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ग्लैडर बीमारी से निपटने का बताया उपाय
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 14 Feb 2017 10:46 PM IST
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प्रशिक्षण दिलाया गया
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सिद्धार्थनगर। निदेशक रोग नियंत्रण व प्रक्षेत्र पशुपालन विभाग के निर्देशन में अश्व प्रजाति में होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए पशुधन प्रसार अधिकारियों का प्रशिक्षण नौगढ़ ब्लॉक सभागार में आयोजित हुआ। ग्लैडर नाम की बीमारी से निदान के लिए एक वृहद कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसमें नोडल अधिकारी के रूप में डॉ. बृजेश पटेल को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
अश्व प्रजाति में होने वाले ग्लैडर नामक बीमारी से बचाव को लेकर आयोजित प्रशिक्षण में पशु चिकित्साधिकारी डॉ. फणीस सिंह ने बताया अश्व प्रजाति की अधिकतर मृत्यु ग्लैडर नाम की बीमारी से हो रही है। यह जीवाणु जनित रोग है, जो घोड़े, गधा और खच्चर वंश के माध्यम से मनुष्यों में फैलता है। बीमारी से मनुष्यों को अधिक खतरा है जो स्वास के माध्यम से प्रभावित होते हैं।
उन्होंने बताया कि सीरम सैंपल लेकर जांच के लिए राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान व शोध संस्थान हिसार भेजा जाएगा। अगले माह से सभी पशु चिकित्साधिकारियों व पशुधन प्रसार अधिकारियों को इस कार्य में लगना है। बीमारी का प्रभाव कम करने के आवश्यक दिशा निर्देश दिए जाएंगे। इस दौरान बृजेश पटेल, डॉ. अरुण प्रजापति, डॉ. जावेद अहमद, डॉ. एके सिंह, दिवाकर मिश्रा, ऋचा शर्मा, प्रियंका श्रीवास्तव और अश्वनी त्रिपाठी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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अश्व प्रजाति में होने वाले ग्लैडर नामक बीमारी से बचाव को लेकर आयोजित प्रशिक्षण में पशु चिकित्साधिकारी डॉ. फणीस सिंह ने बताया अश्व प्रजाति की अधिकतर मृत्यु ग्लैडर नाम की बीमारी से हो रही है। यह जीवाणु जनित रोग है, जो घोड़े, गधा और खच्चर वंश के माध्यम से मनुष्यों में फैलता है। बीमारी से मनुष्यों को अधिक खतरा है जो स्वास के माध्यम से प्रभावित होते हैं।
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उन्होंने बताया कि सीरम सैंपल लेकर जांच के लिए राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान व शोध संस्थान हिसार भेजा जाएगा। अगले माह से सभी पशु चिकित्साधिकारियों व पशुधन प्रसार अधिकारियों को इस कार्य में लगना है। बीमारी का प्रभाव कम करने के आवश्यक दिशा निर्देश दिए जाएंगे। इस दौरान बृजेश पटेल, डॉ. अरुण प्रजापति, डॉ. जावेद अहमद, डॉ. एके सिंह, दिवाकर मिश्रा, ऋचा शर्मा, प्रियंका श्रीवास्तव और अश्वनी त्रिपाठी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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