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अलीगढ़वा और ककरहवा में भी नेपाल सीमा खुली, लोगों में खुशी
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ककरहवा बॉर्डर खुलने के बाद जश्न मनाते दोनों देश के लोग।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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अलीगढ़वा और ककरहवा में भी नेपाल सीमा खुली, लोगों में खुशी
कपिलवस्तु/खुनुवां/ककरहवा। अलीगढ़वा में भी नेपाल सीमा को मंगलवार को खोल दिया गया। इस सीमा पर कस्टम ड्यूटी नहीं है। अब दोनों देशों के लोग दो पहिया वाहनों से प्रवेश कर सकेंगे। चार पहिया वाहन से जाने की अनुमति नहीं होगी। सीमा खुलने पर इस इलाके के लोगों ने खुशी जाहिर की। बढ़नी सीमा को पहले ही खोल दिया गया था।
कोरोना संक्रमण के दौरान डेढ़ साल से बंद अलीगढ़वा सीमा को मंगलवार दोपहर से खोल दिया गया। सीमा खुलते ही स्थानीय व्यापारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियां जाहिर कीं। सीमा बंद होने के कारण व्यापार घाटे में था और लोगों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा था।
भारतीय एसएसबी और नेपाल पुलिस के अधिकारियों ने मंगलवार को बातचीत की, उसके बाद सीमा खोला गया।
इस मौके पर नेपाल पुलिस के इंस्पेक्टर संतोष बनिया, थानेदार सुग्रीव बैदवार, मायादेवी, बजरंगी चौधरी, असफाक अहमद, अब्दुल मन्नान, प्रधान सरफुद्दीन आदि मौजूद थे।
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वहीं खुनुआं बॉर्डर को सोमवार शाम खोले जाने के बाद स्थानीय लोगों ने खुशी जाहिर की। व्यापारियों ने सीमाई क्षेत्र को गुब्बारे से सजाया है। व्यापारियों ने एक-दूसरे से गले मिलकर मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया। स्थानीय व्यापारी रंजीत कसौधन ने कहा कि सीमा खुलने से डेढ़ साल बाद लोगों की परेशानियां दूर होंगी। दोनों देशों के लोग एक-दूसरे की सीमा में पैदल ही प्रवेश करते थे तो व्यापारियों को नुकसान का सामना करना पड़ता था। अब रौनक बढ़ गई है। व्यापार भी बढ़ेगा।
दवा व्यवसायी सोनू उपाध्याय ने कहा कि कारोबार का ग्रहण हट गया। बहुत खुशी की बात है। कोटेदार संतोष कसौधन ने कहा कि सीमा पर आने-जाने में सुविधा हो गई थी। प्रधान संजय ने कहा कि भारत-नेपाल के बीच रोटी।बेटी का रिश्ता है। सीमा खुलने से बहुत राहत मिली है।
ककरहवा में भारत-नेपाल सीमा को सोमवार को दोनों देशों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में बैरियर उठाकर खोल दिया गया। नेपाल की तरफ से शनिवार को ही सीमा खोल दी गई थी। स्थानीय लोगों को भारत की तरफ से सीमा खुलने का बेसब्री से इंतजार था, जो पूरा हो गया। सीमा खुलने पर दोनों देशों के स्थानीय लोगों ने मिठाइयां बांट कर खुशी का इजहार किया। एसएसबी के कमांडेंट अमित सिंह, ककरहवा के प्रधान के प्रतिनिधि दिलीप पांडेय, लुंबिनी सांस्कृतिक नगर पालिका के मेयर मनमोहन चौधरी नेपाली आर्मस फोर्स के डीएसपी दुर्गा बहादुर थापा, उप निरीक्षक संजीव कुमार आदि की मौजूदगी में सीमा का बैरियर उठाकर सीमा को खोला गया, जिसका लोगों ने ढाल-नगाड़ा बजा कर स्वागत किया।
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कपिलवस्तु/खुनुवां/ककरहवा। अलीगढ़वा में भी नेपाल सीमा को मंगलवार को खोल दिया गया। इस सीमा पर कस्टम ड्यूटी नहीं है। अब दोनों देशों के लोग दो पहिया वाहनों से प्रवेश कर सकेंगे। चार पहिया वाहन से जाने की अनुमति नहीं होगी। सीमा खुलने पर इस इलाके के लोगों ने खुशी जाहिर की। बढ़नी सीमा को पहले ही खोल दिया गया था।
कोरोना संक्रमण के दौरान डेढ़ साल से बंद अलीगढ़वा सीमा को मंगलवार दोपहर से खोल दिया गया। सीमा खुलते ही स्थानीय व्यापारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियां जाहिर कीं। सीमा बंद होने के कारण व्यापार घाटे में था और लोगों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा था।
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भारतीय एसएसबी और नेपाल पुलिस के अधिकारियों ने मंगलवार को बातचीत की, उसके बाद सीमा खोला गया।
इस मौके पर नेपाल पुलिस के इंस्पेक्टर संतोष बनिया, थानेदार सुग्रीव बैदवार, मायादेवी, बजरंगी चौधरी, असफाक अहमद, अब्दुल मन्नान, प्रधान सरफुद्दीन आदि मौजूद थे।
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वहीं खुनुआं बॉर्डर को सोमवार शाम खोले जाने के बाद स्थानीय लोगों ने खुशी जाहिर की। व्यापारियों ने सीमाई क्षेत्र को गुब्बारे से सजाया है। व्यापारियों ने एक-दूसरे से गले मिलकर मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया। स्थानीय व्यापारी रंजीत कसौधन ने कहा कि सीमा खुलने से डेढ़ साल बाद लोगों की परेशानियां दूर होंगी। दोनों देशों के लोग एक-दूसरे की सीमा में पैदल ही प्रवेश करते थे तो व्यापारियों को नुकसान का सामना करना पड़ता था। अब रौनक बढ़ गई है। व्यापार भी बढ़ेगा।
दवा व्यवसायी सोनू उपाध्याय ने कहा कि कारोबार का ग्रहण हट गया। बहुत खुशी की बात है। कोटेदार संतोष कसौधन ने कहा कि सीमा पर आने-जाने में सुविधा हो गई थी। प्रधान संजय ने कहा कि भारत-नेपाल के बीच रोटी।बेटी का रिश्ता है। सीमा खुलने से बहुत राहत मिली है।
ककरहवा में भारत-नेपाल सीमा को सोमवार को दोनों देशों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में बैरियर उठाकर खोल दिया गया। नेपाल की तरफ से शनिवार को ही सीमा खोल दी गई थी। स्थानीय लोगों को भारत की तरफ से सीमा खुलने का बेसब्री से इंतजार था, जो पूरा हो गया। सीमा खुलने पर दोनों देशों के स्थानीय लोगों ने मिठाइयां बांट कर खुशी का इजहार किया। एसएसबी के कमांडेंट अमित सिंह, ककरहवा के प्रधान के प्रतिनिधि दिलीप पांडेय, लुंबिनी सांस्कृतिक नगर पालिका के मेयर मनमोहन चौधरी नेपाली आर्मस फोर्स के डीएसपी दुर्गा बहादुर थापा, उप निरीक्षक संजीव कुमार आदि की मौजूदगी में सीमा का बैरियर उठाकर सीमा को खोला गया, जिसका लोगों ने ढाल-नगाड़ा बजा कर स्वागत किया।