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विधायक के भाई ने पर्चा खरीदा
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 31 Dec 2015 11:46 PM IST
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तमाम कोशिशों के बाद भी सपा के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष के कुर्सी की राह आसान नहीं होती दिख रही है। सत्ताधारी नेताओं की घेराबंदी के बीच गुरुवार को रामलाल ने पर्चा खरीदा और गरीबदास के निर्विरोध निर्वाचन की राह मुश्किल कर दी।
अध्यक्ष के चुनाव को लेकर एक पखवारे से जारी सरगर्मी गुरुवार को पूरे सबाव पर रही।
सबकी निगाहें रामलाल पासवान की ओर लगी रहीं। दोपहर बाद उन्होंने पर्चा खरीद अपनी दावेदारी और भी पुख्ता कर दी। इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद पूरे जिले की सियासत एक बार फिर गरम हो गई है।
सपा नेता जहां अपनी राह आसान बनाने के लिए पूरी शिद्दत से जुट गए हैं, वहीं विरोधी दलों के नेताओं के बीच गोपनीय मीटिंगों का दौर शुरू हो गया है।
खबर है कि सत्ता पक्ष के प्रत्याशी को पटखनी देने के लिए भाजपा, बसपा व कांग्रेस पार्टी के नेता, रामलाल पासवान को ताकत दे रहे हैं। इस राजनीतिक मोर्चेबंदी का केंद्र डुमरियागंज बन गया है। डुमरियागंज के राजनीतिक दिग्गज एकजुट होकर गरीबदास के बहाने रामकुमार उर्फ चिनकू यादव को शिकस्त देने का तानाबाना बुन रहे हैं।
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सूत्रों की माने तो डुमरियागंज में रामकुमार की बढ़ती राजनीतिक हैसियत वहां के दिग्गजों को रास नहीं आ रही है। यही वजह है कि सारे विपक्षी दल अंदरखाने तालमेल बना कर रामलाल पासवान के पक्ष में मोर्चाबंदी कर रहे हैं। इतना ही नहीं इटवा विधानसभा क्षेत्र के एक बड़े विपक्षी नेता सपा प्रत्याशी को हराने के लिए पूरी ताकत लगा रखे हैं। वहीं शोहरतगढ़, बांसी व नौगढ़ में भी विपक्षी दल इसी रणनीति पर काम कर रहे हैं।
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अध्यक्ष के चुनाव को लेकर एक पखवारे से जारी सरगर्मी गुरुवार को पूरे सबाव पर रही।
सबकी निगाहें रामलाल पासवान की ओर लगी रहीं। दोपहर बाद उन्होंने पर्चा खरीद अपनी दावेदारी और भी पुख्ता कर दी। इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद पूरे जिले की सियासत एक बार फिर गरम हो गई है।
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सपा नेता जहां अपनी राह आसान बनाने के लिए पूरी शिद्दत से जुट गए हैं, वहीं विरोधी दलों के नेताओं के बीच गोपनीय मीटिंगों का दौर शुरू हो गया है।
खबर है कि सत्ता पक्ष के प्रत्याशी को पटखनी देने के लिए भाजपा, बसपा व कांग्रेस पार्टी के नेता, रामलाल पासवान को ताकत दे रहे हैं। इस राजनीतिक मोर्चेबंदी का केंद्र डुमरियागंज बन गया है। डुमरियागंज के राजनीतिक दिग्गज एकजुट होकर गरीबदास के बहाने रामकुमार उर्फ चिनकू यादव को शिकस्त देने का तानाबाना बुन रहे हैं।
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सूत्रों की माने तो डुमरियागंज में रामकुमार की बढ़ती राजनीतिक हैसियत वहां के दिग्गजों को रास नहीं आ रही है। यही वजह है कि सारे विपक्षी दल अंदरखाने तालमेल बना कर रामलाल पासवान के पक्ष में मोर्चाबंदी कर रहे हैं। इतना ही नहीं इटवा विधानसभा क्षेत्र के एक बड़े विपक्षी नेता सपा प्रत्याशी को हराने के लिए पूरी ताकत लगा रखे हैं। वहीं शोहरतगढ़, बांसी व नौगढ़ में भी विपक्षी दल इसी रणनीति पर काम कर रहे हैं।