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बैंकों में कैश खत्म, दोपहर में ही लौटे लोग
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 17 Nov 2016 10:12 PM IST
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सिद्धार्थनगर। नोटबंदी का संकट गुरुवार को और गहरा गया। छोटे नोटों की किल्लत और नई करेंसी न उपलब्ध हो पाने से दोपहर में ही सभी बैंकों के कैश खत्म हो गए। यहां तक कि एसबीआई शाखा में भी घंटों कतार लगाए ग्राहकों को निराश लौटना पड़ा। इसके बाद सिर्फ नोट जमा होते रहे। करेंसी के संकट को देखते हुए अधिकांश बैंकों ने बड़े नोट बदलने का काम भी रोक दिया है। बैंक गेट पर ही सूचना चस्पा कर दी गई है कि अगर खाता नहीं है तो कृपया बैंक में सिर्फ नकदी बदलने न आएं, पकड़े जाने पर कार्रवाई भी होगी।
अधिकांश बैंकों में बुधवार की शाम तक ही नकदी खत्म हो गई थी। जमा हुए छोटे नोटों के माध्यम से ग्राहकों को वापसी दी गई। उम्मीद थी कि गुुरुवार की सुबह तक नकदी आ जाएगी। बैंक खुले तो एसबीआई के नौगढ़, डुमरियागंज व बांसी करेंसी चेस्ट में कुल 4 करोड़ रुपये नकदी था।
इस राशि से जैसे-तैसे बैंकों ने काम आरंभ किया, मगर ग्राहकों की भीड़ के आगे यह राशि दोपहर तक भी नहीं चल सकी। साढ़े 12 बजे तक ही ज्यादातर शाखाओं में कैश खत्म हो गए। इसके बाद सिर्फ नोट जमा करने की प्रक्रिया ही चलती रही। पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा, एचडीएफसी, यूबीआई सहित अन्य बैंकों में भी नकदी बदलने का काम ठप था। सिर्फ उन्हें ही पैसे लौटाए जा रहे थे, जो चेक से लेन-देन कर रहे थे।
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पूरे नगर में एचडीएफसी का एटीएम ही चालू रहा, जहां से निर्धारिश राशि ही मिल रही थी। नकदी न होने से परेशान बैंक कर्मी यह कह कर ग्राहकों को लौटा रहे थे कि उंगलियों पर निशान लगाने वाली स्याही न होने से वह पैसे नहीं बदल पाएंगे। लीड बैंक अधिकारी कल्पनाथ के मुताबिक नकदी का संकट गंभीर है। गुरुवार को जिले के तीनों करेंसी चेस्ट में सिर्फ 4 करोड़ थे, जिससे लेन-देन किया गया। दोपहर में ही यह राशि खत्म होने के बाद उन रुपये लौटाया गया, जो जमा हुए थे। खराब नोट भी देने को कहे गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि देर शाम या शुक्रवार की सुबह तक करेंसी आ जाएगी।
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अधिकांश बैंकों में बुधवार की शाम तक ही नकदी खत्म हो गई थी। जमा हुए छोटे नोटों के माध्यम से ग्राहकों को वापसी दी गई। उम्मीद थी कि गुुरुवार की सुबह तक नकदी आ जाएगी। बैंक खुले तो एसबीआई के नौगढ़, डुमरियागंज व बांसी करेंसी चेस्ट में कुल 4 करोड़ रुपये नकदी था।
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इस राशि से जैसे-तैसे बैंकों ने काम आरंभ किया, मगर ग्राहकों की भीड़ के आगे यह राशि दोपहर तक भी नहीं चल सकी। साढ़े 12 बजे तक ही ज्यादातर शाखाओं में कैश खत्म हो गए। इसके बाद सिर्फ नोट जमा करने की प्रक्रिया ही चलती रही। पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा, एचडीएफसी, यूबीआई सहित अन्य बैंकों में भी नकदी बदलने का काम ठप था। सिर्फ उन्हें ही पैसे लौटाए जा रहे थे, जो चेक से लेन-देन कर रहे थे।
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पूरे नगर में एचडीएफसी का एटीएम ही चालू रहा, जहां से निर्धारिश राशि ही मिल रही थी। नकदी न होने से परेशान बैंक कर्मी यह कह कर ग्राहकों को लौटा रहे थे कि उंगलियों पर निशान लगाने वाली स्याही न होने से वह पैसे नहीं बदल पाएंगे। लीड बैंक अधिकारी कल्पनाथ के मुताबिक नकदी का संकट गंभीर है। गुरुवार को जिले के तीनों करेंसी चेस्ट में सिर्फ 4 करोड़ थे, जिससे लेन-देन किया गया। दोपहर में ही यह राशि खत्म होने के बाद उन रुपये लौटाया गया, जो जमा हुए थे। खराब नोट भी देने को कहे गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि देर शाम या शुक्रवार की सुबह तक करेंसी आ जाएगी।