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Siddharthnagar News: प्राकृतिक खेती स्वास्थ्य व पर्यावरण के लिए उत्तम- डॉ. ओमप्रकाश
Sat, 23 Mar 2024 04:42 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 23 Mar 2024 04:42 PM IST
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भनवापुर। ब्लॉक क्षेत्र के कृषि विज्ञान केंद्र सोहना में शुक्रवार को प्राकृतिक खेती जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्र अध्यक्ष डॉ. ओमप्रकाश ने कहा कि प्राकृतिक खेती स्वास्थ्य व पर्यावरण के लिए उत्तम है।
बीजामृत से बीजों को उपचारित कर बुवाई से स्वस्थ एवं बेहतर अंकुरित होता है। डॉ. प्रवेश कुमार ने बताया कि मिट्टी को उपजाऊ बनाने में गाय का गोबर व मूत्र से जीवामृत एवं घन जीवामृत बना कर उपयोग करें। डॉ. प्रवीण कुमार मिश्र ने फलों व सब्जियों को कीट व रोगों से बचाने के लिए नीमास्त्र एवं दशपर्णी अर्क प्रयोग करने की सलाह देने के साथ ही बनाने की विधि भी बताई। फसल अवशेष को अच्छादन के रूप में उपयोग कर खरपतवार नियंत्रण व पानी बचत का तरीका बताया।
डॉ. माकंर्डेय सिंह ने बताया कि प्राकृतिक खेती से उत्पाद गुणवत्तायुक्त होते हैं। जो मानव स्वस्थ के लिए बेहतर रहता है। इस दौरान राम बहादुर, जोखई प्रसाद, आकाश, अर्चना शुक्ल, अर्चना यादव, विक्रम, रामपाल, रवि गिरी आदि मौजूद रहे।
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बीजामृत से बीजों को उपचारित कर बुवाई से स्वस्थ एवं बेहतर अंकुरित होता है। डॉ. प्रवेश कुमार ने बताया कि मिट्टी को उपजाऊ बनाने में गाय का गोबर व मूत्र से जीवामृत एवं घन जीवामृत बना कर उपयोग करें। डॉ. प्रवीण कुमार मिश्र ने फलों व सब्जियों को कीट व रोगों से बचाने के लिए नीमास्त्र एवं दशपर्णी अर्क प्रयोग करने की सलाह देने के साथ ही बनाने की विधि भी बताई। फसल अवशेष को अच्छादन के रूप में उपयोग कर खरपतवार नियंत्रण व पानी बचत का तरीका बताया।
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डॉ. माकंर्डेय सिंह ने बताया कि प्राकृतिक खेती से उत्पाद गुणवत्तायुक्त होते हैं। जो मानव स्वस्थ के लिए बेहतर रहता है। इस दौरान राम बहादुर, जोखई प्रसाद, आकाश, अर्चना शुक्ल, अर्चना यादव, विक्रम, रामपाल, रवि गिरी आदि मौजूद रहे।
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