{"_id":"672fac1d3778074e370a8950","slug":"negligence-in-constructioncan-be-fatal-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1032-126982-2024-11-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: निर्माण में लापरवाही...हो सकती है जानलेवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: निर्माण में लापरवाही...हो सकती है जानलेवा
Sun, 10 Nov 2024 12:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 10 Nov 2024 12:08 AM IST
विज्ञापन
शहर के उसका मार्ग एनएच निर्माण में खोदी गई सड़क।
सिद्धार्थनगर। नेशनल हाईवे व पुल निर्माण के आधे-अधूरे निर्माण और लापरवाही से जिले में कई स्थानों पर हादसे की आशंका बनी हुई है। सर्द मौसम में कोहरा शुरू होने वाला है, ऐसी स्थिति में सतर्कता नहीं बरती गई तो अप्रिय घटनाएं हो सकती हैं। प्रशासन की लापरवाही लोगों के जान पर भारी पड़ सकती है।
शहर में नेशनल हाईवे के निर्माण में पुरानी सड़क के किनारे गड्ढे बना दिए गए हैं, जबकि गड्ढों के किनारे कहीं कहीं बोरियां रखी गई, लेकिन रिफ्लेक्टर नहीं होने से रात में गड्ढे में वाहनों को गिरने की आशंका है, जबकि शोहरतगढ़ में दो स्थानों पर अधूरे पुलों से हादसों का जोखिम है।
गोरखपुर में ओवरब्रिज निर्माण में क्रेन से गर्डर गिर जाने के कारण एक एसएसबी जवान की जान चली गई। गनीमत रहा कि बैरियर गिरा हुआ था, वरना कई यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी।
विज्ञापन
इस हादसे के बाद जिले में भी सड़क व पुल निर्माण में लापरवाही की चर्चा हो रही है। स्थानीय लोगों की शिकायतों के बावजूद लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों की मनमानी नहीं रुक रही है। सड़क के दोनों ओर खाई जैसे गड्ढे : शहर के साड़ी तिराहे से हाईडिल तिराहा होते हुए पकड़ी चौराहे तक नेशनल हाईवे में 500 करोड़ रुपये से निर्माण कार्य किया जा रहा है। पुरानी सड़क के दोनों और करीब दो फीट खाई जैसे गड्ढे बना दिए गए हैं और गिट्टी डालने में देर की जा रही है। गड्ढों के पास सड़क के किनारे कहीं बालू भरी बोरियां रखी गई हैं तो कहीं बचाव के कोई इंतजाम नहीं हैं। इस कारण कोहरे में वाहन गड्ढे में गिरकर पलट सकते हैं। जानकारों के अनुसार एक ओर सड़क निर्माण होने के बाद दूसरी ओर गड्ढे खोदे जाने चाहिए, जबकि बोरियों के रिफ्लेटर के टुकड़े चिपका दिए जाए तो रात में हादसे का जोखिम कम हो जाएगा। एनएच के अधिशासी अभियंता आरके वर्मा ने बताया कि ठेकेदार को एक ओर का काम जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है ताकि एक ओर के गड्ढे में गिट्टी भर जाए। बोरियों पर रिफ्लेक्टर भी लगाए जाएंगे।
विज्ञापन
शहर में नेशनल हाईवे के निर्माण में पुरानी सड़क के किनारे गड्ढे बना दिए गए हैं, जबकि गड्ढों के किनारे कहीं कहीं बोरियां रखी गई, लेकिन रिफ्लेक्टर नहीं होने से रात में गड्ढे में वाहनों को गिरने की आशंका है, जबकि शोहरतगढ़ में दो स्थानों पर अधूरे पुलों से हादसों का जोखिम है।
विज्ञापन
गोरखपुर में ओवरब्रिज निर्माण में क्रेन से गर्डर गिर जाने के कारण एक एसएसबी जवान की जान चली गई। गनीमत रहा कि बैरियर गिरा हुआ था, वरना कई यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी।
विज्ञापन
इस हादसे के बाद जिले में भी सड़क व पुल निर्माण में लापरवाही की चर्चा हो रही है। स्थानीय लोगों की शिकायतों के बावजूद लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों की मनमानी नहीं रुक रही है। सड़क के दोनों ओर खाई जैसे गड्ढे : शहर के साड़ी तिराहे से हाईडिल तिराहा होते हुए पकड़ी चौराहे तक नेशनल हाईवे में 500 करोड़ रुपये से निर्माण कार्य किया जा रहा है। पुरानी सड़क के दोनों और करीब दो फीट खाई जैसे गड्ढे बना दिए गए हैं और गिट्टी डालने में देर की जा रही है। गड्ढों के पास सड़क के किनारे कहीं बालू भरी बोरियां रखी गई हैं तो कहीं बचाव के कोई इंतजाम नहीं हैं। इस कारण कोहरे में वाहन गड्ढे में गिरकर पलट सकते हैं। जानकारों के अनुसार एक ओर सड़क निर्माण होने के बाद दूसरी ओर गड्ढे खोदे जाने चाहिए, जबकि बोरियों के रिफ्लेटर के टुकड़े चिपका दिए जाए तो रात में हादसे का जोखिम कम हो जाएगा। एनएच के अधिशासी अभियंता आरके वर्मा ने बताया कि ठेकेदार को एक ओर का काम जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है ताकि एक ओर के गड्ढे में गिट्टी भर जाए। बोरियों पर रिफ्लेक्टर भी लगाए जाएंगे।