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Siddharthnagar News: बच्चा खरीदने के आरोपी निसार का नहीं चला पता
Wed, 29 Nov 2023 11:29 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 29 Nov 2023 11:29 PM IST
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- बढ़नी के सभासद निसार अहमद के घर मिला था बलरामपुर से बेचा गया बच्चा
- बड़ा सवाल, दो बच्चों के पिता ने क्यों खरीदा नवजात
-निसार की तलाश में जुटी है पुलिस, पकड़े जाने पर तो हो सकता है बड़ा खुलासा
सिद्धार्थनगर। बलरामपुर के पचपेड़वा से मृत बताकर बेचे गए नवजात के बढ़नी कस्बे में मिलने से बच्चा चोरी के बड़े रैकेट का खुलासा हो सकता है। नवजात खरीदने वाले दो बच्चों के पिता आरोपी सभासद नसीर अहमद को गिरोह का सरगना मानकर पुलिस तलाश कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि निसार नेपाल में छिपा है। उसके पकड़े जाने पर नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है।
बलरामपुर के पचपेड़वा स्थित जुड़ी कुइंया में अवैध रूप से संचालित मिशन अस्पताल से बेचा गया नवजात बढ़नी के सभासद निसार अहमद के घर में मिला। चूंकि निसार अहमद के परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। ऐसे मे सवाल उठ रहा है कि निसार किसके लिए इस बच्चे को पाल रहा था।
बढ़नी नगर पंचायत के वार्ड नंबर एक आंबेडकरनगर से दूसरी बार सभासद बने निसार अहमद के घर पर बुधवार को सन्नाटा छाया हुआ था। उसके परिवार में पत्नी साजिदा खातून, 13 साल की बेटी आयशा परवीन व नौ साल का बेटा आकिब अहमद हैं। बताया जाता है कि निसार ने जमीन के खरीद फरोख्त से भी अपनी संपत्ति बढ़ाई है। दस साल पहले उसने बढ़नी में बच्चों को खाने वाली नल्ली की फैक्टरी लगाई थी। बाद में उसने दोना बनाने की फैक्टरी लगा ली। हालांकि, ये दोनों फैक्टरियां बंद हैं।
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सूत्रों के अनुसार निसार ने अपना कारोबार नेपाल में शिफ्ट कर लिया है। बॉर्डर पार एक बंद पड़ी फैक्ट्री को किराये पर लेकर उसमें कारोबार कर रहा है। बलरामपुर पुलिस को अंदेशा है कि वह नेपाल में भी छिपा है। बलरामपुर के पचपेड़वा के एसएचओ अवधेश राज सिंह ने बताया कि निसार अहमद को पकड़े जाने के बाद ही पता चलेगा कि बेचे गए बच्चे को पालने का मकसद क्या था?
वहीं, सिद्धार्थनगर के ढेबरूआ थानाध्यक्ष शशांक सिंह ने बताया कि निसार अहमद के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है, लेकिन इसकी विस्तृत जांच की जा रही है।
निजी अस्पताल से बच्चा बेचने के मामले में केस दर्ज करके दोनों आरोपी डॉक्टरों को पकड़ लिया गया है। इस मामले में जांच की जा रही है। इसमें बच्चा चोरी का रैकेट भी सामने आ सकता है। आवश्यकता पड़ी तो आरोपी सभासद की गिरफ्तारी के लिए सिद्धार्थनगर पुलिस का सहयोग लिया जाएगा।
-केशव कुमार, पुलिस अधीक्षक, बलरामपुर
बॉर्डर पर कहीं बच्चों के तस्करी का खेल तो नहीं
भारत-नेपाल बॉर्डर पर चोरी के नवजात की बरामदी से मानव तस्करी का नया खुलासा हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मानव तस्करी के मामले पहले भी आते रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि मामले में पकड़े गए दो डॉक्टरों का नेटवर्क मानव तस्करी से जुड़ा हो सकता है।
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- बड़ा सवाल, दो बच्चों के पिता ने क्यों खरीदा नवजात
-निसार की तलाश में जुटी है पुलिस, पकड़े जाने पर तो हो सकता है बड़ा खुलासा
सिद्धार्थनगर। बलरामपुर के पचपेड़वा से मृत बताकर बेचे गए नवजात के बढ़नी कस्बे में मिलने से बच्चा चोरी के बड़े रैकेट का खुलासा हो सकता है। नवजात खरीदने वाले दो बच्चों के पिता आरोपी सभासद नसीर अहमद को गिरोह का सरगना मानकर पुलिस तलाश कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि निसार नेपाल में छिपा है। उसके पकड़े जाने पर नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है।
बलरामपुर के पचपेड़वा स्थित जुड़ी कुइंया में अवैध रूप से संचालित मिशन अस्पताल से बेचा गया नवजात बढ़नी के सभासद निसार अहमद के घर में मिला। चूंकि निसार अहमद के परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। ऐसे मे सवाल उठ रहा है कि निसार किसके लिए इस बच्चे को पाल रहा था।
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बढ़नी नगर पंचायत के वार्ड नंबर एक आंबेडकरनगर से दूसरी बार सभासद बने निसार अहमद के घर पर बुधवार को सन्नाटा छाया हुआ था। उसके परिवार में पत्नी साजिदा खातून, 13 साल की बेटी आयशा परवीन व नौ साल का बेटा आकिब अहमद हैं। बताया जाता है कि निसार ने जमीन के खरीद फरोख्त से भी अपनी संपत्ति बढ़ाई है। दस साल पहले उसने बढ़नी में बच्चों को खाने वाली नल्ली की फैक्टरी लगाई थी। बाद में उसने दोना बनाने की फैक्टरी लगा ली। हालांकि, ये दोनों फैक्टरियां बंद हैं।
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सूत्रों के अनुसार निसार ने अपना कारोबार नेपाल में शिफ्ट कर लिया है। बॉर्डर पार एक बंद पड़ी फैक्ट्री को किराये पर लेकर उसमें कारोबार कर रहा है। बलरामपुर पुलिस को अंदेशा है कि वह नेपाल में भी छिपा है। बलरामपुर के पचपेड़वा के एसएचओ अवधेश राज सिंह ने बताया कि निसार अहमद को पकड़े जाने के बाद ही पता चलेगा कि बेचे गए बच्चे को पालने का मकसद क्या था?
वहीं, सिद्धार्थनगर के ढेबरूआ थानाध्यक्ष शशांक सिंह ने बताया कि निसार अहमद के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है, लेकिन इसकी विस्तृत जांच की जा रही है।
निजी अस्पताल से बच्चा बेचने के मामले में केस दर्ज करके दोनों आरोपी डॉक्टरों को पकड़ लिया गया है। इस मामले में जांच की जा रही है। इसमें बच्चा चोरी का रैकेट भी सामने आ सकता है। आवश्यकता पड़ी तो आरोपी सभासद की गिरफ्तारी के लिए सिद्धार्थनगर पुलिस का सहयोग लिया जाएगा।
-केशव कुमार, पुलिस अधीक्षक, बलरामपुर
बॉर्डर पर कहीं बच्चों के तस्करी का खेल तो नहीं
भारत-नेपाल बॉर्डर पर चोरी के नवजात की बरामदी से मानव तस्करी का नया खुलासा हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मानव तस्करी के मामले पहले भी आते रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि मामले में पकड़े गए दो डॉक्टरों का नेटवर्क मानव तस्करी से जुड़ा हो सकता है।