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धरने को अनशन में तब्दील करेंगे धुरिया समाज के लोग
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अब धरने को अनशन में तब्दील करेंगे
अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र निर्गत करने का मामला
अधिवक्ता उमाशंकर की अगुवाई में आठवें दिन भी धरना
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र निर्गत नहीं करने के मामले में धुरिया समाज काफी नाराज है। लगातार आठवें दिन भी उनका धरना जारी रहा। समस्या का समाधान नहीं होने पर धरने को अनशन में तब्दील करने का निर्णय लिया गया।
कलेक्ट्रेट परिसर में आदिवासी विकास सेवा संस्थान के बैनर तले अनिश्चितकालीन धरना जारी है। इसकी अगुवाई उमाशंकर गोंड एडवोकेट कर रहे हैं। कहा कि धुरिया और गोंड जाति को अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र देने के लिए शासन स्तर से निर्देश मिलने के बाद भी अधिकारियों की ओर से शिथिलता बरती जा रही है। इस समस्या का समाधान शासन समेत उच्च न्यायालय, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, जिला स्क्रूटनी कमेटी, पिछड़ा वर्ग आयोग कर चुका है। पूर्व में प्रमाणपत्र भी जारी हुए थे, पर प्रशासन किसी भी आदेश को मानने को तैयार नहीं है। अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र निर्गत नहीं करने पर आंदोलन को अनशन में तब्दील करने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान मुरली, सतीश दुबे, संतोष गोंड, सुग्रीव, संगीता देवी, नेहा गोंड, वर्षा गोंड, रोशनी, रामू गोंड, बृजेश, नंदलाल, प्रमोद, पवन, लालमणि, उमेश, दीपक, प्रतीक, अनिल, रजनीश धुरिया उपस्थित रहे।
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अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र निर्गत करने का मामला
अधिवक्ता उमाशंकर की अगुवाई में आठवें दिन भी धरना
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र निर्गत नहीं करने के मामले में धुरिया समाज काफी नाराज है। लगातार आठवें दिन भी उनका धरना जारी रहा। समस्या का समाधान नहीं होने पर धरने को अनशन में तब्दील करने का निर्णय लिया गया।
कलेक्ट्रेट परिसर में आदिवासी विकास सेवा संस्थान के बैनर तले अनिश्चितकालीन धरना जारी है। इसकी अगुवाई उमाशंकर गोंड एडवोकेट कर रहे हैं। कहा कि धुरिया और गोंड जाति को अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र देने के लिए शासन स्तर से निर्देश मिलने के बाद भी अधिकारियों की ओर से शिथिलता बरती जा रही है। इस समस्या का समाधान शासन समेत उच्च न्यायालय, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, जिला स्क्रूटनी कमेटी, पिछड़ा वर्ग आयोग कर चुका है। पूर्व में प्रमाणपत्र भी जारी हुए थे, पर प्रशासन किसी भी आदेश को मानने को तैयार नहीं है। अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र निर्गत नहीं करने पर आंदोलन को अनशन में तब्दील करने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान मुरली, सतीश दुबे, संतोष गोंड, सुग्रीव, संगीता देवी, नेहा गोंड, वर्षा गोंड, रोशनी, रामू गोंड, बृजेश, नंदलाल, प्रमोद, पवन, लालमणि, उमेश, दीपक, प्रतीक, अनिल, रजनीश धुरिया उपस्थित रहे।
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