फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   no bad and no baramda in hospital

बेड खाली न बरामदा, हर तरफ मरीज

Sun, 18 Aug 2019 10:33 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 18 Aug 2019 10:33 PM IST
विज्ञापन
no bad and no baramda in hospital
फोटो- 59,60,61, 62
विज्ञापन

बेड खाली न बरामदा, हर तरफ मरीज
मौसम बेरुखा होने से बुखार से पीड़ितों की संख्या बढ़ी
हर घंटे आपातकालीन वार्ड में पहुंच रहे हैं दो से तीन मरीज
जिला अस्पताल के हर वार्ड के बेड फुल, कई पर लेटाए गए दो-दो रोगी
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। छिटपुट बारिश व उमसभरी गर्मी से संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ा है। बुखार, उल्टी व दस्त से लोग पीड़ित हो रहे हैं। जिला अस्पताल का हाल यह है कि यहां इमरजेंसी से लेकर जनरल वार्ड व एसएनसीयू वार्ड में बुखार के रोगी भर्ती हैं। मरीजों की संख्या अधिक होने पर एक बेड पर दो मरीज लेटा दिए जा रहे हैं। स्थिति यह है कि बरामदे में भी जगह नहीं बची है।
तकरीबन एक माह से भारी बारिश न होने से तापमान बढ़ा है। छिटपुट बारिश होने के बाद धूप निकलने पर गर्मी बढ़ जाती है। ऐसे में इन दिनों संक्रामक बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ा है। बुखार, उल्टी व दस्त के शिकार हर उम्र के लोग हो रहे हैं। हालांकि इन रोगियों में सबसे अधिक संख्या 14 वर्ष तक के बच्चे हैं। सरकारी से लेकर प्राइवेट अस्पतालों में इस बीमारी से ग्रस्त लोगों की भीड़ दिख रही है। 100 बेड वाले जिला अस्पताल के हाल पर गौर करें तो यहां भी कुछ इसी प्रकार की स्थिति है। इमरजेंसी से लेकर जनरल और एसएनसीयू वार्ड तक बुखार, उल्टी व दस्त के रोगी भरे हैं। कहीं- कहीं तो बेड कम होने की वजह से एक ही बेड पर दो मरीजों को ड्रीप दी जा रही है। सीएमएस डॉ. रोचस्मति पांडेय ने बताया कि अस्पताल में आने वाले हर मरीज को अस्पताल में मौजूद सुविधाओं से बेहतर इलाज करने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन

24 घंटे में भर्ती हुए 40 मरीज
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के आंकड़ों पर गौर करें तो 24 घंटे में कम से कम बुखार और उल्टी -दस्त के 40 मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें छोटे बच्चों की संख्या अधिक है। कई बच्चों मेें तो यह देखा जा रहा है कि तेज बुखार के साथ झटका भी आ जा रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक यह गंभीर भी हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सात दिन में 49 बच्चे भर्ती हुए
एसएनसीयू वार्ड का भी कुछ यही हाल है। 15 बेड वाले इस वार्ड में बुखार से पीड़ित गंभीर मरीजों को भर्ती किया जाता है और 15 वर्ष की उम्र तक के ही मरीज रखे जाते हैं। आंकड़ों के मुताबिक 11 से 18 अगस्त शाम तक इस वार्ड मेें 49 बच्चे भर्ती किए जा चुके हैं। इसमें कई बच्चों को तेज बुखार के कारण झटका भी आ रहा था। शनिवार को वार्ड के सभी 15 बेड पर मरीज भर्ती मिले।

बुखार आने पर देरी न करें, चिकित्सक की सलाह से दें दवा
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय चौधरी ने बताया कि गर्मी और मौसम में बदलाव के कारण संक्रामक बीमारी जैसे वायरल बुखार और उल्टी दस्त का प्रकोप तेजी से बढ़ा है। यह बीमारी खास कर बच्चों में अधिक है। बुखार होने पर तत्काल चिकित्सक के पास जाएं। बिना उनके सलाह की कोई दवा न खिलाएं। बुखार में देरी करना गंभीर समस्या बन सकता है। साथ ही बचाव के लिए साफ पानी का सेवन करें। आसपास सफाई रखें। स्वच्छ व साफ भोजन करें। खुले आसमान में बच्चों को सुलाने में परहेज करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed