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डीएम पर भड़के विधायक, मनाते नजर आए सांसद
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मेडिकल कॉलेज में कार्यक्रम के दौरान नाराजगी व्यक्त कर रहे विधायक विनय वर्मा को समझाते सांसद जगद?
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
डीएम पर भड़के विधायक, मनाते नजर आए सांसद
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज सभागार में शुक्रवार को प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम का माहौल अचानक बदल गया। विधायक विनय वर्मा भड़क गए और जिलाधिकारी संजीव रंजन पर उनकी शिकायतों एवं जायज मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाने लगे। इससे हंगामे जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। विधायक को मनाने के लिए सांसद को आगे आना पड़ा।
मेडिकल कॉलेज सभागार में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से जिले के क्षय रोगियों को गोद लिए जाने का कार्यक्रम में सांसद जगदंबिका पाल बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे। जिलाधिकारी संजीव रंजन के बोलने के बाद विधायक विनय वर्मा ने संबोधन शुरू किया तो उन्होंने अधिकारियों पर विधायक का प्रोटोकाल नहीं मानने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि सत्ताधारी भाजपा के सहयोगी दल का विधायक होने के बावजूद कई बार शिकायत के बाद भी भ्रष्ट अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हो रही है। जिन अधिकारियों की जांच होनी चाहिए, उन्हें स्थानांतरित कर दिया जा रहा है। इस बीच सांसद जगदंबिका पाल माहौल को संभालने का प्रयास करते दिखे। वे खड़े होकर विधायक को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बात करने को समझाते नजर आए। इस बीच मंच पर बैठने के बाद भी विधायक अपनी बात दोहराते रहे, जबकि बगल में बैठे जिलाधिकारी संजीव रंजन ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
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मुख्य सचिव के निर्देश की भी अनदेखी
विधायक विनय वर्मा का कहना है कि उनके क्षेत्र में काम करने वाला अधिकारी चाहिए। स्थानीय स्तर की समस्याओं का निदान नहीं होने पर उन्होंने मुख्य सचिव से बात की तो उन्होंने जिलाधिकारी को बैठकर बात करने के निर्देश दिए, लेकिन डीएम की तरफ से कोई पहल नहीं की गई। उन्होंने अपनी पीड़ा बयां करते हुए कहा कि फोन पर शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती। हर समय तो वे दौड़कर डीएम के पास नहीं जा सकते।
प्रधानों ने विधायक पर लगाया आरोप
शोहरतगढ़, बढ़नी व जोगिया ब्लॉक के नौ ग्राम प्रधानों ने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में विधायक पर कमीशन मांगने का आरोप लगाया। प्रधान चंद्रावती, अनीता चौबे, सुधा सिंह, तिरथा, चुल्हई ने आरोप लगाया कि विधायक जांच के बहाने उन पर दबाव बना रहे हैं और उत्पीड़न कर रहे हैं। विधायक विनय वर्मा ने कहा कि उनके विधानसभा के कुछ प्रधान ही इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं, जो खुद भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, वे जांच से डरे हुए हैं। उन्होंने मेरे खिलाफ जो मांगपत्र लिखा है, उनमें लिखा है कि मैं विकास कार्यों की जांच करा रहा हूं। जांच तो होनी ही चाहिए।
विधायक के सम्मान में नहीं होती है कोई कमी
डीएम संजीव रंजन ने कहा कि उनके पास विधायक की तरफ से जो भी मामले आते हैं, उनमें नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को जांच एवं कार्रवाई के लिए निर्देश दिए जाते हैं। उन्होंने अनदेखी करने के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि प्रोटोकाल के अनुसार विधायक का सम्मान किया जाता है। भाजपा के सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत कार्यक्रम आयोजित हुआ था।
वायरल हो रहा वीडियो
कार्यक्रम के कुछ देर बाद विधायक के तेज स्वर में बोलने और सांसद के मनाने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने लगा। सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम में 136 जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने 517 टीबी मरीजों को गोद लिया है।
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सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज सभागार में शुक्रवार को प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम का माहौल अचानक बदल गया। विधायक विनय वर्मा भड़क गए और जिलाधिकारी संजीव रंजन पर उनकी शिकायतों एवं जायज मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाने लगे। इससे हंगामे जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। विधायक को मनाने के लिए सांसद को आगे आना पड़ा।
मेडिकल कॉलेज सभागार में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से जिले के क्षय रोगियों को गोद लिए जाने का कार्यक्रम में सांसद जगदंबिका पाल बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे। जिलाधिकारी संजीव रंजन के बोलने के बाद विधायक विनय वर्मा ने संबोधन शुरू किया तो उन्होंने अधिकारियों पर विधायक का प्रोटोकाल नहीं मानने का आरोप लगाया।
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उन्होंने कहा कि सत्ताधारी भाजपा के सहयोगी दल का विधायक होने के बावजूद कई बार शिकायत के बाद भी भ्रष्ट अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हो रही है। जिन अधिकारियों की जांच होनी चाहिए, उन्हें स्थानांतरित कर दिया जा रहा है। इस बीच सांसद जगदंबिका पाल माहौल को संभालने का प्रयास करते दिखे। वे खड़े होकर विधायक को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बात करने को समझाते नजर आए। इस बीच मंच पर बैठने के बाद भी विधायक अपनी बात दोहराते रहे, जबकि बगल में बैठे जिलाधिकारी संजीव रंजन ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
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मुख्य सचिव के निर्देश की भी अनदेखी
विधायक विनय वर्मा का कहना है कि उनके क्षेत्र में काम करने वाला अधिकारी चाहिए। स्थानीय स्तर की समस्याओं का निदान नहीं होने पर उन्होंने मुख्य सचिव से बात की तो उन्होंने जिलाधिकारी को बैठकर बात करने के निर्देश दिए, लेकिन डीएम की तरफ से कोई पहल नहीं की गई। उन्होंने अपनी पीड़ा बयां करते हुए कहा कि फोन पर शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती। हर समय तो वे दौड़कर डीएम के पास नहीं जा सकते।
प्रधानों ने विधायक पर लगाया आरोप
शोहरतगढ़, बढ़नी व जोगिया ब्लॉक के नौ ग्राम प्रधानों ने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में विधायक पर कमीशन मांगने का आरोप लगाया। प्रधान चंद्रावती, अनीता चौबे, सुधा सिंह, तिरथा, चुल्हई ने आरोप लगाया कि विधायक जांच के बहाने उन पर दबाव बना रहे हैं और उत्पीड़न कर रहे हैं। विधायक विनय वर्मा ने कहा कि उनके विधानसभा के कुछ प्रधान ही इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं, जो खुद भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, वे जांच से डरे हुए हैं। उन्होंने मेरे खिलाफ जो मांगपत्र लिखा है, उनमें लिखा है कि मैं विकास कार्यों की जांच करा रहा हूं। जांच तो होनी ही चाहिए।
विधायक के सम्मान में नहीं होती है कोई कमी
डीएम संजीव रंजन ने कहा कि उनके पास विधायक की तरफ से जो भी मामले आते हैं, उनमें नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को जांच एवं कार्रवाई के लिए निर्देश दिए जाते हैं। उन्होंने अनदेखी करने के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि प्रोटोकाल के अनुसार विधायक का सम्मान किया जाता है। भाजपा के सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत कार्यक्रम आयोजित हुआ था।
वायरल हो रहा वीडियो
कार्यक्रम के कुछ देर बाद विधायक के तेज स्वर में बोलने और सांसद के मनाने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने लगा। सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम में 136 जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने 517 टीबी मरीजों को गोद लिया है।