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नेपाल से सोना खरीदकर मालामाल हो रहे व्यापारी
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 11 Dec 2015 12:09 AM IST
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आंदोलन की आग में जल रहे नेपाल से तस्करों की मौज हो गई है। डीजल-पेट्रोल, रसोई गैस और खाद्य सामानों के बाद अब सोना मोटी कमाई का नया जरिया बना है। नेपाल से सस्ते दाम पर सोना लाकर व्यापारी यहां मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। सीमावर्ती क्षेत्र के बाजारों में नेपाली सोने की चमक तेजी से बढ़ रही है।
बिना कोई जोखिम के तस्कर और व्यापारी इस नए धंधे से मालामाल होने में लगे हुए हैं पिछले चार माह से जारी आंदोलन के चलते नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र के लोग रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए पास के भारतीय बाजारों पर निर्भर बने हैं।
इन बाजारों में सिर्फ भारतीय करेंसी चलन में है। लिहाजा नेपाल में भारतीय करेंसी की किल्लत है। किल्लत के कारण ही नेपाली मुद्रा की भारतीय करेंसी में एक्सचेंज दर कम हो गई है। पहले जहां 1000 नेपाली मुद्रा पर भारत के 625 रुपये मिला करते थे, वह अब 570-580 रुपये तक सिमट गया है।
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मुद्रा के मूल्य का यह अंतर ही व्यापारियों को अतिरिक्त मुनाफा दे रहा है। नेपाल पहुंचकर वह भारतीय करेंसी को इसी दर पर एक्सचेंज कर सोने की खरीदारी कर रहे हैं। फिर वहां से सोना लाकर भारतीय बाजारों में स्थानीय रेट पर बेच रहे हैं। सोने की थोड़ी मात्रा लाने या आभूषण पहन कर आने-जाने में कोई पाबंदी भी नहीं है।
नतीजा बिना किसी जोखिम के यह मुनाफे का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। आस-पास के भारतीय बाजारों में सोने की आवक फिलहाल नेपाल से ही होने लगी है। निजी उपयोग के लिए भी लोग सोना खरीदने नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र के बाजारों में पहुंच जा रहे हैं।
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बिना कोई जोखिम के तस्कर और व्यापारी इस नए धंधे से मालामाल होने में लगे हुए हैं पिछले चार माह से जारी आंदोलन के चलते नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र के लोग रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए पास के भारतीय बाजारों पर निर्भर बने हैं।
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इन बाजारों में सिर्फ भारतीय करेंसी चलन में है। लिहाजा नेपाल में भारतीय करेंसी की किल्लत है। किल्लत के कारण ही नेपाली मुद्रा की भारतीय करेंसी में एक्सचेंज दर कम हो गई है। पहले जहां 1000 नेपाली मुद्रा पर भारत के 625 रुपये मिला करते थे, वह अब 570-580 रुपये तक सिमट गया है।
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मुद्रा के मूल्य का यह अंतर ही व्यापारियों को अतिरिक्त मुनाफा दे रहा है। नेपाल पहुंचकर वह भारतीय करेंसी को इसी दर पर एक्सचेंज कर सोने की खरीदारी कर रहे हैं। फिर वहां से सोना लाकर भारतीय बाजारों में स्थानीय रेट पर बेच रहे हैं। सोने की थोड़ी मात्रा लाने या आभूषण पहन कर आने-जाने में कोई पाबंदी भी नहीं है।
नतीजा बिना किसी जोखिम के यह मुनाफे का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। आस-पास के भारतीय बाजारों में सोने की आवक फिलहाल नेपाल से ही होने लगी है। निजी उपयोग के लिए भी लोग सोना खरीदने नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र के बाजारों में पहुंच जा रहे हैं।