फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   medicine not available in district hospital

जिला अस्पताल में दवाओं की कमी

Thu, 22 Sep 2022 11:35 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 22 Sep 2022 11:35 PM IST
विज्ञापन
medicine not available in district hospital
जिला अस्पताल के ओपीडी में लगी मरीजो की भीड़। संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
जिला अस्पताल में दवाओं की कमी
विज्ञापन

- जरूरी दवाएं नहीं होने से बढ़ी परेशानी, बाहर से दवा खरीद रहे हैं लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। मौसम में बदलाव के बाद संक्रामक बीमारी की चपेट में लोग आ रहे हैं। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है, लेकिन यहां जरूरी दवाएं नहीं है। जिससे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मजबूर होकर लोग बाहर से दवा खरीद रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में 1,000 से 1,200 लोग प्रतिदिन इलाज कराने आते हैं।
सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के साथ ही अस्पतालों में अच्छी सुविधा मुहैया कराने का दावा कर रही है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में यह दावा गलत साबित हो रहा है। यहां दवाओं की कमी है। जिससे मरीजों को दिक्कतें हो रही है।
विज्ञापन

बारिश के बाद तेज धूप से कई प्रकार की संक्रामक बीमारी फैल रही है। इसमें सर्दी, बुखार, खांसी, उल्टी, दस्त, दाद, खुजली, आंख में जलन और पानी आने जैसी कई प्रकार की बीमारियों से लोग ग्रसित हो रहे हैं। लेकिन उन्हें अस्पताल में आने के बाद जरूरी दवाएं मिल पा रही हैं। सबसे अधिक समस्या आंख के रोगियों की है। उन्हें आई ड्राप नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल के दवा स्टोर के अलावा जन औषधि केंद्र पर भी मरीजों को दवाएं नहीं मिल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एक दिन में लगभग 250 ड्रॉप की कमी है, लेकिन अस्पताल को 50 ड्राप ही दिया जाता है। ऐसे में मरीजों को बिना दवा लिए ही वापस जाना पड़ता है।
---
बाहर से खरीदनी पड़ रही दवा
जिला अस्पताल में आए शेखर ने कहा कि बच्चे के आंख में सूजन था। चिकित्सक को दिखाया तो ड्रॉप लिखे। स्टोर पर दवा नहीं मिली तो जन औषधि केंद्र पहुंचा। वहां भी ड्रॉप नहीं थी। मजबूरी में बाहर से खरीदनी पड़ी। इलाज कराने आए कल्याण ने कहा कि कमजोरी थी। डॉक्टर को दिखाया तो आयरन की गोली उन्होंने लिखा और कहां अस्पताल में ही निशुल्क मिल जाएगी, लेकिन अस्पताल में दवा नहीं मिली। अखिलेश ने कहा कि बच्चे को खुजली हो रही थी। डॉक्टर ने दवा तो लिखा, लेकिन केंद्र पर पता चना कि सिटजिन नाम की सिरप कई दिनों से नहीं है। मजबूरी में बाहर से खरीदनी पड़ी। इसी प्रकार रामदास को भी बिना दवा के निराश लौटना पड़ा।
---
इन दवाओं की कमी
जानकारी के मुताबिक अस्पताल के औषधि केंद्र पर निशुल्क में मरीजों को वितरण होने वाली दवाओं में मुख्य रूप से शामिल आयरन सिरप और टेबलेट, फिउसीमाईट सिरप, अल्कासोल सिरप, सिटजिन सिरप, आई ड्राप सहित कई दवाएं नहीं है। स्थिति यह है कि पैरासिटामॉल भी खत्म हो जा रही है।
---
जन औषधि केंद्र पर भी नहीं मिल रही पूरी दवा
मरीजों की सहूलियत के लिए जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के पास जन औषधि केंद्र बनाया गया है। इसका उद्देश्य मरीजों को सस्ती दर पर दवा मिले। लेकिन यहां पर भी मरीजों को पूरी दवा नहीं मिल पाती है। ऐसे में उन्हें बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है।

दवाओं के स्टॉक अंकित करने के लिए नहीं है बोर्ड
अस्पताल के औषधि केंद्र पर दवाओं को बोर्ड लगाना अनिवार्य। लेकिन माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में औषधि केंद्र पर बोर्ड नहीं है। और न ही कोई दवा से संबंधित नोटिस लगाया गया है। हाल यह है कि बाहर से जब कोई निरीक्षण करने के लिए आता है तो उसे दवा के स्टॉक का रजिस्टर दिखाया जाता है।
जिला अस्पताल में दवाएं पूरी उपलब्ध कराई जा रही हैं। अस्पताल में जो भी सुविधाएं हैं, उसमें मरीजों का बेहतर इलाज किया जा रहा है। दवाओं की कमी नहीं है।
- डॉ. एके झा, प्रभारी प्राचार्य, माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed