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बिन फार्मासिस्ट दवा की दुकानें बंद कराई जाएं
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 19 Feb 2016 11:34 PM IST
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दवा की सभी दुकानों पर फार्मासिस्ट की नियुक्ति की जाए, बगैर फार्मासिस्ट चल रही दवा दुकानों को बंद कराने सहित चार सूत्री मांगों को लेकर फार्मासिस्ट फाउंडेशन ने शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय के समक्ष धरना दिया।
इस दौरान मांगों के समर्थन में नारे लगाए और फार्मेसी एक्ट-1948 का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की मांग की।
धरने में जिलाध्यक्ष डॉ. कृष्णपाल यादव ने कहा कि जिले में हजारों की संख्या में फार्मासिस्ट हैं।
इनके प्रति सरकार का रुख सही नहीं है। उपेक्षा के चलते डिग्रीधारी बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं। दवा की दुकानें बगैर फार्मासिस्ट के चल रही हैं। यह नियमों का उल्लंघन है, बावजूद जिम्मेदार मौन साधे हुए हैं।
जहां भी दवा बिक रही हो, वहा फार्मासिस्ट की नियुक्ति सुनिश्चित होनी चाहिए। खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन में भ्रष्टाचार व्याप्त है। इसके लिए पूर्ण ऑनलाइन सिस्टम युक्त करने के साथ प्रदेश के सभी जिलों में संचालित मेडिकल स्टोर और फार्मासिस्ट का डाटा ऑनलाइन किया जाए।
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फार्मेसी एक्ट-1948, ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट-1940-1945, फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन एक्ट-2015 का अनुपालन कराया जाए। प्रदर्शन में एक्सरे टेक्निशियनों ने भी हिस्सा लिया और नियमों के तहत रोजगार दिलाने की मांग की।
महामंत्री डॉ.राजेश पटवा, डॉ.यदुनंदन प्रजापति, डॉ. संजय यादव, डॉ. पंकज राव, डॉ. पंकज पासवान, डॉ. कृष्ण कुमार, डॉ. सर्वेश त्रिपाठी, वीरेन्द्र कुमार दुबे आदि शामिल रहे।
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इस दौरान मांगों के समर्थन में नारे लगाए और फार्मेसी एक्ट-1948 का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की मांग की।
धरने में जिलाध्यक्ष डॉ. कृष्णपाल यादव ने कहा कि जिले में हजारों की संख्या में फार्मासिस्ट हैं।
इनके प्रति सरकार का रुख सही नहीं है। उपेक्षा के चलते डिग्रीधारी बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं। दवा की दुकानें बगैर फार्मासिस्ट के चल रही हैं। यह नियमों का उल्लंघन है, बावजूद जिम्मेदार मौन साधे हुए हैं।
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जहां भी दवा बिक रही हो, वहा फार्मासिस्ट की नियुक्ति सुनिश्चित होनी चाहिए। खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन में भ्रष्टाचार व्याप्त है। इसके लिए पूर्ण ऑनलाइन सिस्टम युक्त करने के साथ प्रदेश के सभी जिलों में संचालित मेडिकल स्टोर और फार्मासिस्ट का डाटा ऑनलाइन किया जाए।
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फार्मेसी एक्ट-1948, ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट-1940-1945, फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन एक्ट-2015 का अनुपालन कराया जाए। प्रदर्शन में एक्सरे टेक्निशियनों ने भी हिस्सा लिया और नियमों के तहत रोजगार दिलाने की मांग की।
महामंत्री डॉ.राजेश पटवा, डॉ.यदुनंदन प्रजापति, डॉ. संजय यादव, डॉ. पंकज राव, डॉ. पंकज पासवान, डॉ. कृष्ण कुमार, डॉ. सर्वेश त्रिपाठी, वीरेन्द्र कुमार दुबे आदि शामिल रहे।