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Siddharthnagar News: मेधा को मिला सम्मान, महामहिम ने बढ़ाया हाैसला
Tue, 30 Jun 2026 01:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 30 Jun 2026 01:57 AM IST
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सिद्धार्थनगर। कुलाधिपति और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है। राजभवन की ओर से प्रदेश के 38 विश्वविद्यालयों और उनसे संबद्ध महाविद्यालयों की समीक्षा में पाया गया कि अभी बहुत कुछ काम करना बाकी है।
सोमवार को सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने कहा कि समीक्षा के आधार पर विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध गतिविधियों, आधारभूत सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य प्रदेश के विश्वविद्यालयों को गुणवत्तापूर्ण, रोजगारोन्मुख और नवाचार आधारित उच्च शिक्षा संस्थानों के रूप में विकसित करना है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विश्वविद्यालयों में शोध, नवाचार, कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया जा रहा है। विद्यार्थियों को ऐसी शिक्षा उपलब्ध कराई जानी चाहिए, जो उन्हें रोजगार के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक भी बनाए।
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राज्यपाल ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता में सुधार केवल सरकार या विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि इसमें शिक्षक, विद्यार्थी और समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी के सामूहिक प्रयासों से ही उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकेंगे।
उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि युवाओं को पर्यावरण संरक्षण, जल बचाने और स्वच्छता जैसे विषयों को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।
कुलपति प्रो. कविता शाह ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राजभवन के मार्गदर्शन और सहयोग से विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध, नवाचार और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा मिला है।
इस दाैरान विवि के वाणिज्य विभाग के सहायक आचार्य डॉ. शिवम शुक्ल, रतन सेन स्नातकोत्तर महाविद्यालय बांसी के बीएड विभाग के सहायक आचार्य हंसराज कुशवाहा , राम रतन स्नातकोत्तर महाविद्यालय महराजगंज के शिक्षक डॉ. कमलेश कुमार एवं राजकीय महाविद्यालय तिघोड़वा डुमरियागंज की डॉ. विद्यावती को राज्यपाल ने सम्मानित किया।
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सोमवार को सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने कहा कि समीक्षा के आधार पर विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध गतिविधियों, आधारभूत सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य प्रदेश के विश्वविद्यालयों को गुणवत्तापूर्ण, रोजगारोन्मुख और नवाचार आधारित उच्च शिक्षा संस्थानों के रूप में विकसित करना है।
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उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विश्वविद्यालयों में शोध, नवाचार, कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया जा रहा है। विद्यार्थियों को ऐसी शिक्षा उपलब्ध कराई जानी चाहिए, जो उन्हें रोजगार के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक भी बनाए।
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राज्यपाल ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता में सुधार केवल सरकार या विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि इसमें शिक्षक, विद्यार्थी और समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी के सामूहिक प्रयासों से ही उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकेंगे।
उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि युवाओं को पर्यावरण संरक्षण, जल बचाने और स्वच्छता जैसे विषयों को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।
कुलपति प्रो. कविता शाह ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राजभवन के मार्गदर्शन और सहयोग से विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध, नवाचार और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा मिला है।
इस दाैरान विवि के वाणिज्य विभाग के सहायक आचार्य डॉ. शिवम शुक्ल, रतन सेन स्नातकोत्तर महाविद्यालय बांसी के बीएड विभाग के सहायक आचार्य हंसराज कुशवाहा , राम रतन स्नातकोत्तर महाविद्यालय महराजगंज के शिक्षक डॉ. कमलेश कुमार एवं राजकीय महाविद्यालय तिघोड़वा डुमरियागंज की डॉ. विद्यावती को राज्यपाल ने सम्मानित किया।