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अवैध कब्जे को आक्रोशित ग्रामीणों ने रुकवाया
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अवैध कब्जे को आक्रोशित ग्रामीणों ने रुकवाया
इटवा। इटवा थाने के सामने स्थित रामलीला मैदान पर अवैध कब्जा को रविवार देर रात में ग्रामीणों ने रुकवा दिया। लोगों का आरोप है कि गलत तरीके से रामलीला मैदान पर कब्जा किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, इटवा थाने के सामने स्थित रामलीला मैदान पर काफी दिनों से विवाद चल रहा है। एक पक्ष इसे अपनी भूमि बता रहा है और दूसरा पक्ष यहां धार्मिक कार्यक्रम होने के कारण इसे रामलीला मैदान बता रहा है। अपनी भूमि बता रहे लोगों ने कब्जा करने की नीयत से जेसीबी मशीन से रविवार देर रात नींव खोदनी शुरू कर दी। इसकी सूचना दुर्गा पूजा समिति, जेएमडी ग्रुप व अन्य कमेटी के सदस्यों सहित अन्य कस्बावासियों को मिली। वे लोग मौके पर पहुंच गए। इसी दौरान पुलिस वालों को भी जानकारी दी गई। इटवा पुलिस ने समझाबुझाकर लोगों को शांत कराया। सोमवार को पूर्व मंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने भी मौके पर जमीन के बाबत जानकारी ली। इस संबंध में एसओ विंदेश्वरीमणि त्रिपाठी का कहना है कि दोनों पक्षों से यथास्थिति बनाए रखते हुए भूमि के स्वामित्व संबंधी कागजात दिखाने के लिए कहा गया है।
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इटवा। इटवा थाने के सामने स्थित रामलीला मैदान पर अवैध कब्जा को रविवार देर रात में ग्रामीणों ने रुकवा दिया। लोगों का आरोप है कि गलत तरीके से रामलीला मैदान पर कब्जा किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, इटवा थाने के सामने स्थित रामलीला मैदान पर काफी दिनों से विवाद चल रहा है। एक पक्ष इसे अपनी भूमि बता रहा है और दूसरा पक्ष यहां धार्मिक कार्यक्रम होने के कारण इसे रामलीला मैदान बता रहा है। अपनी भूमि बता रहे लोगों ने कब्जा करने की नीयत से जेसीबी मशीन से रविवार देर रात नींव खोदनी शुरू कर दी। इसकी सूचना दुर्गा पूजा समिति, जेएमडी ग्रुप व अन्य कमेटी के सदस्यों सहित अन्य कस्बावासियों को मिली। वे लोग मौके पर पहुंच गए। इसी दौरान पुलिस वालों को भी जानकारी दी गई। इटवा पुलिस ने समझाबुझाकर लोगों को शांत कराया। सोमवार को पूर्व मंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने भी मौके पर जमीन के बाबत जानकारी ली। इस संबंध में एसओ विंदेश्वरीमणि त्रिपाठी का कहना है कि दोनों पक्षों से यथास्थिति बनाए रखते हुए भूमि के स्वामित्व संबंधी कागजात दिखाने के लिए कहा गया है।
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