाने की शिकायत मिली है। पैसा लेकर इंजेक्शन लगाना गलत है, इसकी जांच कराकर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. सौरभ चतुर्वेदी, सीएचसी अधीक्षक शोहरतगढ़