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अब ग्राम पंचायत सचिवों की जिम्मेदारी होगी तय
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अब ग्राम पंचायत सचिवों की जिम्मेदारी होगी तय
एक सचिव के जिम्मे होगा 10 से 12 हजार आबादी का कार्य
सिद्धार्थनगर। किसी ग्राम पंचायत सचिव को कई गांव और किसी को एक भी नहीं वाली व्यवस्था जल्द समाप्त हो जाएगी। जनपद में कलस्टर प्रणाली लागू की जा रही है। एक गांव में एक सचिव के जिम्मे 10-12 हजार की आबादी के कार्य होंगे। कम से कम पांच गांव दिए जाएंगे। इसमें सबसे बड़ी सहूलियत यह होगी कि जो भी ग्राम पंचायतें दी जाएंगी वह एक-दूसरे से सटी रहेंगी। ऐसा नहीं कि एक यहां तो दूसरा दूसरे छोर पर होगा। इसके पीछे शासन की मंशा है कि कार्य में टालमटोल करने की प्रक्रिया बंद हो जाएगी और जरूरतमंदों का काम समय से हो जाएगा।
आम जनता का कार्य आसानी और सुलभता से उसके घर पास हो जाए, इसके लिए शासन की ओर से लगातार नीतियों में बदलाव किए जा रहे हैं। शासन ने ग्राम पंचायतों में सचिव के समय पर उपस्थित न होने से आने वाली परेशानियों को संज्ञान में लिया है। कारण एक सचिव को चार ग्राम पंचायतें दी गई हैं तो उसमें चारों चार तरफ रहती हैं। ऐसे में सचिवों को काम करने में परेशानी होती है। शासन इस व्यवस्था को हमेशा के लिए समाप्त करने की कवायद शुरू की है। इसके लिए जनपद में कलस्टर प्रणाली लागू करने जा रही है। इसमें ग्राम पंचायत सचिव को जो गांव दिए जाएंगे वे आसपास के होंगे। इससे उन्हें अधिक भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। साथ ही अगर किसी को जरूरत पड़ती है तो उसे जानकारी रहेगी कि सचिव किस गांव में होंगे। सचिव भी यह कहकर टाल मटोल नहीं कर पाएंगे यहां नहीं वहां पर हैं।
शासन की ओर से जनपद में 217 कलस्टर लागू किए गए हैं। जिले की 1136 ग्राम पंचायतों का बंटवारा इसी प्रकार होगा। शासन से कलस्टर जारी होने के बाद विभागीय कवायद शुरू हो गया है। डीपीआरओ आदर्श ने बताया कि शासन की ओर से कलस्टर प्रणाली लागू की जा रही है। जनपद में 217 कलस्टर बनाए गए हैं।
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फेरबदल में एक साथ छोड़ना होगा चार्ज
विभाग के मुताबिक अकसर यह सामने आता है कि सचिव चार्ज छोड़ने में हिचकिचाते हैं। कई गांव की जिम्मेदारी है तो फेरबदल में एक छोड़ दिया अन्य का जार्च फंसा देते हैं। कलस्टर प्रणाली लागू होने के बाद एक साथ जो भी ग्राम पंचायतें मिली रहेंगी, उसका चार्ज आने वाले सचिव को तत्काल सौंपना होगा। इसके पीछे शासन की मंशा है कि जवाबदेही तय हो जाएगी और कार्य में गड़बड़ी और शिथिलता दूर होगी।
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एक सचिव के जिम्मे होगा 10 से 12 हजार आबादी का कार्य
सिद्धार्थनगर। किसी ग्राम पंचायत सचिव को कई गांव और किसी को एक भी नहीं वाली व्यवस्था जल्द समाप्त हो जाएगी। जनपद में कलस्टर प्रणाली लागू की जा रही है। एक गांव में एक सचिव के जिम्मे 10-12 हजार की आबादी के कार्य होंगे। कम से कम पांच गांव दिए जाएंगे। इसमें सबसे बड़ी सहूलियत यह होगी कि जो भी ग्राम पंचायतें दी जाएंगी वह एक-दूसरे से सटी रहेंगी। ऐसा नहीं कि एक यहां तो दूसरा दूसरे छोर पर होगा। इसके पीछे शासन की मंशा है कि कार्य में टालमटोल करने की प्रक्रिया बंद हो जाएगी और जरूरतमंदों का काम समय से हो जाएगा।
आम जनता का कार्य आसानी और सुलभता से उसके घर पास हो जाए, इसके लिए शासन की ओर से लगातार नीतियों में बदलाव किए जा रहे हैं। शासन ने ग्राम पंचायतों में सचिव के समय पर उपस्थित न होने से आने वाली परेशानियों को संज्ञान में लिया है। कारण एक सचिव को चार ग्राम पंचायतें दी गई हैं तो उसमें चारों चार तरफ रहती हैं। ऐसे में सचिवों को काम करने में परेशानी होती है। शासन इस व्यवस्था को हमेशा के लिए समाप्त करने की कवायद शुरू की है। इसके लिए जनपद में कलस्टर प्रणाली लागू करने जा रही है। इसमें ग्राम पंचायत सचिव को जो गांव दिए जाएंगे वे आसपास के होंगे। इससे उन्हें अधिक भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। साथ ही अगर किसी को जरूरत पड़ती है तो उसे जानकारी रहेगी कि सचिव किस गांव में होंगे। सचिव भी यह कहकर टाल मटोल नहीं कर पाएंगे यहां नहीं वहां पर हैं।
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शासन की ओर से जनपद में 217 कलस्टर लागू किए गए हैं। जिले की 1136 ग्राम पंचायतों का बंटवारा इसी प्रकार होगा। शासन से कलस्टर जारी होने के बाद विभागीय कवायद शुरू हो गया है। डीपीआरओ आदर्श ने बताया कि शासन की ओर से कलस्टर प्रणाली लागू की जा रही है। जनपद में 217 कलस्टर बनाए गए हैं।
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फेरबदल में एक साथ छोड़ना होगा चार्ज
विभाग के मुताबिक अकसर यह सामने आता है कि सचिव चार्ज छोड़ने में हिचकिचाते हैं। कई गांव की जिम्मेदारी है तो फेरबदल में एक छोड़ दिया अन्य का जार्च फंसा देते हैं। कलस्टर प्रणाली लागू होने के बाद एक साथ जो भी ग्राम पंचायतें मिली रहेंगी, उसका चार्ज आने वाले सचिव को तत्काल सौंपना होगा। इसके पीछे शासन की मंशा है कि जवाबदेही तय हो जाएगी और कार्य में गड़बड़ी और शिथिलता दूर होगी।