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Siddharthnagar News: जमीन न घर, फिर भी राशन कार्ड से वंचित
Tue, 11 Jul 2023 12:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 11 Jul 2023 12:34 AM IST
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सिद्धार्थनगर। खेसरहा ब्लॉक क्षेत्र के रिउना गांव में कुछ परिवारों के पास ना तो खेती की जमीन है और ना ही वे आर्थिक रूप से मजबूत हैं। इसके बावजूद सरकारी सुविधाओं से वंचित हैं। वह राशन कार्ड के लिए चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन आवेदन करने के बाद भी कार्ड जारी नहीं हो रहा है। जिम्मेदारों की नजर इन जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच रही है।
खेसरहा ब्लॉक क्षेत्र के रिउना गांव में कई परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। इनमें पात्र होते हुए भी उन्हें योजना का लाभ मिल पा रहा है। गांव निवासी इंद्रावती पत्नी विजय कुमार के परिवार में कुल चार सदस्य हैं। उनके पास खेती की भूमि भी नहीं है। कई बार भटकने के बाद भी राशन कार्ड नहीं बन रहा है। इसी गांव के टोला सरैनिया निवासी अनीता पत्नी रामअशीष के पास कोई भी कृषि भूमि नहीं है। परिवार की आजीविका का साधन मजदूरी है। इनके परिवार में कुल आठ सदस्य हैं। इनका कहना है कि कई बार ऑनलाइन आवेदन और शिकायत के बाद भी राशन कार्ड नहीं बन सका। सरैनिया निवासी पियारी पत्नी पारसनाथ के परिवार में कुल नौ बच्चे हैं और इनके पास खेती के लिए केवल दो बीघा जमीन है। तीन साल पहले पति की मृत्यु के बाद कई बार अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी इनका राशन कार्ड नहीं बन सका। इस संबंध में पूर्ति निरीक्षक खेसरहा मुकेश प्रसाद का कहना है कि वैसे तो राशन कार्ड जारी करने का लक्ष्य पूरा हो चुका है फिर भी अगर कोई इस स्थिति में है तो कार्यालय आकर संपर्क कर सकता है। जांच उपरांत उसका नाम सूची में जोड़ दिया जाएगा।
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खेसरहा ब्लॉक क्षेत्र के रिउना गांव में कई परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। इनमें पात्र होते हुए भी उन्हें योजना का लाभ मिल पा रहा है। गांव निवासी इंद्रावती पत्नी विजय कुमार के परिवार में कुल चार सदस्य हैं। उनके पास खेती की भूमि भी नहीं है। कई बार भटकने के बाद भी राशन कार्ड नहीं बन रहा है। इसी गांव के टोला सरैनिया निवासी अनीता पत्नी रामअशीष के पास कोई भी कृषि भूमि नहीं है। परिवार की आजीविका का साधन मजदूरी है। इनके परिवार में कुल आठ सदस्य हैं। इनका कहना है कि कई बार ऑनलाइन आवेदन और शिकायत के बाद भी राशन कार्ड नहीं बन सका। सरैनिया निवासी पियारी पत्नी पारसनाथ के परिवार में कुल नौ बच्चे हैं और इनके पास खेती के लिए केवल दो बीघा जमीन है। तीन साल पहले पति की मृत्यु के बाद कई बार अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी इनका राशन कार्ड नहीं बन सका। इस संबंध में पूर्ति निरीक्षक खेसरहा मुकेश प्रसाद का कहना है कि वैसे तो राशन कार्ड जारी करने का लक्ष्य पूरा हो चुका है फिर भी अगर कोई इस स्थिति में है तो कार्यालय आकर संपर्क कर सकता है। जांच उपरांत उसका नाम सूची में जोड़ दिया जाएगा।
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