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Siddharthnagar News: संगठित गिरोह के अपराधी को पांच साल का कारावास
Fri, 23 Feb 2024 01:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 23 Feb 2024 01:27 AM IST
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सिद्धार्थनगर। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय कामेश शुक्ल ने गैंगेस्टर एक्ट के एक आरोपी को पांच साल के कारावास की सजा सुनाई है। सदर थाना क्षेत्र के बेलसड़ निवासी अभियुक्त राम नयन प्रजापति पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना जमा न करने पर उसे अतिरिक्त कारावास की सजा होगी।
मोहाना थाना में वर्ष 2011 में राम नयन प्रजापति के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई करते हुए पुलिस ने स्वयं ही केस दर्ज किया था। वर्ष 2011 में उसको उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं सामाजिक क्रियाकलाप नियंत्रण अधिनियम के तहत गिरोह बनाकर अपराध करने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया। विवेचना के बाद न्यायालय में उसके खिलाफ गैंगचार्ट बनाकर पुलिस ने पेश किया। न्यायालय ने संज्ञान लेकर विचारण शुरू किया। विचारण के दौरान साक्ष्य की कार्रवाई पूर्ण होने के बाद न्यायालय ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनकर पत्रावली का अवलोकन किया।
विचारण के दौरान उपलब्ध गवाहों की गवाही, जिरह, गैंगचार्ट, उसके खिलाफ पूर्व में दर्ज केसों व अन्य सुसंगत दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने उसे दोषी करार दिया। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई करके न्यायालय ने रामनयन प्रजापति को सजा सुनाई। सरकार की तरफ से अभियोजन की पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता नीरज श्रीवास्तव ने किया।
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मोहाना थाना में वर्ष 2011 में राम नयन प्रजापति के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई करते हुए पुलिस ने स्वयं ही केस दर्ज किया था। वर्ष 2011 में उसको उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं सामाजिक क्रियाकलाप नियंत्रण अधिनियम के तहत गिरोह बनाकर अपराध करने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया। विवेचना के बाद न्यायालय में उसके खिलाफ गैंगचार्ट बनाकर पुलिस ने पेश किया। न्यायालय ने संज्ञान लेकर विचारण शुरू किया। विचारण के दौरान साक्ष्य की कार्रवाई पूर्ण होने के बाद न्यायालय ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनकर पत्रावली का अवलोकन किया।
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विचारण के दौरान उपलब्ध गवाहों की गवाही, जिरह, गैंगचार्ट, उसके खिलाफ पूर्व में दर्ज केसों व अन्य सुसंगत दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने उसे दोषी करार दिया। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई करके न्यायालय ने रामनयन प्रजापति को सजा सुनाई। सरकार की तरफ से अभियोजन की पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता नीरज श्रीवास्तव ने किया।
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